‘सीरिया-प्रस्ताव’ चीन की विदेश नीति के खिलाफ

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Image caption सीरियाई सरकार का कहना है कि यह प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों के प्रति पक्षपात पूर्ण है.

चीन ने संयुक्त राष्ट्र में सीरिया पर पेश हुए प्रस्ताव को वीटो करने पर सफ़ाई देते हुए कहा है कि उसने यह क़दम अपनी विदेश नीति के तहत ‘निष्पक्षता के सिद्धांत’ के आधार पर लिया है.

चीन ने सीरिया में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ हिंसा को रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों को बाह्य समर्थन देने और सीरिया में जबरन सत्ता परिवर्तन के खिलाफ़ मतदान किया था. संयुक्त राष्ट्र सीरिया पर पेश हुए प्रस्ताव के तहत अरब लीग के सहयोग से सीरिया में सत्ता परिवर्तन और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत की नियुक्ति की बात कही गई थी.

चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र में चीन के प्रतिनिधी वांग मिन ने इस फैसले पर सफाई देते हुए कहा है, ''हम किसी भी रुप में हिंसा के खिलाफ हैं और सीरिया की सरकार से अपील करते हैं कि वो बेगुनाहों के खिलाफ की जा रही हिंसा को जल्द से जल्द खत्म करे.''

चीन के विदेश मंत्री ज़्हाई जुन शुक्रवार से चीन की यात्रा पर हैं और उनकी यात्रा का मकसद सीरिया में जारी संकट का हल खोजना.

चीन की संयुक्त राष्ट्र सभा के सदस्य ज़्हैंग शियाओआन के मुताबिक सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव चीन की निष्पक्ष विदेश नीति और गैर-दख़लंदाज़ी के सिद्धांत के खिलाफ़ है.

चीन के मुताबिक मतदान से पहले इस प्रस्ताव पर सदस्य देशों के बीच बातचीत नहीं हुई थी. ज़्हैंग शियाओआन के मुताबिक इस प्रस्ताव में प्रदर्शनकारियों पर हिंसा को रोकने के लिए कोई दबाव भी नहीं बनाया गया है.

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