चीन ने कहा अलगाववाद का विरोध करें तिब्बती

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Image caption पिछले एक वर्ष में कम से कम 21 तिब्बत समर्थक बौद्ध भिक्षुओं ने आत्मदाह किया है.

चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के एक अधिकारी ने हाल में चीन विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले तिब्बतियों को चेतावनी दी है कि वे पृथकावाद का विरोध और क़ानून का पालन करें.

‘सच्वान डेली’ नाम के सरकारी अख़बार ने लिखा है कि सच्वान कम्यूनिस्ट पार्टी के प्रमुख लिउ क़िबाओ ने भिक्षुओं से कम्यूनिस्ट पार्टी का समर्थन करने को कहा.

लिउ क़िबाओ ने अबा और गांज़ी प्रांत के गांवो और मठों का दौरा भी किया. हाल के दिनों में चीन के इन इलाक़ों में कई भिक्षुओं ने आत्मदाह किया है.

‘सच्वान डेली’ ने लिउ क़िबाओ के हवाले से लिखा है, “हमें हर प्रकार की अलगाववादी गतिविधियों और अपराध के खिलाफ सख़्ती से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि देश की एकता और साधारण क़ानून व्यवस्था बनी रहे.”

'अलगाववाद छोड़ो'

पिछले एक वर्ष में चीनी शासन का विरोध करते हुए कम से कम 21 तिब्बती बोद्ध भिक्षुओं और भिक्षुणियों से आत्मदाह किया है.

सरकारी समाचार पत्र के अनुसार लिउ ने अबा में स्थित बौद्ध मठ कीर्ती का भी दौरा किया.

सरकारी अखबार ने लिऊ के हवाले से लिखा है, “क़ानून के सामने सब बराबर हैं. चाहे आप भिक्षु हों या भिक्षुणी, क़ानून के सामने सब पहले नागरिक हैं. कानून के दायरे के बाहर ना तो बौद्ध मठ हैं और ना ही कोई व्यक्ति.”

संवाददाताओं का कहना है कि चीन में तिब्बती आबादी वाले इलाकों में पिछले चार वर्षों में सबसे भयानक दंगे और अस्थिरता व्याप्त है. पिछले महीने कम से कम तीन घातक प्रदर्शन हुए हैं.

तिब्बत में आगामी बुधवार को नया वर्ष मनाया जाएगा.

अस्थिरता वाले क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मीडिया को नहीं जाने दिया जा रहा है इसलिए वहां से आ रही ख़बरों की पुष्टि करना मुश्किल हो रहा है.

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