बो शिलाई पर जासूसी कराने का आरोप

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Image caption बो शिलाई पर लगे ताजा आरोंप चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बड़े पदों पर आसीन नेताओं के बीच के टकराव और अविश्वास को उजागर करता है.

हाल के वर्षों में चीन के सबसे बड़े राजनीतिक संकट के सूत्रधार और कम्युनिस्ट पार्टी के बड़े नेता रहे बो शिलाई पर पार्टी के दूसरे शीर्ष नेताओं की जासूसी कराने का आरोप लगाया गया है.

बताया जा रहा है कि जिन नेताओं की कथित जासूसी हुई, उनमें चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ का नाम भी शामिल है.

समाचार पत्र न्यू यॉर्क टाइम्स और समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने चीन के सूत्रों के हवाले से कहा है कि शिलाई ने कम्युनिस्ट पार्टी के बड़े नेताओ और अधिकारियों के फोन कॉल्स की जासूसी करने का आदेश दिया था.

उनके इस अभियान के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ने उन्हे कई अहम पदों से बर्खास्त कर दिया.

फिलहाल बो शिलाई के खिलाफ कई मामलों में जांच हो रही है और उनकी पत्नी को ब्रितानी व्यावसायी नील हेवुड की हत्या से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया है.

फोन टैपिग

न्यू यॉर्क टाइम्स ने करीब दर्जन भर सूत्रों के हवाले से बताया कि चोंग चिंग में कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख पद पर रहते हुए बो शिलाई ने फोन टैपिंग का एक बड़ा अभियान चलाया था.

Image caption शिलाई की पत्नी का नाम नील हेवुड की हत्या से जुड़े मामले में प्रकाश में आने से भी उन्हे नुकसान हुआ है.

हालांकि चीन की राजनीति में ये कोई नई बात नहीं है. कम्युनिस्ट पार्टी देश की जनता पर नजर रखने और पार्टी को सत्ता में बनाए रखने के लिए जासूसी अभियान चलाती है.

लेकिन अब ये आरोप लगाया जा रहा है कि चीन की राजनीति के शीर्ष तक पहुंचने की महत्वाकांक्षा में बो शिलाई ने पार्टी के दूसरे बड़े पदाधिकारियों की जासूसी कराई.

दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति हू जिंताओं की भी कम से कम एक फोन कॉल की जासूसी कराई गई थी.

ऐसा पहले भी कहा जाता रहा है कि कम्युनिस्ट पार्टी के नेता दल में अपनी जगह मजबूत बनाए रखने के लिए एक दूसरे के खिलाफ जासूसी कर सबूत जुटाते हैं.

टकराव

बो शिलाई पर लगे ताजा आरोप चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बड़े पदों पर आसीन नेताओं के बीच के टकराव और अविश्वास को उजागर करते हैं.

आधिकारिक रूप से अभी बो शिलाई निलंबित हैं और उनके खिलाफ पार्टी का अनुशासन तोड़ने के आरोप में जांच कराई जा रही है.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने कम्युनिस्ट पार्टी के 'विश्वसनीय' सूत्रों के हवाले से कहा कि शिलाई के कथित जासूसी अभियान को दूसरे नेताओं के खिलाफ चुनौती के तौर देखा गया.

माना ये भी जा रहा था कि बो शिलाई की छवि एक विभाजनकारी नेता के रूप में होने की वजह से उन्हें पार्टी के प्रमुख पद के लिए उपयुक्त विकल्प के तौर पर नहीं देखा जा सकता.

इसके अलावा शिलाई की पत्नी का नाम नील हेवुड की हत्या से जुड़े मामले में प्रकाश में आने से भी उन्हें नुकसान हुआ है.

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