आर्थिक संकट से निबटने की चीन की कोशिश

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Image caption आशंका है कि चीन की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में उम्मीद से ज्यादा बुरे दौर से गुजर सकती.

आर्थिक संकट की आशंका के बीच चीन की सरकार ने कहा है कि देश में निवेश और मांग बढ़ाने के लिए वो कदम उठाएगा.

चीन की सरकार ने कहा कि उर्जा, रेलवे और दूरसंचार के क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा.

वैश्विक मांग घटने से चीन के निर्यात क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है.

चीन के नीतिनिर्धारक इस नुकसान की भरपाई घरेलु मांग से करने की कोशिश में जूझ रहे है.

प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की अध्यक्षता वाले मंत्रिमंडल बैठक के बाद सरकार ने एक बयान में कहा, ''अर्थव्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. मांग बढ़ाने के लिए हमें जल्द ही नीतियां निर्धारित करनी होगी और विकास के लिए उपयुक्त माहौल बनाना होगा.''

चिंताएं

पिछले दिनों में चीन का विकास दर गिरा है. पहली तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था 8.1 फीसदी की दर से बढ़ी है जो कि, पिछले तीन साल में सबसे कम है.

साल 2012 के लिए चीन की सरकार ने 7.5 प्रतिशत का विकास लक्ष्य निर्धारित किया है, जो साल 2004 के बाद सबसे कम है.

हालांकि आशंका ये भी है कि चीन की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में उम्मीद से ज्यादा बुरे दौर से गुजर सकती.

ग्रीस में आम कटौतियों की खिलाफत करने वालों को वहां के मतदाताओं के समर्थन ने चीन के इन आशंकाओं को और हवा दे दी है.

जानकारों का मानना है कि अगर यूरोजोन में आर्थिक संकट और गहराया तो वहां के मांग में कमी आ सकती है जिससे चीन के निर्यात को और झटका लग सकता है.

अर्थव्यवस्था पर संकट की आशंका के बीच आर्थिक विकास अवरूद्ध ना हो इसके लिए चीन अपनी नीतियों में ढील दे रहा है.

चीन के केंद्रीय बैंक ने निर्धारित प्रारक्षित निधि अनुपात में पिछले छह महीनों में तीन बार कटौती की है.

इन कटौतियों से बैंकों के पास उधार देने के लिए ज्यादा धन बचता है. उम्मीद की जाती है कि इससे बाजार में निवेश और मांग बढ़ेगी.

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