वायु गुणवत्ता के आंकड़े को लेकर चीन में बवाल

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Image caption चीन में विभिन्न दूतावासों को कहा गया है कि वे वायु प्रदुषण से जुड़े आंकड़े प्रकाशित न करें

चीन सरकार द्वारा विभिन्न देशों के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को जारी किए गए एक गाइड लाइन को से लगभग सभी अखबारों ने प्रमुखता प्रकाशित किया है. चीन ने अपने देश में मौजूद सभी दूतावासों से कहा है कि वे वायु गुणवत्ता से जुड़े किसी भी आकड़े को प्रकाशित न करें.

चीन के पर्यावरण सुरक्षा उप मंत्री यु जियाक्विंग ने इस बारे में सबसे पहले मंगलवार को बात की. इसके बाद विदेश विभाग के प्रवक्ता ने उसी दिन दोपहर के बाद इस पर प्रतिक्रिया दी.

माना जा रहा है कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह बात अमरीका को निशाना बना कर कही है. अमरीका के बारे में यह इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि वही एकमात्र दूतावास है जो बीजिंग, संधाई और गुआंगजू से एक साथ वायु गुणवत्ता के आकड़े को प्रकाशित करता है. हालांकि सरकार ने किसी देश का नाम नहीं लिया है.

एक जैसा यंत्र

अमरीका के बीजिंग स्थित दूतावास के छत पर वायु गुणवत्ता यंत्र लगा हुआ है और वहा से हर घंटे वायु गुणवत्ता का परिणाम प्रकाशित होता है.

‘चाइना डेली’ ने अमरीका का नाम लिए बगैर कहा है यह किसी देश का ‘कानून तोड़ना’ है और ‘अंतराष्ट्रीय कंवेंशन की अवहेलना’ भी है.

‘संधाई डेली’ का कहना है कि पर्यावरण मंत्री यु जियाक्विंग ने विदेशी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को वायु गुणवत्ता के मामले में ‘चुप्पी साधकर रहने’ के लिए कहा है. अखबार का यह भी कहना है कि अगर यही बात नहीं होती तो सरकार क्यों ऐसा हंगामा मचाती, क्योंकि अमरीकी दूतावास के संधाई और गुआंगजू दूतावासों में तो वही पीएम2.5 मशीनें लगी हैं जिससे सरकार भी प्रदुषण मापती है.

‘बीजिंग न्यूज’ और ‘गुआंगजु साउदर्न मेट्रोपोलिस डेली’ का कहना है चीन सरकार की ‘अपेक्षा’ है कि विदेशी दूतावास इस तरह के आंकड़े प्रकाशित करना ‘बंद’ कर देगें.

अमरीका को नसीहत

लेकिन ‘बीजिंग टाइम्स’ और ‘पीपुल्स डेली ऑवरसीज’ एडिशन का कहना है कि चीन खासकर अमरीका से चाहता है कि वह अपना आंकड़ा प्रकाशित करना बंद कर दें.

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Image caption सरकार कह रही है कि वे डब्लूएचओ के सुझाए न्युनतम आंकड़ो का पालन करती है

‘ग्लोबल टाइम्स’ का कहना है कि अमरीकी दूतावास के प्रवक्ता रिचर्ड बुआनगैन ने अखबारों को बताया है कि इस आंकड़े का इस्तेमाल सिर्फ उनके दूतावास के लोग करते हैं या फिर अमरीकी नागरिक करते हैं.

‘चाइना यंग डेली’ ने पर्यावरण सुरक्षा उप मंत्री यु जियाक्विंग और उनके वरिष्ठ मंत्री जोउ शेंगंजिआंग को उद्धृत करते हुए लिखता है कि विवाद इसलिए हुआ क्योंकि अमरीका उस परिणाम का आकलन उच्च घरेलू स्टैंडर्ड को ध्यान में रखकर कर रहा है.

पर्यावरण मंत्री यु जियाक्विंग ने बीजिंग में एक सम्मेलन ने कहा था कि चीन के वायु प्रदुषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन –डब्लूएचओ- द्वारा बताए गए न्युनतम स्तर के बराबर है.

'उलझ रहा अमरीका'

‘द बायलिंग्वल एडिटोरियल ऑफ ग्लोबल टाइम्स’ का कहना है, “अमरीकी दूतावास बिना मतलब के लगातार घरेलू मसले पर झगड़े में उलझ रहा है.”

“इस तरह वह चीन के उपर दवाब डाल रहा है कि वह कूटनीतिक संधि को तोड़े. इसके लिए चीन के अधिकारियों को अमरीकी दूतावास से बातचीत करनी चाहिए. यह बातचीत अमरीका –चीन के अन्य कई मसलों के लिए भी जरूरी है.”

लेकिन संपादकीय का हेडलाईन इससे अलग है. इसका अंग्रेजी संस्करण कहता है कि इस विवाद में ‘सरकार (चीन) की विश्वसनीयता की अपेक्षा है.’ जबकि इसका चाइनीज संस्करण अमरीका से आग्रह करते हुए कहता है, “वह चीन सरकार के अपील पर सकारात्मक रूख अपनाएं.”

हांग कांग का अखबार ‘मिंग पाउ डेली न्यूज’ के अनुसार यु जियाक्विंग ने चीन के कुछ लोगों के उस बात पर यह ‘उग्र आक्रमक’ प्रतिक्रिया दिया है, जिसमें वे चीन पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह ‘वायु पर प्रभुत्व जमाने’ की कोशिश कर रहे हैं.

अमरीका के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा था कि वायु प्रदुषण का आकलन करना न तो चीन के कानून की अवहेलना करना है और न ही वियना कन्वेंशन का उल्लंधन है. उन्होंने कहा कि अमरीकी दूतावास वायु प्रदुषण के आंकड़ों को प्रकाशित करना जारी रखेगें.

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