परमाणु मामले पर ईरान लचीला रहे:चीन

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Image caption राजनयिक मोर्चे पर ईरान को चीन का समर्थन मिलता है.

चीन ने कहा है कि वो ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर उसके खिलाफ प्रतिबंधों, दबावों और धमकियों का विरोध करता है. साथ ही वो ये भी नहीं चाहेगा कि ईरान परमाणु हथियार बनाए.

चीन के दौरे पर गए ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद से बीजिंग में मुलाकात के बाद चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने कहा कि वो ईरान के मुद्दे को बल प्रयोग से सुलझाने के हक में नहीं हैं.

साथ ही उन्होंने ईरान के परमाणु हथियार बनाने का भी विरोध किया.

राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ऐसे समय में चीन के दौरे पर गए हैं जब उनके देश पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिम देशों का दबाव लगातार बढ़ रहा है.

ईरान के साथ चीन

बीजिंग में अहमदीनेजाद का गर्मजोशी से स्वागत हुआ. दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध रहे हैं जिसका एक कारण ईरान पर चीन की तेल निर्भरता भी है.

अकसर पश्चिमी देशों के निशाने पर रहने वाले ईरान को चीन का राजयनिक समर्थन हासिल है. पश्चिमी देशों को शक है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है जबकि वो इससे इनकार करता है.

चीन ने ईरान से कहा है कि वो संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय आण्विक ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सहयोग करे. आईएईए ईरान के पारचीन सैन्य परिसर का दौरा करना चाहती है जहां परमाणु हथियार बनाए जाने का संदेह जताया जाता रहा है.

इस बीच वियना में ईरान और आईएईए की बातचीत शुरू हो गई है. ईरान का कहना है कि वो आईएईए से सहयोग करेगा ताकि पश्चिमी देशों के आरोपों को गलत सबित कर सके.

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Image caption ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.

चीन ईरान के साथ विवाद को बातचीत से जरिए सुलझाने पर जोर दे रहा है क्योंकि उसे आशंका है कि मध्यपूर्व में किसी तरह के संकट की स्थिति में तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है जो उसकी तेजी से बढ़ती हुई ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

ईरान पर दबाव

समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, ईरान के मुद्दे पर इसी महीने सुरक्षा परिषद के पांचों स्थाई सदस्यों (अमरीका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन) और जर्मनी की बैठक की मेजबानी करने वाले रूस ने भी ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने के खिलाफ चेताया है.

लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ये भी कहा कि ईरान को अत्याधुनिक तकनीक हासिल करने का अधिकार है जिसमें आण्विक ऊर्जा का शांतिपूर्ण इस्तेमाल भी शामिल है. उन्होंने इसी हफ्ते बीजिंग में अहमदीनेजाद से मुलाकात की थी.

उधर अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने ईरान से कहा है कि वो मॉस्को में होने वाली बैठक में ठोस कदमों के बारे में तैयारी के साथ आए.

मॉस्को की बैठक में अगर कोई प्रगति नहीं होती है तो ईरान से तेल खरीदने पर यूरोपीय संघ की रोक पर 1 जुलाई से अमल हो जाएगा.

अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ईरान से दोबारा बातचीत शुरू की, लेकिन इसमें अब तक ज्यादा प्रगति नहीं हुई है.

बुधवार को अहमदीनेजाद ने कहा कि मॉस्को की बैठक में 'वक्त की बर्बादी' के अलावा कुछ और हासिल नहीं होगा, जबकि ईरान के सर्वोच्च परमाणु वार्ताकार सईद जलीली को भी इस बारे में संदेह है कि विश्व शक्तियां इस बैठक को कामयाबी बनाना चाहती हैं.

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