माइक्रोब्लॉगिंग पर लगाम कसेगा चीन

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Image caption चीन में इंटरनेट सेंसरशिप कोई नई बात नहीं है.

चीन ने अपने इंटरनेट नियमों में प्रस्तावित बदलावों की घोषणा की है जिनके तहत माइक्रोब्लॉगिंग और अन्य ऑनलाइन मंचों की गतिविधियों को सीमित किया जाएगा.

इन प्रस्तावों के तहत 'इंटरनेट सेवा प्रदाताओं' की परिभाषा बदली जाएगी जिसमें ब्लॉग, माइक्रोब्लॉग और ऑनलाइन फोरम शामिल की जाएंगी.

एक सरकारी बयान के मुताबिक इससे अवैध ऑनलाइन गतिविधियों को नियंत्रित करने और इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के बीच भरोसा कायम होगा.

चीन नियमित तौर पर इंटरनेट पर विवादास्पद समझे जाने वाले विषयों को सेंसर करता है.

नए नियम

इंटरनेट नियमों में बदलावों का प्रस्ताव स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस और उद्योग व सूचना तकनीक मंत्रालय की वेबसाइट की वेबसाइट पर दिया गया है.

प्रस्तावित नए नियमों के मुताबिक चीन में किसी भी व्यक्ति को इंटरनेट पर कुछ भी डालने के लिए अपनी वास्तविक पहचान के साथ रजिस्टर करना होगा. राजधानी बीजिंग और देश के कई शहरों में इस नियम पर पहले से अमल हो रहा है.

अन्य बदलावों में टेनसेंट और सिना कॉर्प जैसे माइक्रोब्लॉग जैसी वेबसाइटों को प्रशासनिक लाइसेंस लेना होगा.

इटंरनेट कंपनियों को 12 महीने का रिकॉर्ड रखना होगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की मदद करनी होगी.

माइक्रोब्लॉगिंग पर तिरछी नजर

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Image caption चीन में लगभग 50 करोड़ लोग इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं.

अनुमान है कि चीन में 50 करोड़ लोग इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं और इनमें ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है जो सरकारी नीतियों की आलोचना करने और देश में होने वाली कुछ घटनाओ पर अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए माइक्रोब्लॉगिंग का सहारा लेते हैं.

बेहद नियंत्रित चीन के मीडिया में इसकी इजाजत नहीं होती.

चीनी अधिकारी बार बार 'बेबुनियाद अफवाहें' फैलाने के लिए माइक्रोब्लॉग्स को जिम्मेदार बताते रहे हैं.

इन प्रस्तावित बदलावों पर 6 जुलाई तक लोगों से उनकी राय मांगी गई है.

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