चीन की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री लौटी

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Image caption तीनों चीनी यात्रियों की वापसी का टीवी पर सीधा प्रसारण किया गया

चीन की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री 13 दिनों के अभियान के बाद दो अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ धरती पर लौट आई है.

तीनों यात्रियों को लेकर शेंज़ू 9 विमान चीन के क्षेत्र – इनर मंगोलिया – में स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे के करीब उतरा

इसके एक घंटे बाद इस अभियान के अनुभवी कमांडर, 45 वर्षीय जिंग हाइपेंग अपने साथियों 43 वर्षीय लिउ वांग और 33 वर्षीया लिउ यांग के साथ यान से बाहर आए.

तीनों यात्रियों को फिर कुर्सी पर उठाकर कुछ दूर लाया गया.

चीन के सरकारी टीवी चैनल पर उनकी वापसी का सीधा प्रसारण किया जा रहा था जिसमें ये तीनों यात्री मुस्कुराते, हाथ हिलाते, बात करते और सलामी देते दिखाई दिए.

अंतरिक्ष स्टेशन

चीन के ये अंतरिक्ष यात्री 16 जून को उत्तरी चीन में स्थित गोबी रेगिस्थान से अंतरिक्ष गए थे.

ये यात्री पहली बार चीन के एक निर्माणाधीन यान – तिएंगोंग 1 – पर गए थे जो भविष्य के एक अंतरिक्ष स्टेशन का मॉडल है.

चीन ने तिएंगोंग 1 के लिए इस पहले मानव मिशन को चीन के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम की दिशा में एक बड़ा क़दम बताया है.

चीनी महिला अंतरिक्ष यात्री लिउ यांग ने चीन के सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी से कहा,"अंतरिक्ष में हमारा घर, तिएंगोंग 1 बड़ा आरामदेह और आनंददायक है. हमें अपने देश पर गर्व है."

चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम के कमांडर ने तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को बिल्कुल स्वस्थ बताते हुए इस अभियान को पूरी तरह सफल बताया.

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने कहा कि ये अभियान चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक अतिमहत्वपूर्ण प्रगति है.

कार्यक्रम

चीन एक स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की कोशिश कर रहा है जहाँ अंतरिक्ष यात्री काम करेंगे और शेंज़ू 9 अभियान उसी की तैयारी का हिस्सा था.

चीन की योजना अब एक बार फिर वहाँ अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की है.

यात्रा इसी साल होनी थी मगर उसमें देर भी हो सकती है.

चीन मानव अभियानों में काफ़ी सतर्कता बरत रहा है और पिछले अभियान और अभी ख़त्म हुए अभियान के बीच उसने तीन साल का समय लगाया.

अभी तक के कार्यक्रम के अनुसार तिएंगोंग 1 कुछ वर्षों में रिटायर हो जाएगा और उसके स्थान पर 2020 तक एक स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन काम करने लगेगा.

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