कहाँ है दुनिया की महाशक्ति का भावी नेता?

Image caption चीन के उप-राष्ट्रपति शी जिंपिंग एक सितंबर से ग़ायब हैं. ये उसी दिन की तस्वीर है.

दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था और उभरता सुपरपावर नेतृत्व परिवर्तन के कगार पर है लेकिन जिस व्यक्ति के सिर पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख का ताज सज सकता था वो अचानक ग़ायब हो गया है और ये कोई नहीं जानता कि ऐसा क्यों हुआ है.

क्या शी जिनपिंग बीमार हैं? क्या उन्हें हार्ट अटैक हुआ है? क्या उन्हें फ़ुटबॉल खेलते या तैराकी करते वक्त कमर में दर्द उठा है? क्या वो अगले महीने उस दिन की तैयारी कर रहे हैं जिस दिन हू जिंताओ के स्थान पर उन्हें चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का प्रमुख बनाया जाएगा? या फिर ये सत्ता संघर्ष के लिए कोई ख़तरनाक साज़िश है?

चीन के सोशल मीडिया में ये सारी संभावनाएं जताई जा रही हैं.

ऐसा भी कहा गया है कि वे एक कार दुर्घटना में घायल हो गए हैं जो उनके ख़िलाफ़ एक साज़िश के तहत हुई है. लेकिन ये तो दूर की कौड़ी लगती है.

लेकिन सच कोई नहीं जानता क्योंकि चीन की सरकार इस मुद्दे पर ख़ामोश है और कई लोगों के लिए डर का सबब है.

अटकलें, अफ़वाहें और चिंता

जब कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ग़ायब होते हैं तो अटकलें लगाई जाती हैं कि वो दिक्कत में हैं. इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि इस बार भी यही हुआ है लेकिन किसी सरकारी बयान के अभाव में खुलेआम अफ़वाहों का बाज़ार गर्म है.

चीन के नेता आमतौर पर चुपचाप ही रहते हैं. उनकी यात्राओं के बारे में पहले से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं होती और कई बार तो ये नेता कई दिनों तक सार्वजनिक स्थानों पर नहीं दिखते हैं.

Image caption चार मई, 2012 के दिन राष्ट्रपति हू जिंताओ (दाएं) और प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ (बाएं) के साथ शी जिनपिंग (मध्य में)

लेकिन शी चीन के उप-राष्ट्रपति हैं और हू जिंताओ के उत्तराधिकारी भी. और वे विदेशी नेताओं से अपनी मुलाक़ातें रद्द कर रहे हैं.

उन्हें अंतिम बार एक सितंबर को देखा गया था. गत बुधवार अंतिम समय में उन्होंने हिलेरी क्लिंटन के साथ मुलाकात को रद्द कर दिया था. अमरीकी अधिकारियों को लगता है कि उन्हें पीठ में दर्द है.

अगले दिन यानि गुरुवार को शी ने डेनमार्क के प्रधानमंत्री से मुलाकात भी रद्द कर दी. वे प्रधानमंत्री से सोमवार को मिलने वाले थे. डेनमार्क के अधिकारियों को नहीं मालूम ऐसा क्यों हुआ.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ‘चीनी नेतृत्व के एक करीबी ने कहा है कि शी को तैराकी करते वक्त पीठ में चोट लगी है’ ख़बर में इस बात का कोई ज़िक्र नहीं है कि चोट कैसे और कब लगी. एक अन्य स्रोत के अनुसार शी अस्वस्थ हैं लेकिन ये कोई बड़ी बीमारी नहीं है.

‘कुछ नहीं कहना है’

लेकिन चीन के आर्थिक और राजनीतिक महत्त्व को देखते हुए ये अनिश्चितता एक समस्या है. और अगर शी अगले दस वर्षों के लिए चीन का नेतृत्व संभालने वाले हैं तो उनका स्वास्थ्य कम्युनिस्ट पार्टी, चीन और सारी दुनिया के लिए एक चिंता का विषय होना चाहिए.

हू जिंताओ के नेतृत्व में चीन पिछले दस सालों में अभूतपूर्व ढंग से बदला है. लेकिन जो चीज़ नहीं बदली है वो है वहां के नेताओं के बाद रहस्यमय स्थिति.

उनकी सेहत, व्यक्तिगत ज़िंदगी और परिवार के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं होता लेकिन बदलते दौर में इसे छिपा पाना मुश्किल होता जा रहा है.

चीन का विदेश मंत्रालय इस बार ये नहीं बता पा रहा है कि शी कहां हैं या वे इतने दिनों से सार्वजनिक रूप से आधिकारिक ज़िम्मेदारियां क्यों नहीं निभा रहे हैं. बार-बार पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग ली कहते हैं, “मैं इस बारे में कई बार पत्रकारों के सवालों का जवाब दे चुका हूं. मुझे और कुछ नहीं कहना है. ”

इस सारे मुद्दे ने चीन में नेतृत्व परिवर्तन में एक और नई अनिश्चितता जोड़ दी है. नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा पहले ही बो शिलाई के स्कैंडल से जटिल हो गया था क्योंकि पहले कहा जा रहा था कि बो शिलाई ही नए नेता बनने वाले हैं.

तो जब तक शी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आते, तब तक अनिश्चितता बरक़रार रहेगी.

लेकिन एक ऐसे देश में जो दुनिया के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण और जहां के लोग इंटरनेट से जुड़े हुए हैं, वहां पहले जैसे लुका-छिपी का खेल ज़्यादा दिन चलने वाला नहीं है.

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