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 क्रिकेट वर्ल्ड कप
शुक्रवार, 21 मार्च, 2003 को 15:41 GMT तक के समाचार
'कप की कुंजी सचिन होंगे'
सारा दारोमदार सचिन पर होगा
सारा दारोमदार सचिन पर होगा



क्रिकेट में लैप टॉप का इस्तेमाल करनेवाले पहले कोच और दक्षिण अफ़्रीका को कामयाबी की उंचाईयों तक पहुंचाने वाले बॉब वूलमर का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया और वर्ल्ड कप के बीच अगर कोई है तो वो है सचिन तेंदुलकर.

बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में वूलमर ने कहा कि रविवार को खेले जानेवाले फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया की टीम ज़्यादा शक्तिशाली ज़रूर दिख रही है लेकिन जिस तरह से भारतीय टीम इस मुक़ाबले में उभर कर आई है उससे यही लगता है कि मामला कांटे का होगा.

और उनका कहना है कि इसमें मुख्य भूमिका सचिन तेंदुलकर की होगी.


बॉब वूलमर
वूलमर कहते हैं," भारत की सफलता की कुंजी सचिन हैं. विश्व क्रिकेट में यदि कोई बल्लेबाज़ आस्ट्रेलिया के गेंदबाज़ों की बराबरी करता है तो वो है सचिन तेंदुलकर.''

उनका मानना है सचिन के बल्ले से बने 90 या सौ रन मैच को बदल दे सकते हैं.

लेकिन साथ ही वूलमर की चेतावनी भी है भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए ब्रेट ली और ग्लेन मैग्रॉ के ख़िलाफ़.

भारतीय रणनीति

उनका कहना है कि इन दोनों गेंदबाज़ों से भारतीय बल्लेबाज़ों को संभलकर रहना होगा.

वो कहते हैं ली के ख़िलाफ़ सबसे अच्छी रणनीति यही होगी कि ख़राब गेंद का इंतज़ार करें और उनके गेंदों की तेज़ी को रन बनाने में इस्तेमाल करें.

वूलमर का कहना है,"ली की गेंदों को मारकर उन्हें हमले से बाहर कर देने की कोशिश करना ग़लत हो सकता है. मैग्रॉ के तीन चार ओवर देखकर उनके लाइन को ध्वस्त करने की कोशिश करना ठीक होगा क्योंकि उनका मुख्य हथियार उनके गेंदों की उछाल है.''

उन्होंने कहा भारतीय गेंदबाज़ों को इनके अलावा जो गेंदबाज़ हैं उनसे रन बटोरने की कोशिश ज़्यादा करनी होगी.

वांडरर्स का पिच आमतौर पर बल्लेबाज़ों की मदद करता है और अभी तक खेले गए मैचों में 77 प्रतिशत से ज़्यादा मैच बाद में बल्लेबाज़ी करनेवाली टीम ने जीते हैं.

इसलिए वूलमर कहते हैं कि टॉस का कोई ज़्यादा महत्व इस मैच में नहीं होगा.

भारतीय गेंदबाज़ों के लिए वूलमर की क्या सलाह होगी?

कहते हैं," बहुत सारा अनुशासन और लगातार गेंद की तेज़ी में बदलाव. गेंद को एक ही जगह गिराएं जिससे ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ उन्हें एक ही दिशा में मारें और वहां अपने फ़ील्डर रखें. साथ ही उनके बल्लेबाज़ों द्वारा अपनाई जा रही नई रणनीति पर लगातार नज़र रखें.''

और फ़ाइनल की सुबह के लिए वूलमर की सलाह केवल यही है फ़ाइनल वही जीतेगा जो दिमाग से मज़बूत होगा.

वो कहते हैं," शांत रहकर खेल का आनंद उठाएं, भीड़ की चिंता नहीं करें और ये कभी नहीं सोचें की क्या होगा. शाम को आपके हाथ में कप होगा या नहीं इसकी चिंता नहीं करने की ज़रूरत है बल्कि सामने जो गेंदबाज़ है उसपर कैसे पार पाया जाए, ये सोचने की ज़रूरत है.''
 
 
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