मानव-कल्याण के लिए फ़िल्में बनाता हूं: गुरमीत राम रहीम

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एमएसजी सिरीज़ की दो फ़िल्मों के बाद गुरमीत राम रहीम अपनी तीसरी फ़िल्म 'एमएसजी द वारियर्स-लॉयन हार्ट' के साथ एक बार फिर पर्दे पर आने को तैयार हैं.

वैसे लोग गुरमीत राम रहीम को संत भी मानते है लेकिन फ़िल्मों में बढ़ती उनकी रूचि के कारण लोग अब उन्हें संत से ज़्यादा अभिनेता मानने लगे हैं.

लेकिन बाबा का कहना है, "मैं एक संत था, हूं और रहूंगा. फ़िल्म निर्माण तो मैं मानव कल्याण के उद्देश्य से करता हूं."

लेकिन बाबा का यही उद्देश्य हंसी का विषय भी बन रहा है.

गुरमीत सिंह के मुताबिक़, "मैं अपना काम कर रहा हूं, हंसने वालों के लिए यही कहूंगा कि अगर कोई हंस रहा है तो यह भी एक इलाज ही है और रही बात आलोचना की तो आलोचना उनकी कीजिए जो समाज में नंगा नाच दिखाते हैं, समाज की बुराई और बुराइयों के कारण समाज का जो नाश हो रहा है उसकी आलोचना करें. नशे की आलोचना करें जिसकी वजह से हमारे युवा बर्बाद हो रहे हैं."

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जब से सवाल पूछा गया उनके फ़िल्म निर्माण का उद्देश्य सामाजिक है. तो उन्हें अपनी फ़िल्म लोगों को मुफ्त में दिखानी चाहिए.

इस पर वो कहते हैं, "फ़िल्म की कमाई से हम लोगों का इलाज़ फ्री में ज़रूर करवाएंगे. इस विषय पर फ़िल्म के प्रोड्यूसर से हमारी बात हो गई है. हम कोशिश कर रहे हैं कि फ़िल्म को टैक्स फ्री कर दिया जाए. लेकिन पूरी तरह फ्री कर पाना मुश्किल है, क्योंकि फ़िल्म में जिन लोगों ने पैसा लगाया है उनको भी तो अपना पैसा वापस चाहिए."

इसके अलावा वे कहते हैं, "वो अमिताभ बच्चन या शाहरुख़ के साथ तब तक फ़िल्म नहीं करेंगे, जब तक उनकी फ़िल्मों में अश्लीलता रहेगी."

उनके मुताबिक़, "हॉलीवुड की फ़िल्म 'अवतार' हिंदू भगवान हनुमान के जीवन पर आधारित है."

गुरमीत रहीम का मानना है, "उनकी नई फ़िल्म में जो एलियन दिखाए जा रहे हैं वो अंधविश्वास नहीं है. क्योंकि वेदों में लिखा है इस दुनिया के अलावा भी कई दुनिया हैं."

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कॉमेडियन कीकू शारदा प्रकरण में गुरमीत रहीम की खूब किरकिरी हुई थी. लेकिन इस बारे में उन्होंने कभी कोई बयान नहीं दिया.

अब वे इस मामले में अपना पल्ला झाड़ते हुए कहते हैं, "कीकू ने मेरी जो मिमिक्री की थी वह स्वस्थ मिमिक्री नहीं थी. उन्होंने मेरी मिमिक्री में मुझे नोट बांटते हुए और लड़कियों के साथ शराब पीते हुए दिखाया था. जो हमारे लोगों को बुरा लगा. हम तो लोगों की शराब छुड़ाते हैं और अब तक छह करोड़ लोगों को शराब की लत से छुटकारा दिला चुके हैं."

हालांकि हमने अपने लोगों से कहा था कि कीकू को माफ़ कर दें. मैंने तो उसे तभी माफ़ कर दिया था. मैंने उन्हें जेल में बंद नहीं करवाया. अब तो मामला ख़त्म भी हो चुका है.

उनकी पिछली दोनों फ़िल्मों को लेकर खूब विवाद हुआ था और पंजाब में इन फ़िल्मों पर बैन भी लगाया गया था.

गुरमीत के मुताबिक़, "लोग फ़िल्म बिना देखे ही विवाद शुरू कर देतें हैं. पहले लोग फ़िल्म देखें फिर तय करें कि फ़िल्म में क्या चीज विवाद के लायक है. सच बात तो यह हैं कि ना तो मेरी पिछली फ़िल्म में कोई चीज विवाद जैसी थी ना इस बार है."

उनपर हरियाणा में कुछ आपराधिक मामले भी दर्ज हैं. वहीं मोदी सरकार का फेवर लेकर इन मामलों को दबाने का भी आरोप लगता रहा है.

गुरमीत के मुताबिक़, "मैंने कभी भी बीजेपी सरकार का समर्थन नहीं किया बल्कि कन्या भ्रूण हत्या और नशा मुक्ति जैसी चीजों को लेकर एक एफिडेविड बनवाने को कहा था और जो भी इस एफिडेविड में हस्ताक्षर करे उसी को वोट देने की बात की थी. लोग अर्थ का अनर्थ निकालें तो मैं क्या कर सकता हूं."

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