अमिताभ: 47 साल से यही हो रहा है, अब क्या विशेष

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बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन 74 साल के हो रहे हैं. उनसे बीबीसी की ख़ास मुलाकात.

"आप लोगों के लिए यह एक आम दिन नहीं होता, ख़ास होता है, फ़ैन आते हैं, बधाई देते हैं, सवाल पूछते हैं, इस साल क्या करेंगे, क्या प्लान करेंगे, अब क्या कहें इस पर ?"

11 अक्तूबर को अमिताभ बच्चन 74 वर्ष के हो जाएंगे और बीबीसी से विशेष बातचीत में वो बताते हैं,"47 वर्ष हो गए हैं मुझे यहां इंडस्ट्री में और हर साल एक जैसे ही सवाल होते हैं. मैं लोगों को प्यार के लिए उन्हें धन्यवाद करता हूं और अब जन्मदिन पर क्या कहूं, बस सांस चल रही है."

मुंबई के जूहू बीच से कुछ दूरी पर ही अमिताभ बच्चन का बंगला जलसा स्थित है और उनके फ़ैन्स दिन भर उनकी एक झलक के लिए बाहर खड़े रहते हैं.

इस घर के पीछे ही मौजूद है उनका और उनके बेटे अभिषेक बच्चन का दफ़्तर जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं और अक्सर मीडिया से मिलने अमिताभ यहीं मीडिया को बुलाते हैं.

इस इमारत के दरों दीवार पर सिर्फ़ अमिताभ ही छाए हुए हैं, यह एक तरह से उनके मंदिर या उनके संग्रहालय जैसा है जहां दीवरों पर तस्वीरें, तकियों पर बने प्रिंट यहां तक की कमरे में रखी मूर्तियां भी अमिताभ की ही हैं.

यह सभी चीज़ें उन्हें उनके लाखों करोड़ों फ़ैन्स ने भेजी हैं और जिन्हें अमिताभ ने संभाल कर रखा है.

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लेकिन अपने जन्मदिन को सदी के महानायक, एंग्री यंगमैन, बिग बी इतना बड़ा नहीं मानते, "देखिए यह सब नाम, ख़िताब तो आपके दिए हुए हैं, मैं तो बस अपना काम कर रहा हूं, किसी इमेज को मैं अपना नहीं मानता. ये आपका प्यार है कि आप मुझे विशेष मानते हैं."

अमिताभ अपनी हालिया फ़िल्म पिंक की सफलता को अपने जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफ़ा मानते हैं और कहते हैं, "इस फ़िल्म के बाद सिर्फ़ भारत से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी हमें प्रतिक्रिया मिली, जो मुझे खुशी देती है."

वो कहते हैं, "महिलाओं ने कहा कि आपकी इस फ़िल्म ने हमारे कई भावों को आवाज़ दी है और आपका शुक्रिया कि आपने यह फ़िल्म की."

अमिताभ जो 47 वर्षों से हिंदी फ़िल्म जगत में सक्रिय हैं, कई हिट फ़िल्में दे चुके हैं और मानते हैं कि इस दौरान उन्होने कई दौर देखे जो चुनौतीपूर्ण थे, "मैं इन चार दशकों में से किसी एक को श्रेष्ठ या किसी एक को ख़राब नहीं कह सकता."

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वो जोड़ते हैं, "इस सफ़र का हर दिन एक चुनौती थी जिसे मैंने जिया है, मैं कैसे कह सकता हूं कि जो बुरा दौर बीत गया वही सबसे कठिन था और अब ऐसा नहीं होगा."

अमिताभ संयंमित होते हुए कहते हैं, "मैं अंतिम समय तक काम करना चाहता हूं और पीछे मुड़ कर देखना नहीं चाहता क्योंकि यही मेरी खव्वाहिश है कि आगे और नई चीज़ें आएं और मुझे पीछे न मुड़ना पड़े."

अमिताभ किसी भी विषय या विवादित मुद्दे पर सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते हैं और वो किसी कलाकार का नाम लेकर उसके बारे में बात करने से कतरातें हैं.

ऐसा करने के कई कारण हैं जिनमें से एक है कि उनकी कही बातों को तुरंत बहस का विषय बना लिया जाता है और ऐसे में विवादित मुद्दों पर वो अपनी निजी राय को निजी रखना ही पसंद करते हैं.

लेकिन बॉलीवुड के बारे में वो एक बात ज़रूर कहते हैं, "इतने वर्षों में हर साल मैंने सुना है कि फ़िल्म इंडस्ट्री की फ़िल्में फ़्लॉप हो रही हैं और अब यह इंडस्ट्री बंद हो जाएगी लेकिन उस ज़माने से, जब से हमने शुरू किया था और आज तक, देखिए यह ज़िंदा है और यकीन मानिए ज़िंदा रहेगी."

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अपनी आज तक की पसंदीदा फ़िल्म पर अमिताभ फिर बोले,"मुझे तो अपना हर किरदार अच्छा लगता है, सात हिंदुस्तानी से लेकर पिंक तक सभी फ़िल्मों में, किरदारों में कुछ गुण थे, कमियां थी और वो मुझे पसंद रहे, उनकी आलोचना आप लोगों ने की लेकिन मैं तो आज और आने वाले कल की चुनौती को सोच रहा हूं. फिर भी एक नाम देना है तो अभी पिंक का ले लीजिए."

47 वर्षों में अमिताभ ने दिलीप कुमार, शशि कपूर, राजेश खन्ना, रेखा, हेमा मालिनी, धर्मेंद्र जैसे कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया है लेकिन अपने किसी सह कलाकार, सह अभिनेत्री या निर्देशक का नाम वो नहीं लेते, "आप काफ़ी समझदार दिखते हैं, आप बताएं, कैसे तारीफ़ के लिए किसी एक का नाम ले लें, सभी का योगदान है यहां तक के सफ़र में, वो सभी किसी न किसी तरह तरह से बेहतर थे. ऐसे किसी का नाम ले लें और कैसे किसी को छोड़ दें. जो छूटेगा उसके साथ नाइंसाफ़ी होगी."

पाकिस्तानी कलाकारों पर हाल ही में लगे बैन को अमिताभ ने पूरी तरह से सरकार और फ़िल्म एसोसिएशन की ज़िम्मेदारी माना और कहा कि उन्हें ही इस पर फ़ैसला लेना चाहिए और अगर सरकारें समझती हैं कि बैन सही है तो हम कलाकार पालन करेंगे.

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परिवार के बारे में सवाल पूछन पर अमिताभ ने कहा कि आप 11 तारीख़ को घर आएं उस दिन भी हम मीडिया से मुख़ातिब रहेंगे और कई बातों पर बात होगी.

हालांकि पनामा पेपर, रेखा, रिटायरमेंट, राजनीति जैसे किसी भी मुद्दे पर अमिताभ बात करेंगे इसकी संभावना काफ़ी कम है, लेकिन वो शायद यही बातें अपने जन्मदिन पर दोहरा सकते हैं.

बीबीसी के दर्शकों के लिए अमिताभ ने एक ख़ास कविता भी पढ़ी है जिसे आप हमारे वीडियो इंटरव्यू में देख सकते हैं.

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