सितारों को भी डिप्रेशन होता है : रवीना टंडन

इमेज कॉपीरइट AFP

ग्लैमर जगत की चमक-दमक भरी दुनिया में भला अवसाद जैसी मनःस्थिति के लिए जगह कहां?

लेकिन अभिनेत्री रवीना टंडन का कहना है कि आम लोगों की तरह फ़िल्म-जगत के सितारे भी अवसाद से गुजरते हैं.

रवीना के मुताबिक़ सफलता के बाद जब असफलता का दौर शुरू होता है, तो बड़े-से-बड़े सितारे भी डिप्रेशन में जा सकता है.

मनोचिकित्सक अंजलि छाबरिया द्वारा लिखित किताब 'डेथ इज नॉट द आंसर' के विमोचन पर पहुंची रवीना ने कहा कि, "फ़िल्मी हस्तियां होने के साथ ही हम एक आम इंसान भी हैं और हमें भी वह दर्द होता है, जो अन्य लोगों को होता है."

वो कहती हैं, 'ऐसा नहीं है कि हम सेलिब्रिटी हैं तो हमें ऐसी कोई अनुभूति नहीं होती है.'

महिलाओं के बीच बढ़ रही आत्महत्या की प्रवृति पर चिंता जाहिर करते हुए रवीना कहती हैं कि, "भारत में इस मामले में जो आंकड़े सामने आते हैं, उनमें आत्महत्या करने वाले 10 में से 6 महिलाएं होती है. यह गंभीर मुद्दा है और इसका गंभीरता से समाधान भी किया जाना चाहिए."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे