माहिरा को 'रईस' का प्रमोशन न कर पाने की कसक

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'रईस' में शाहरुख़ ख़ान के साथ पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा ख़ान मुख्य भूमिका में हैं. फ़िल्म के प्रमोशन में जहाँ शाहरुख व्यस्त हैं, माहिरा नज़र नहीं आ रहीं.

बीबीसी उर्दू से ख़ास बातचीत में माहिरा ने अपना दुख ज़ाहिर किया है. उन्होंने कहा, "मेरी खुशी में दुख भी है. यह फ़िल्म बहुत ख़ास है. जिस एक्टर को देख कर मैं बड़ी हुई, उसी साथ काम भी किया. मुझे खुशी है कि अपने देश से बाहर जाकर काम किया.''

माहिरा ने कहा, ''पर मुझे दुख है कि मैं प्रमोट नहीं कर सकती- यह एक कसक भरी ख़ुशी है. मैंने मेहनत की है. शाहरुख़ को देख कर मैंने ख़्वाब बुने हैं." माहिरा ख़ान ने कहा यहां तक कहा कि उन्हें अब बोलने में डर लगता है.

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Image caption रईस में शाहरुख़ ख़ान

कश्मीर के उड़ी में चरमपंथी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में आए तनाव का असर बॉलीवुड में काम कर रहे पाकिस्तानी कलाकारों पर पड़ा. कुछ दलों ने पाकिस्तानी कलाकारों के बॉलीवुड में काम करने का विरोध किया और इन्हें बैन करने की बात कही. बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तानी कलाकार भारत नहीं आ रहे हैं.

माहिरा ख़ान पाकिस्तान की टॉप अभिनेत्रियों में से हैं और बॉलीवुड में 'रईस' उनकी पहली हिंदी फ़िल्म है. माहिरा को कुछ लोग पाकिस्तान की माधुरी दीक्षित भी कहते हैं.

हालांकि भारतीय टीवी दर्शकों के लिए माहिरा नई नहीं है. पाकिस्तानी टीवी सीरियल 'हमसफ़र' के ज़रिए उन्होंने लाखों भारतीय फ़ैन बटोरे हैं. उन्होंने कहा, "मुझे दुख है कि इसके प्रमोशन में हिस्सा नहीं ले सकती, लेकिन मैं जानती हूँ कि ये मेरे बस में नहीं है. इसमें मैंने जान लगाई है, इसलिए उम्मीद करती हूं कि लोगों को पसंद आए."

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कारण जौहर की "ऐ दिल है मुश्किल" में फ़वाद ख़ान के वक़्त माहौल कुछ और था. ट्रेलर में भी वो ज़्यादा नहीं दिखे थे. हालांकि रईस अलग है. पोस्टर पर माहिरा ख़ान हैं, ट्रेलर में हैं और गानों में भी हैं. उन्होंने कहा, "मुझे 'ऐ दिल है मुश्किल' में क्या हुआ नहीं पता. मुझे खुशी है कि 'रईस' में जो कहानी मुझे सुनाई गई वैसा ही मेरा रोल है."

अभी दोनों मुल्क़ों के ताज़ा हालात के बीच उनका हिंदुस्तान लौटना मुश्किल ही लगता है. इस कसक को माहिरा बख़ूबी महूसस करती हैं.

उन्होंने कहा, "मुझे दुख है कि शायद मैं इम्तियाज़ अली, मणिरत्नम, विशाल भारद्वाज जैसे कुछ डायरेक्टर्स के साथ काम नहीं कर पाऊंगी, लेकिन मैं ऐसा नहीं सोचती कि मेरा करियर का क्या होगा. चाहे आप जितनी ख़्वाब पाल लो पर ज़िंदगी का क्या पता. इस साल ने मुझे ये सीख दी कि सब आपके सोचने से नहीं होगा. मुझे नहीं पता आगे क्या होगा."

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2011 में माहिरा पाकिस्तानी फ़िल्म 'बोल' में नज़र आई थीं. बोल भारत में रिलीज़ होने वाली चंद पाकिस्तानी फ़िल्मों से एक है. पिछले साल उन्होंने फ़िल्म 'मंटो' में भी काम किया था.

कुछ विवादों से जुड़ी माहिरा ख़ान और सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग भी हुई. माहिरा ख़ान ने कहा , " मैंने पिछले दो सालों में सीखा है कि जो बोलो सोचकर बोलो. पहले मैं इतना नहीं सोचती थी. पर अब मुझे बोलने से डर लगता है."

उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के लोगों ने उन्हें प्यार भी दिया है. "मुझे भारत और पाकिस्तान से काफ़ी प्यार मिला है. मैं अपने प्रशंसकों को शुक्रिया कहती हूँ. इन्होंने मेरा साथ दिया तब दिया जब मेरा बुरा वक़्त था. मैं मरते दम तक एक्टिंग करूँगी . मुझे और कुछ नहीं भाता. मुझे इसमें खुशी मिलती है."

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