टी-20 के लिए हौसले बुलंद हैं भारत के

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Image caption विराट कोहली

भारत और इंग्लैंड के बीच गुरूवार को तीन टी-20 अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच कानपुर में खेला जाएगा.

इससे पहले भारत ने इंग्लैंड को टेस्ट सिरीज़ में 4-0 से और एकदिवसीय सिरीज़ में 2-1 से हराया था.

तीसरे और आखिरी एकदिवसीय मैच में इंग्लैंड ने भारत को बेहद रोमांचक मैच में केवल पांच रन से मात दी.

इससे इंग्लैंड को थोड़ी राहत ज़रूर मिली होगी.

इससे पहले खेले गए दोनो मैचो में भी इंग्लैंड ने भारत को ज़बरदस्त टक्कर दी.

इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि टी-20 मुक़ाबले भी ज़ोरदार होंगे.

दोनो ही टीमो में एक से बढ़कर एक बल्लेबाज़ हैं.

हांलाकि भारतीय टीम में कई परिवर्तन हुए है.

आर अश्विन, रविंद्र जडेजा के अलावा केदार जाधव, शिखर धवन, और अजिंक्य रहाणे टीम का हिस्सा नही हैं.

सुरेश रैना, अमित मिश्रा, परवेज़ रसूल, आशीष नेहरा और मनीष पांडेय टी-20 सिरीज़ में भारत की टीम में शामिल हैं.

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Image caption सुरेश रैना-विराट कोहली

सुरेश रेना ने अपना पिछला टी-20 मैच पिछले साल मार्च में टी-20 विश्व कप में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ खेला था.

वह सेमीफाइनल मुक़ाबला भारत दो गेंद शेष रहते सात विकेट से हार गया था.

तब बल्लेबाज़ी में सुरेश रैना का नम्बर नही आया था.

आशीष नेहरा और युवराज सिंह भी तब भारत की टीम में थे.

गेंदबाज़ी में अमित मिश्रा के पास आईपीएल के मैचो का विशाल अनुभव है और अब अनुभव की कमी परवेज़ रसूल के पास भी नही है.

भले ही वह भारत के लिए केवल एक एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेले है.

दरअसल रसूल घरेलू स्तर पर रणजी ट्रॉफी के अलावा, भारत ए और आईपीएल में पुणे वारियर्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंग्लौर और सनराईजर्स हैदराबाद के लिए खेल चुके है. युवराज सिंह तो एकदिवसीय सिरीज़ में इंग्लैंड के ख़िलाफ शतक बनाकर अपना दमख़म दिखा चुके है.

टी-20 सिरीज़ में भारत के कप्तान विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह पर सबसे अधिक ज़िम्मेदारी रहेगी.

Image caption युवराज सिंह-विराट कोहली-महेंद्र सिंह धोनी

हार्दिक पांड्या ने जिस तरह से एकदिवसीय मैचो में नाबाद 40, नाबाद 19 और 56 रनो की पारी खेली उससे वह भरोसेमंद आलराउंडर बनकर उभरे हैं.

केएल राहुल भले ही एकदिवसीय सिरीज़ में नही चले लेकिन टी-20 क्रिकेट में उनकी वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ नाबाद 110 रनो की पारी को भुलाना आसान नही है.

उनकी इस पारी की मदद से भारत ने टी-20 में अपना सर्वोच्च स्कोर 4 विकेट पर 244 रन बनाया था.

युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत भी टीम में हैं, लेकिन अंतिम ग्यारह में कौन होगा इसका फ़ैसला कप्तान पर ही निर्भर है.

दूसरी तरफ इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन एकदिवसीय सिरीज़ में हार के बावजूद अपनी टीम के खिलाड़ियो के प्रदर्शन से खुश है.

मोर्गन ने कटक में शतक बनाया.

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Image caption इयोन मोर्गन

उनके अलावा सलामी बल्लेबाज़ जेसन रोय तीनो मैचो में अर्धशतक जमाने मे कामयाब रहे.

जो रूट ने भी बेहतरीन बल्लेबाज़ी की.

जोस बटलर और बेन स्टोक्स के अलावा मोईन अली भी भारतीय गेंदबाज़ी के लिए खतरा हो सकते है.

इंग्लैंड के तमाम गेंदबाज़ भारत में विकेट के लिए तरसते रहे है.

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Image caption मोईन अली

इतना ही नही वह बेहद खर्चीले भी साबित हुए है.

इसके बावजूद यह इंग्लैंड की लगभग वही टीम है जो पिछले साल भारत में आयोजित हुए टी-20 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल तक जा पहुंची थी.

हांलाकि फाइनल में कार्लोस ब्रैथवेट ने बेन स्टोक्स के आखिरी ओवर में एक के बाद एक छक्के लगाकर वेस्ट इंडीज़ को चैम्पियन बनाया.

ख़ैर जो भी हो अब इंग्लैंड टेस्ट और एकदिवसीय सिरीज़ हारने के बाद चाहेगा कि कम से कम टी-20 सिरीज़ तो अपने नाम करे.

इससे पहले साल 2012 में इंग्लैंड और भारत के बीच दो टी-20 मैचो की सिरीज़ 1-1 से बराबर रही थी.

वैसे भारत और इंग्लैंड के बीच अभी तक आठ टी-20 मैच खेले गए है. इनमें से इंग्लैंड ने पांच जीते है और तीन हारे है.

दूसरी तरफ भारत के कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि टीम जीत की लय को बरक़रार रखना चाहेगी.

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