जब प्रियंका चोपड़ा ने तोड़ दी थी एक लड़की की नाक

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Image caption प्रियंका चोपड़ा की मां मीरा आश्वस्त हैं कि उनकी बेटी अपना ख़्याल ख़ुद रख लेंगी

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अमरीका में अपने टेलीविज़न शो 'क्वांटिको' और हॉलीवुड फ़िल्म 'बेवॉच' में काफ़ी व्यस्त है.

एक वक़्त था जब उन्हें उसी देश में नस्लवाद का शिकार होना पड़ा था.

प्रियंका 13 साल की उम्र में शिक्षा के लिए अमरीका गई थीं. उन्हें रंगभेद और नस्लवाद से जुड़ी कई टिप्पणियों का सामना करना पड़ता था.

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प्रियंका की माँ मधु चोपड़ा ने बताया की एक बार प्रियंका ने नस्लवादी टिप्पणी करने वाली एक लड़की की नाक तोड़ दी थी.

'गोरे-काले का भेदभाव उस समय भी था'

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Image caption गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड समारोह में कुछ इस अंदाज में दिखीं प्रियंका चोपड़ा

बीबीसी से ख़ास बातचीत में मधु चोपड़ा ने कहा, "प्रियंका का रंग सांवला था. बॉस्टन के जिस स्कूल में वह पढ़ती थी, वहाँ 99 % छात्र गोरे थे. उस दौरान गोरे-काले का भेदभाव होता ही रहता था. इससे प्रियंका का आत्मविश्वास डगमगाया हुआ था."

उन्होंने आगे जोड़ा, "मैंने उसे समझाया, तुम्हें सब स्थितियों के लिए आपने आप को तैयार करना पड़ेगा. उसके बाद वह पढ़ाई, खेल, संगीत सब में अव्वल आने लगी."

वे आगे कहती हैं, "जिस लड़की ने उसके सांवले रंग पर टिप्पणी की थी, प्रियंका ने उसकी नाक तोड़ डाली थी. मुझे स्कूल में बुलाया गया था, पर मैंने स्कूल वालों से कहा की प्रियंका ने अपनी आत्मरक्षा में ऐसा किया है."

अमरीका में डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद वहां नफ़रत की वजह से होने वाले अपराधों में बढ़ोतरी हुई है.

वहां काम कर रही प्रियंका की सुरक्षा को लेकर उनकी माँ मधु चोपड़ा थोड़ी घबराई हुई है, पर उन्हें यकीन है की प्रियंका अपनी देखभाल करना जानती है.

'प्रियंका मजबूरी में नहीं गई हैं अमरीका'

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मधु चोपड़ा ने बीबीसी से कहा, "प्रियंका भारतीय है, अगर कुछ बुरा हुआ तो वापस आ जाएंगी. वे मज़बूरी में वहाँ नहीं रह रही हैं. उन्हें प्रियंका की ज़रूरत है. माँ होने के नाते थोड़ा डर लगता है, पर वे कभी अकेले बाहर नहीं जाती, प्रियंका के साथ हमेशा सुरक्षाकर्मी होते है."

सदी के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन ने संजय लीला भंसाली की फ़िल्म बाजीराव मस्तानी में प्रियंका के अभिनय से प्रभावित हो कर उनकी तारीफ़ में उन्हें एक चिट्ठी लिखी.

लेकिेन अभिनय के लिए अमिताभ बच्चन से तारीफ की पहली चिट्टी प्रियंका को 17 साल की उम्र में ही मिल गई थी.

'मिस इंडिया' का खिताब जीने के बाद प्रियंका को लखनऊ में 'अवध सम्मान' के लिए बुलाया गया, जहाँ अमिताभ बच्चन को भी सम्मानित किया गया था.

मंच पर पहुंची प्रियंका चोपड़ा ने शुद्ध हिंदी में भाषण दिया, जिससे अमिताभ बच्चन काफ़ी खुश हुए और प्रियंका चोपड़ा की पीठ थपथपाई. उन्होंने कहा, "ज़िन्दगी में कुछ भी करना पर अपने आप को बदलना मत."

अमिताभ बच्चन ने 17 साल की प्रियंका को एक चिट्टी भी दी, जिस पर लिखा था, "मैं अपने आप को गौरवान्वित समझता हूँ कि आपके साथ मंच पर खड़े होने का मौका मिला."

'क्षेत्रीय फ़िल्मों को दे रही हैं बढ़ावा'

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पश्चिम में सफलता की ऊंचाइयां नाप रही प्रियंका चोपड़ा फ़िलहाल भारत की क्षेत्रीय फ़िल्मों और महिला निर्देशकों को अपने प्रोडक्शन हॉउस से बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं.

इस पहल में शामिल हैं भारत की पहली सिक्किमी फ़िल्म "पाहुना". इसका निर्देशन करेंगी पाखी टायरवाला.

इसके अलावा हिंदी और कोंकणी में बन रही फ़िल्म "लिटिल जो, कहा हो" का निर्देशन करेंगी सुव्रता नासनोदकर.

इसके अलावा उत्तर प्रदेश की लॉरा मिश्रा "अलमसीरा" का निर्देशन करेंगी.

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