मैं कंगना का कायल हूं: मनोज बाजपेई

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फ़िल्म इंडस्ट्री में कथित भाई भतीजावाद पर बोलने वाली और इस मुद्दे पर फ़िल्मकार करण जौहर से टकराने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत पर टिप्पणी करते हुए अभिनेता मनोज बाजपेई कहते हैं, "कंगना रनौत बहुत ही बेहतरीन अभिनेत्री हैं. उनके अभिनय और व्यक्तित्व का मैं कायल हूँ. वो किसी भी प्रोजेक्ट के लिए बेशक़ीमती हैं."

लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में 'भाई-भतीजावाद और पक्षपात' से उन्हें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. उनका करियर कभी भी इस पर निर्भर नहीं था.

शिवम नायर निर्देशित 'नाम शबाना' में तापसी पन्नू के साथ मनोज बाजपेई अहम किरदार में नज़र आएंगे. ये फ़िल्म 31मार्च को रिलीज़ होगी. इसी सिलसिले में बीबीसी से रूबरू हुए मनोज ने ये बातें कहीं.

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'अलीगढ़', 'राजनीति', 'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर', 'स्पेशल 26' जैसी फ़िल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले मनोज बाजपेई ने अपने 23 साल के करियर में ऐसी भी फ़िल्में की जिन्हें वो अच्छा नहीं मानते.

मनोज बाजपेई ने कहा, "मैंने कुछ बुरी फ़िल्में पैसों के लिए की पर अपने उन फ़ैसलों पर मुझे खेद नहीं है."

वो कहते हैं, "मुझे बुरा लग रहा था जब मैं ऐसी कुछ फ़िल्में कर रहा था पर मेरे सर पर बैंक का लोन था. मैंने बचपन में अपने पिताजी को बैंक वालों से छुपते हुए देखा है. उन्होंने खेती के लिए लोन पर ट्रैक्टर लिया था जिसे वो चुका नहीं पा रहे थे."

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Image caption मनोज बाजपेई की 'नाम शबाना' 31 मार्च को रिलीज हो रही है

फ़िल्म इंडस्ट्री में दो दशक गुज़ार चुके मनोज बाजपेई को बॉक्स ऑफिस पर असफल फ़िल्मों का खौफ नहीं है.

वो कहते हैं, "मैंने अपने करियर में असफलता ज़्यादा देखी है और एक समय मैं चार साल बिना किसी काम के घर पर बैठा रहा. उस बुरे वक़्त के बाद प्रकाश झा की फ़िल्म 'राजनीति' आई और मुझे काम मिलने का सिलसिला फिर से शुरू हो गया."

मनोज बाजपेई के लिए तीन दिन के बॉक्स ऑफिस से ज़्यादा फ़िल्म का लंबे समय तक याद रहना मायने रखता है इसलिए उनका रुझान कहानी प्रधान फ़िल्मों की तरफ़ है.

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