दिलीप कुमार: स्क्रीन के राजा की फ़ेसबुक पर ये कैसी 'बेबसी'

  • 14 अप्रैल 2017
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'एडोरेबल वीडियो ऑफ़ दिलीप कुमार ऑन फ़ेसबुक'...यानी फ़ेसबुक पर दिलीप कुमार का प्यारा वीडियो...अभिनेता दिलीप कुमार की फ़ेसबुक डेब्यू पर कई वेबसाइटों की यही हेडलाइन थी.

लेकिन दो टूक शब्दों में कहूँ तो मुझे ये वीडियो 'प्यारा' नहीं लगा.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
'ट्रैजेडी किंग' के नाम से मशहूर दिलीप कुमार 11 दिसंबर को 94 साल के हो गए.

12 अप्रैल को फ़ेसबुक पर अकाउंट बनाने के बाद दिलीप कुमार की ओर से एक वीडियो डाला गया था, मैं उसी वीडियो की बात कर रही हूँ.

पढ़ें: दिलीप कुमार का वो प्रणय निवेदन

दिलीप कुमार को पद्म विभूषण

फ़िल्मों के अपने सफ़र में दिलीप कुमार की फ़िल्मों को मैंने बहुत बाद में समझा और जाना. लेकिन जबसे देखा, उनके अभिनय की कायल हो गई.

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चेहरे के हाव-भाव हों, बॉडी लैंग्वेज हो, आवाज़ का उतार चढ़ाव हो, उच्चारण हो...उनकी एक्टिंग का हर पहलू दूसरे पर भारी पड़ता था. आँखों की खामोशी, गर्दन झुकाने से लेकर आँखें उठाने तक की अदा ऐसी कि बिना कुछ कहे कुछ सब कुछ कह जाए.

ऐसे अदाकार को अचानक एक ऐसे वीडियो में देखना जिसमें वो एकदम गुमसुम, खोए हुए नज़र आ रहे थे मानो अपनी इंद्रियों पर ख़ुद उनका पूरा कंट्रोल न हो...ये मुझे थोड़ा नागवार गुज़रा.

शून्य में देखता क इंसान

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मेरी नाइत्तेफ़ाकी का इस बात से कोई लेना देना नहीं है कि मैं दिलीप कुमार को सिर्फ़ उनके पुराने, पुरयौवन वाले अंदाज़ में ही याद रखना चाहती हूँ. उम्र की दी झुर्रियों से सजे लोग मुझे बहुत कशिश वाले लगते हैं. बात दूसरी है.

ताज़ा वीडियो की बात करें, तो इसमें उनकी पत्नी सायरा बानो उन्हें चाय के साथ बिस्किट खिला रही हैं.

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निजी जीवन की बात करें, तो अपने कमरे में बैठे मियाँ-बीवी के बीच ये बहुत ही प्यारा पल है. लेकिन कैमरे में क़ैद हुआ जो पल सबके सामने आया उसमें 'बेबसी' ज़्यादा दिखी.

वीडियो में सायरा बानो ने दिलीप कुमार को कई दफ़ा पुकारा- यूसुफ़, यूसुफ़ जान, यूसुफ़ बेबी....लेकिन दूसरी तरफ़ था तो सिर्फ़ सन्नाटा, शून्य में देखता इक इंसान. मेरा ऐतराज़ इसी बात पर है.

कैमरे के सामने दिलीप कुमार एकदम बेबस नज़र आए मानो अपने आस पास हो रहे घटनाक्रम पर उनका ज्यादा नियंत्रण नहीं -उसी कैमरे के सामने जिसके सामने वो कोई किरदार निभाते हुए एकदम ज़िंदा हो उठते थे, स्क्रीन दिलीप कुमार नाम के ओज से भर जाती थी.

कमज़ोर, निरीह और बेबस

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कुछ साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. उनकी सेहत कई सालों से बहुत अच्छी नहीं है.

लेकिन सरकारी फ़ोटो कुछ इस तरह खींची गई थी जहाँ आप पुरस्कार देख सकते हैं, राष्ट्रपति मुखर्जी को देख सकते हैं, आपको आभास होगा कि वाजपेयी वहाँ बैठे हैं लेकिन उन्हें आप देख नहीं सकते जो मुझे तर्कसंगत लगा.

इससे ठीक उलट कुछ दिन पहले 70 और 80 के डैशिंग अभिनेता विनोद खन्ना की एक तस्वीर अस्पताल से लीक कर दी गई थी.

तस्वीर में वो कमज़ोर, निरीह और बेबस नज़र आ रहे थे. ऐतराज़ की बात यही कि किसी ने निजता का उल्लंघन करते हुए बिना उनकी मर्ज़ी से ये फ़ोट लीक कर दी.

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ऊंची कद काठी वाले विनोद खन्ना को हमेशा लोगों ने हैंडसम, मैचो, वगैरह वगैरह संज्ञाओं से याद किया है..दबंग में सलमान खान के पिता के रूप में भी वो ग़ज़ब लगे हैं.

लेकिन सवाल अच्छे दिखने का नहीं है, सवाल है दुनिया को एक ऐसे इंसान के जीवन के लम्हों को दिखाना जहाँ सामने वाला कमज़ोर है, पूरी तरह से चीज़ों पर उनका कंट्रोल नहीं है, जहाँ उसकी मर्ज़ी शामिल नहीं है.

अपनी इच्छा से, अपने पूरे होशो हवाश में कोई ऐसा करे तो ये एकदम अलग मामला है.

विनोद खन्ना की वो तस्वीर

दिलीप कुमार पर लौटें तो मुझे ट्विटर पर उनके पोस्ट का इंतज़ार रहता है...जब कभी वो लिखते हैं या उनके लिए कोई लिखता है. फिर वो पेशावर की गलियों के किस्से हों या सायरा बानो के साथ पुरानी ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें.

लेकिन उनके कमज़ोर क्षणों के इस वीडियो ने या विनोद खन्ना की उस तस्वीर ने मन के किसी को कोने को दुखी कर दिया.

दिलीप कुमार के वीडियो के आख़िर में सायरा बानो दिलीप साब की आँखों को चूमती हैं और वीडियो बंद हो जाता है.

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आप कह सकते हैं कि अपने जीवन से जुड़ा कोई पल फ़ैन्स से शेयर करने में क्या ग़लत है. लेकिन शायद मैं इस मामले में ओल्ड फ़ैशन्ड हूँ.

अख़बारों की सुर्खियों के उलट मुझे इसमें कुछ भी इमोशनल या ख़ूबसूरत नहीं लगा.

एक अदाकार जो कैमरे और कैमरे के हर एंगल से कुछ यूँ बात करता था मानो वो स्क्रीन का राजा हो, ऐसे एक्टर को मैं 'नैन लड़ जइ हें' के अल्हड़पन वाले अंदाज़ में , या 'कोई सागर दिल को बहलाता नहीं' में टूटे हुए दिल वाले इंसान या 'माँग के साथ तुम्हारा' वाले प्रेमी के रूप में याद करना बेहतर पसंद करूँगी.

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