मंदसौर: किसानों की मौत के 15 दिन बाद डीएम-एसपी सस्पेंड

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मध्य प्रदेश के मंदसौर में पांच प्रदर्शनकारी किसानों की पुलिस फ़ायरिंग में मौत के 15 दिन बाद, उस वक़्त के कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह और एसपी ओपी त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया गया है.

प्रशासन ने 'कानून व्यवस्था बहाल रखने में नाकामी' को इस कार्रवाई की वजह बताया है. इन दोनों के साथ उस वक़्त के मंदसौर के सिटी एसपी साईंकृष्णा एस थोटा को भी सस्पेंड कर दिया गया है.

प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि बुधवार शाम प्रदेश सरकार ने तीनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए.

उन्होंने कहा, 'किसानों के प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ने का उन्हें प्रथम दृष्टया ज़िम्मेदार पाया गया है.'

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इससे पहले किया गया था अफ़सरों का ट्रांसफ़र

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Image caption 9 जून को भोपाल के बाहरी इलाके के एक गांव में प्रदर्शनकारी किसान को हिरासत में लेती पुलिस

निलंबन के दौरान स्वतंत्र सिंह सचिवालय में रहेंगे, जबकि बाकी दोनों अफ़सरों को भोपाल पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है. सिंह आईएएस और बाकी दोनों आईपीएस अधिकारी हैं.

मंदसौर में किसानों का प्रदर्शन 1 जून को शुरू हुआ था, जिसने 6 जून को हिंसक रूप ले लिया और पुलिस की गोली लगने से पांच किसानों की मौत हो गई.

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घटना के बाद सिंह और त्रिपाठी का ट्रांसफ़र कर दिया गया था. थोटा को भी शहर से हटा दिया गया था. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे का ऐलान किया था.

मध्य प्रदेश में किसान कर्ज माफ़ी, उचित समर्थन मूल्य, मंडी का रेट तय करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशें लागू करने को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.

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