लिंचिंग के ख़िलाफ़ प्रदर्शन एक ढोंग है: परेश रावल

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Image caption अभिनेता परेश रावल भाजपा के सांसद भी हैं

फ़िल्म अभिनेता और भाजपा सांसद परेश रावल ने देश में भीड़ के हाथों क़त्ल के मामलों को लेकर हुए प्रदर्शनों को ढोंग कहा है.

हाल के दिनों में भीड़ के हाथों बढ़ रहे क़त्ल (लिंचिंग) के मामलों पर टिप्पणी करते हुए रावल कहते है, "कोई भी इंसान कहीं भी मरता है तो वो मेरे लिए हिंदू या मुस्लिम नहीं है बल्कि किसी परिवार का सदस्य है. #NotInMyName और शेम को मैं नहीं मानता. ये सब नकलची हैं. ये कैंडल वाला ढोंग है. उसमें कुछ तो नया तरीका लाओ."

परेश रावल अपनी नई फ़िल्म 'गेस्ट इन लंदन' के प्रोमोशन के लिए पत्रकारों से बात कर रहे थे.

पहली जुलाई से भारत में जीएसटी लागू हो गया है वहीं परेश रावल ने माना की उनकी समझ जीएसटी को लेकर कम है. मनोरंजन पर जीएसटी को ज़्यादती मानते हुए परेश रावल का कहना है कि, "इससे फ़िल्मी व्यापार पर असर पड़ेगा. पर हमें बोला गया है की इस पर विचार होगा."

'वल्लभभाई पटेल अगर पीएम होते'

परेश रावल ने ये भी कहा कि अगर पहले प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल होते तो भारत देश की स्थिति अलग होती.

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परेश रावल ने जो कहा उसमें क्या बुराई है?

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परेश रावल ने वल्लभ भाई पटेल के बारे में टिपण्णी करते हुए कहा, "जेआरडी टाटा पहले ही कह चुके हैं कि अगर वल्लभ भाई पटेल देश के प्रधानमंत्री होते तो देश कुछ अलग ही होता, कुछ और ही होता. सही बात है सरदार पटेल में बात थी."

बड़े पर्दे पर मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर फ़िल्म बनाने के लिए आतुर परेश रावल की महत्वकांशी फ़िल्म की स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है. उनका मानना है की मोदी जी की ज़िन्दगी गाथा है और वो तय नहीं कर पा रहे कि इस गाथा पर विराम कहाँ देना है क्योंकि उनके मुताबिक नरेंद्र मोदी ने अभी सिर्फ़ शुरुवात की है.

परेश रावल भाजपा सांसद हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहद प्रभावित हैं.

पीएम मोदी के बारे में रावल कहते हैं, "उनके इरादे पक्के हैं. वो सिर्फ़ बोलने पर विश्वास नहीं रखते वो करके दिखाने वाले व्यक्ति हैं."

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, इरफ़ान खान, विक्की कौशल और वरुण धवन जैसे अभिनेताओं की तारीफ़ करते हुए परेश रावल ने कहा ये अभिनेता एक्सपेरिमेंटल किरदार निभा रहे हैं.

'अनुपम खेर और परेश रावल बेहद पसंद हैं'

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Image caption परेश रावल की नई फ़िल्म 'गेस्ट इन लंदन' जल्द ही रिलीज़ हो रही है

अक्सर सुर्खिया बटोरने वाले सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी के ज़िक्र पर परेश रावल ने व्यंग्य करते हुए कहा, "उनके बारे में तो तुलसीदास भी नहीं लिख सकते. मैं क्या कह सकता हूँ"

पिछले साल पाकिस्तानी कलाकारों के हिंदी फ़िल्मों में काम करने पर काफ़ी बवाल मचा. इस मुद्दे पर टिपण्णी देते हुए परेश कहते हैं कि, "जैसा देश का मूड हो वैसा करना चाहिए. इरफ़ान खान की फ़िल्म 'हिंदी मीडियम' में भी पाकिस्तानी कलाकार थी पर कुछ नहीं हुआ बल्कि महाराष्ट्र और गुजरात में उसे टैक्स फ्री कर दिया गया जहां बीजेपी की सरकार है."

देश के प्रति ईमानदार होने का सबक देते हुए परेश रावल आगे कहते हैं कि, "हम सब चाहते हैं कि पाकिस्तानी कलाकारों को बढ़ावा मिले, लेकिन वो वहाँ जाकर कुछ बोलेंगे तो हमें भी स्टैंड लेना चाहिए. अगर फ़वाद ख़ान वहाँ जाकर कुछ कहते हैं तो हमें उनसे सीख लेनी चाहिए की अपने देश के प्रति कैसे ईमानदार रहें."

परेश रावल 7 जुलाई को रिलीज़ हो रही फ़िल्म 'गेस्ट इन लंदन' में अहम किरदार निभा रहे हैं. ये फ़िल्म अश्विनी धीर ने निर्देशित की है.

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