फ़िल्म 'इंदु सरकार' पर सेंसर की कैंची

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इमरजेंसी की पृष्ठभूमि पर बनी मधुर भंडारकर की फ़िल्म 'इंदु सरकार' के ट्रेलर आने के बाद मधुर भंडारकर को लीगल नोटिस मिल रहे थे, अब फ़िल्म पर सीबीएफ़सी की गाज गिरी है.

केंद्रीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड ( सीबीएफ़सी) ने 'इंदु सरकार' फ़िल्म को 12 कट और दो डिस्क्लेमर जोड़ने को कहा है.

इमरजेंसी पर फ़िल्म के चलते दबाव में मधुर भंडारकर

सीबीएफ़सी ने उस न्यूज़पेपर की पेपर कटिंग जिसमें इमरजेंसी के दौरान के किसी ख़बर में अटल बिहारी वाजपेयी, मोरारजी देसाई और लाल कृष्ण आडवाणी का नाम प्रकाशित दिखाया गया है, उसे हटाने के लिए कहा है.

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फ़िल्म में चार डायलॉग को हटाने का कहा गया है जिसमें से तीन डायलॉग फ़िल्म के ट्रेलर में मौजूद है.

इन डायलॉग में शामिल है, "अब इस देश में गाँधी के मायने बदल चुके है.", "और तुम लोग ज़िन्दगी भर माँ - बेटे की गुलामी करते रहोगे", भारत की एक बेटी ने देश को बंदी बनाया हुआ है.", "मैं तो 70 साल का बूढ़ा हूँ, मेरी नसबंदी क्यों करवा रहे हो."

वही करीबन आठ शब्दों को भी हटाने को कहा गया है जिसमें शामिल है किशोर कुमार, आरएसएस, अकाली, कम्युनिस्ट, जयप्रकाश नारायण, पीएम, आईबी है.

गायक किशोर कुमार के गाने इमरजेंसी के दौरान ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर बैन कर दिए गए थे क्योंकि उन्होंने कांग्रेस के एक कार्यक्रम में भाग लेने से मना कर दिया था.

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मधुर भंडारकर ने फ़िल्म 'इंदु सरकार' को इमरजेंसी के गुमनाम हीरो को समर्पित की है.

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और पद्मश्री पुरुस्कार से सम्मानित निर्देशक मधुर भंडारकर ने इन कट को बेतुका बताया है और अब फ़िल्म को वो रिवाइजिंग कमिटी के पास लेकर जाने वाले है.

मधुर भंडारकर निर्देशित 'इंदु सरकार' में कीर्ति कुल्हाड़ी, नील नितिन मुकेश, अनुपम खेर अहम भूमिका में है.

फ़िल्म में नील नितिन मुकेश संजय गाँधी और सुप्रिया विनोद इंदिरा गाँधी के किरदार में दिखेंगे. फ़िल्म 28 जुलाई को रिलीज़ होगी.

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