गाय, किस के बाद अब सेंसर बोर्ड को फिल्मों में 'चुभी' सिगरेट-दारू?

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फ़िल्म पास करने वाला सेंसर बोर्ड कई फ़िल्मों में कहे जाने वाले शब्दों पर रोक लगा रहा है. एक इंटरव्यू में सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने ये भी ज़ाहिर किया है कि अगर किसी फ़िल्म में कोई सुपरस्टार सिगरेट या दारू पीता हुआ नज़र आया तो उस फ़िल्म को सीधा 'एडल्ट' सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा.

सेंसर बोर्ड के साथ कई महीनों की मशक्कत के बाद 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्क़ा' बीते हफ्ते रिलीज़ हुई.

लेकिन इस बीच और कई ऐसी फ़िल्मों की घोषणा हुई जिन पर सेंसर बोर्ड एडल्ट फ़िल्म होने की मुहर लगा सकता है.

नज़र डालते हैं सेंसर और पहलाज निहलानी के उन शब्दों पर, जिनसे नाखुश होकर फ़िल्मों पर रोक लगाई जाती है, या सीन बदलने की मांग की जाती है.

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इंटरकोर्स

शाहरुख़ ख़ान की आने वाली फ़िल्म 'जब हैरी मेट सेजल' में 'इंटरकोर्स' शब्द को हटाने को कहा.

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काऊ और गुजरात

अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन पर बन रही बायोग्राफी में 'काऊ' यानी गाय और गुजरात के वर्णन पर बैन है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, किशोर कुमार और अडवाणी

मधुर भंडारकर की फ़िल्म 'इंदु सरकार' को रिलीज़ होने के लिए कई पापड़ बेलने पड़े. सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म 'इंदु सरकार' में से 1975 के दौरान लगी इमरजेंसी से जुड़े कई नामों को हटाने की मांग की. निर्देशक मधुर भंडारकर जिससे निराश हुए. लेकिन आखिरकार कुछ फेर बदल के बाद फ़िल्म को हरी झंडी मिल गई.

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जेम्स बॉन्ड की 'किस'

सेंसर बोर्ड ना केवल हिंदी फ़िल्मों पर कैंची चलाता है बल्कि हॉलीवुड पर भी. जेम्स बॉन्ड की पिछली फ़िल्म को भारत में रिलीज़ होने के लिए फ़िल्म में बॉन्ड की किस को हटाना पड़ा.

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उड़ता पंजाब

निर्माता निर्देशक अनुराग कश्यप की फ़िल्में अक्सर सेंसर बोर्ड के जाल में फंसती है. उड़ता पंजाब की रिलीज़ से पहले फ़िल्म के गानों को बदला गया. फ़िल्म में इस्तेमाल हुई भाषा और गालियों को काटा गया.

इस सबके बीच कुछ वक्त पहले पहलाज निहलानी के सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पद से हटने की अफवाहें आ रही थीं. जिसका निहलानी ने पूरी तरह खंडन किया.

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