हनी अनंत, हनी कथा अनंता

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'116 चांद की रातें और एक तुम्हारे कांधे का तिल.'

इजाज़त फ़िल्म के गाने की इस लाइन पर लोग ये सवाल करते हैं कि चांद की रातें 116 ही क्यों? शब्दों की चाशनी के कारीगर गुलज़ार इस सवाल पर मुस्किया देते हैं.

यही गुलज़ार 2013 में हनी सिंह के लिए रैप लिखते है. लोग अचरज भरी निगाहों से इसकी वजह पूछते हैं और गुलज़ार फिर मुस्कियाते देते हैं.

हनी सिंह गुलज़ार की तरह मुस्कियाते नहीं हैं. वो बदमाशियों से लैस हंसी हंसते हैं और अपनी आलोचना करने वालों को गुलज़ार के लिखे शब्दों में जवाब देते हैं, 'सर पीटूं हां कोई सज़ा तो नहीं. तेरे बिना ज़िंदग़ी से खालू शिकवा तो नहीं.'

क़रीब डेढ़ साल तक दुनिया से एक दूरी पर रहे हृदेश सिंह उर्फ यो यो हनी सिंह अपने अंदाज़ में फिर लौटे हैं. 'दारू चली है तो दूर तक जाएगी. दिल चोरी साडा हो गया कि करिए.'

'सोनू के टीटू की स्वीटी' फ़िल्म में हंस राज हंस के गाने 'दिल चोरी साडा हो गया' से हनी सिंह ने वापसी की है. हनी सिंह का जलवा इस बात से समझिए कि ये गाना यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहा है.

आने वाले दिनों में हनी सिंह के कुछ और गाने सामने आएंगे. फिलहाल इस गाने को हनी सिंह का 'कमबैक' कहा जा रहा है.

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Image caption हनी सिंह का नया गाना, दिल चोरी साडा हो गया का स्क्रीनग्रैब

म्यूज़िक से क्यों दूर रहे हनी सिंह?

20 हज़ार लोगों के सामने थिरकते हुए गाने वाले हनी सिंह चार-पांच लोगों के सामने जाने से भी डरने लगे थे. वजह बायपोलर डिसऑर्डर.

बायपोलर डिसॉर्डर डिप्रेशन का एक रूप है. ख़ुद पर शक, उदासी, सोने में तकलीफ, बेकाबू होना और भीड़ से डर. ये इस बीमारी के कुछ लक्षण हैं.

आलोचकों ने कहा कि हनी सिंह की बीमारी की वजह ड्रग्स का ओवरडोज़ है या हनी सिंह को सफलता नहीं पची. बीते क़रीब दो बरस से ऐसे ही आरोप लगते रहे और हनी सिंह चुप रहे.

हनी सिंह कितने तनाव में थे? इसे यूं समझिए कि इंडस्ट्री में हनी सिंह का मुक़ाबला बादशाह से है. दोनों के बीच गानों के बोल की चोरी को लेकर भी जु़बानी जंग हुई है. इसके बावजूद बादशाह ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'मुझे दुख है कि एक क्रिएटिव बंदा बीमार है. हनी को बहुत ख़राब बीमारी है. पहले हनी ठीक हो जाएं, लड़ाई बाद में कर ली जाएगी.'

बीते साल हनी सिंह ने बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में अपने बारे में खुलकर बात की थी.

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अपनी बीमारी पर क्या बोले थे हनी सिंह?

  • बीते कुछ महीने मेरी ज़िंदगी का सबसे बुरा दौर रहा. मैं किसी से बात करना नहीं चाहता था. मेरे इस दौर को कुछ लोगों ने ड्रग ओवरडोज़ से जोड़कर देखा. अफवाहें ये भी थीं कि मैं रिहैब सेंटर (पुनर्वास केंद्र) में रहा लेकिन सच ये है कि मैं नोएडा वाले घर पर था.
  • सच ये है कि मैं बायपोलर डिसॉर्डर से गुज़र रहा था. इस दौरान मैंने चार डॉक्टर बदले लेकिन कोई असर नहीं हुआ. सच ये है कि मैं बायपोलर और शराबी हूं, जिससे हालात काफी बिगड़ गए थे.
  • ये भयानक था और मुझ पर दवाओं का असर नहीं हो रहा था. एक वक्त लगा कि मैं इस अंधेरे से कभी नहीं निकल पाऊंगा. नींद की दवाएं लेने के बाद भी मुझे नींद नहीं आती थी. मेरी मां मुझे देखकर रोती रहती थीं.
  • मैंने इस दौरान 50-60 कविताएं लिखीं. ये खुली शायरी जैसी हैं. मैं इन्हें गानों में नहीं बदल सकता. स्टारडम खोने का मुझे कोई डर नहीं. मुझे बस ख़ुद के खोने का डर रहता था.
  • सूरज ढलते ही मैं अपने परिवार से भी डरने लगता था. अब भी एक डॉक्टर मेरी देखभाल करता है.
  • शाहरुख से मेरी लड़ाई की ख़बरें झूठी हैं. सच तो ये है कि मैं जब बीमार था, तब शाहरुख़ भाई ने मुझे फोन किया. वो न सिर्फ एक कमाल एक्टर हैं बल्कि अच्छे इंसान भी हैं.
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महिला विरोधी गाने गाते हैं हनी सिंह?

'*** *** * ****'

ऊपर के ये कुछ सितारे यहां सजावट के लिए नहीं हैं. आप इन्हें उन गानों के बोल समझ सकते हैं, जिनमें भरपूर गालियों का इस्तेमाल किया जाता था.

गाली गलौज वाले इन गानों की शुरुआत में दो नाम लिए जाते थे- हनी सिंह और बादशाह. कहा जाता है कि हनी सिंह ने अपने करियर की शुरुआत में ऐसे गाने गाए थे, जिनमें गालियों का खूब इस्तेमाल होता था. हालांकि हनी सिंह इससे इनकार करते हैं. ये गाने इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध थे.

अगर गालियों वाले गाने छोड़ भी दिए जाएं, तब भी हनी सिंह की उनके गानों के बोल के लिए अक्सर आलोचना होती है. निर्भया गैंगरेप के बाद हनी सिंह के गानों पर भी जमकर बहस हुई.

हनी सिंह ने इस पर कहा था, ''आप मुझे दोषी ठहराते हैं. दोषी ठहराना है तो सरकार को ठहराइए, जिसने बलात्कारियों के ख़िलाफ कड़े कदम नहीं उठाए. मुझे इस्तेमाल करना बंद कीजिए.''

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अब बात हनी सिंह के गानों की...

'छोटी ड्रेस में बॉम्ब लगदी मैनू, क़तल करे तेरा बॉम्ब फिगर'

'क्लब में होगा शोर, बेबी घर पर पिलो फाइट'

'मजा उठा ले बेबी आज रात का, बल्ब लगाकर ज़ीरो वाट का'

'निक्कर वाली छोरी ने बोतलां चढ़ा रखी हैं. नाच री देख कैसे आग लगा रखी है.'

'करेंगे पार्टी सारी रात, *** में दम है तो बंद करवा लो'

हनी सिंह इन गानों की आलोचना पर कहते हैं, ''हर क्रांतिकारी कवि या गीतकार की आलोचना हुई है. जब आप किसी नई चीज़ के साथ आते हैं तो आपकी आलोचना होती है. हमेशा ऐसे लोग होते हैं जो आपकी आलोचना करते हैं. लेकिन ये गिनती के लोग हैं. मेरे फैन्स लाखों में हैं. मेरे लिए वही मायने रखता है.''

बॉस फ़िल्म के गाने 'पार्टी ऑल नाइट' गाने के एक शब्द को बीप तक करना पड़ा था. कहना न होगा कि गाना हनी सिंह का था.

ऐसा नहीं है कि हनी सिंह इस बात से नावाक़िफ़ हों कि उनके कुछ गानों में लड़कियों के लिए अच्छी शब्दावली का इस्तेमाल नहीं किया गया. एक दफा हनी सिंह ने इस बारे में कहा था, ''मैं लड़कियों के लिए एक ऐसा गाना लाऊंगा, जिसे सुनने के बाद लड़के मेरे पीछे पड़ जाएंगे. मुझे मारने के लिए दौड़ पड़ेंगे.''

लेकिन अब तक हनी सिंह का ये गाना न आया और न ही क़तार में है.

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'कवि' हनी सिंह

पंजाब के होशियारपुर में 15 मार्च 1983 को जन्मे हृदेश सिंह ने ब्रिटेन के ट्रिनिटी स्कूल से म्यूज़िक की पढ़ाई की. हनी सिंह की पहली ऑफिशियल एलबम 2005 में आई. लेकिन इसकी पहले ही हनी सिंह का नाम उन गानों की वजह से लोगों की ज़ुबान पर चढ़ चुका था, जिनको हनी सिंह ने कभी अपना नहीं माना.

हनी सिंह के भीतर के हिंदी-अंग्रेज़ी-पंजाबी मिश्रण वाले कवि को पहचान मिली 'ब्राउन रंग' गाने से.

बीबीसी को साल 2016 में दिए इंटरव्यू में हनी सिंह ने कहा था, ''मैंने जब 'ब्राउन रंग' लिखा तो बारी-बारी से जस्सी सिद्धू और दलजीत दोसांझ को ये गाना गाने के लिए कहा. दोनों ने मना कर दिया. दलजीत ने कहा कि मुझसे भंगड़ा टाइप कुछ करवा लो. ये मत कराओ. तब मैंने कहा कि इस गाने को मैं ही गाऊंगा.''

हनी सिंह जोरावर, एक्सपोज़ समेत कई फिल्मों में एक्टिंग भी कर चुके हैं. लेकिन ये फिल्में बुरी तरह पिटीं.

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हनी सिंह के नाम में यो-यो क्यों?

हनी सिंह के नाम के आगे 'यो-यो' लिखा रहता है. यो-यो एक चीनी खिलौना भी होता है. लेकिन हनी सिंह के नाम में 'यो-यो' जुड़ने की कहानी दिलचस्प है.

नाम उनके एक अमरीकी दोस्त से उन्हें मिला है. एक आम भारतीय जब इंग्लिश नहीं बोल पाता है, तब भी वो 'या-या' बोल सकता है. इसी एक्सेंट की वजह से हनी सिंह के दोस्त उन्हें 'यो-यो' कहने लगे. हनी सिंह इस नाम की एक और कहानी बताते हैं, ''यो-यो का मतलब आपका अपना है. यानी आपका अपना हनी सिंह.''

अपने कॉम्पिटिशन के बारे में हनी सिंह कहते हैं, ''मैं चाहता हूं कि जो भी गाना बनाऊं, उसे हर कोई गाए. पंजाबी, हिंदी या कोई भी. मेरा जॉनर एकदम अलग है. ये भंगड़ा, पॉप नहीं है. ये यो-यो म्यूज़िक है.''

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जब हनी सिंह ने छोड़ा रिलिटी शो

साल 2014 में हनी सिंह एक रिएलिटी शो 'इंडिया रॉ स्टार' में बतौर जज नज़र आए थे. लेकिन इस शो को वो ज़्यादा दिन नहीं कर पाए और शो भी अचानक बंद हो गया. कहा गया कि ये उनके डिसॉर्डर की वजह से है.

लेकिन हनी सिंह के फैन्स के बीच इस शो की एक अलग याद है. इस शो में पहली बार हनी सिंह की पत्नी शालिनी को लोगों ने देखा था.

हनी सिंह ने शालिनी से लोगों को मिलवाते हुए कहा था, ''आज वो लड़की आई है, जिसने मुझे सबसे ज़्यादा प्यार किया और साथ दिया.'' पसमंज़र में गाना गाया जा रहा था, ''मैं रंग शरबतों का तू मीठे घाट का पानी.''

हनी सिंह ने कई गाने आई-फोन में रिकॉर्ड किए हैं. 'धीरे-धीरे मेरी ज़िंदगी में आना' गाने का रीमिक्स हाल ही में आया था. इस गाने को हनी सिंह के साथ उनकी मां ने भी लिखा था.

गानों के अलावा हनी सिंह को कसरत करना अच्छा लगता है. वो दिन में कुछ घंटे जिम में गुज़ारते हैं और सिंगिंग में अब भी ग्रैमी जीतना चाहते हैं.

अब जबकि हनी सिंह की वापसी हो रही है, अगर अतीत के पृष्ठों को याद रखा जाए तो संभव है कि हनी सिंह अपने गानों के बोल से फिर चर्चाएं बटोरेंगे.

सच यही है कि हनी सिंह को आप ख़ारिज़ कर सकते हैं, लेकिन नज़रअंदाज़ नहीं.

क्योंकि अमिताभ भट्टाचार्य भी लिख गए हैं, ''गुलज़ार के गीतों में यो यो घुस गया तो रायता फैल गया.''

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