छोटी बातों में हैं ज़िंदगी की ख़ुशियाँ

सेलिना जेटली
Image caption 2001 में सेलिना ने मिस इंडिया का ताज जीता था

मिस इंडिया से फ़िल्म अभिनेत्री बनने तक का सफ़र तय करने वाली सेलिना जेटली इनदिनों अपनी नई फ़िल्म 'गोलमाल रिटर्न्स' को लेकर मसरुफ़ हैं जो दीवाली पर रिलीज़ हो रही है. ये 2006 में आई फ़िल्म 'गोलमाल' का सिक्वेल है जिसमें अजय देवगन, तुषार कपूर, शरमन जोशी और अरशद वारसी ने काम किया था.

'गोलमाल रिटर्न्स' में सेलिना जेटली और करीना कपूर हैं.

2001 में सेलिना ने मिस इंडिया का ताज जीता था तो मिस यूनिवर्स के फ़ाइनल में भी जगह बनाई थी. फिर 2003 में उन्होंने जांनशीं से फ़िल्मों में क़दम रखा.

मीडिया में अपनी छवि के उलट सेलिना ख़ुद को बहुत साधारण, घरेलू लड़की बताती हैं.खाना पकाने का उन्हें बेहद शौक है. साथ ही वे मिस्र के पर्यटन विभाग की ब्रैंड एम्बैसेडर भी हैं.

सेलिना ने फ़ोन पर बीबीसी से बातचीत की- नई फ़िल्म गोलमाल रिटर्न्स के बारे में, दीवाली की अपनी योजना, अब तक के सबसे बेहतरीन रोल और अपनी छोटी-बड़ी ख़्वाहिशों के बारे में:

गोलमाल ने सबको खूब हँसाया था. अब आप गोलमाल रिटर्न्स का हिस्सा है. आपके रोल से ही शुरू करते हैं.क्या रोल निभा रही हैं ?

गोलमाल रिटर्न्स में मैं एक सीधी-साधी तमिल लड़की का किरदार निभा रही हूँ जिसका नाम है मीरा नायर. फ़िल्म में सबसे डी-ग्लैमरस रोल शायद मेरा ही है. एक तरह से फ़िल्म की शूटिंग मैने बिना मेकप के की है, बस आँखों में काजल लगा कर.

मेरे लिए ये एक चुनौती की तरह था क्योंकि अभी तक मैने ज़्यादातर ग्लैमरस किस्म के रोल किए हैं. मेरा रोल काफ़ी मज़ेदार है, वो काफ़ी डॉमिनेटिंग किस्म की लड़की है और अपने बॉयफ़्रेंड को पूरे समय नियंत्रण में रखना चाहती है. मैं श्रेयस तलपड़े के साथ हूँ इस फ़िल्म में.

सेलिना जेटली बिना मेकप और ग्लैमर के, तमिल लड़की के किरदार में...वैसे ही हाव-भाव, कपड़े, बोलने का ख़ास तरीका...कल्पना करना ज़रा कठिन है, मुश्किल किरदार था?

पिछले साल दीवाली के समय मेरी एक तस्वीर निकली थी पीले रंग के सलवार-कमीज़ में. निर्देशक रोहित शेट्टी ने वो तस्वीर देखी और कहा कि तमिल लड़की का किरदार मैं ही निभा सकती हूँ. शूटिंग के दौरान एक बार मैं एकदम दक्षिण भारतीय लिबास में थी, साड़ी और गजरे के साथ. मेरे निर्देशक भी मेरे पास से मुझे बिना पहचाने निकल गए.

गोलमाल की काफ़ी बड़ी स्टारकास्ट है--तुषार हैं, श्रेयस तलपड़े, अजय देवगन, करीना कपूर हैं. क्या मल्टीस्टारर फ़िल्म में काम करना मुश्किल होता है क्योंकि ये रिस्क रहता है कि भीड़ में खो न जाएँ.

कोई भी फ़िल्म ऐसी नहीं होती जिसके बारे में आप कह सकें कि इसमें काम करना आसान रहा. कैमरे के पीछे जो मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं उसके बारे में कम ही लोगों को पता चलता है. जैसे गोलमाल रिटर्न्स की शूटिंग के दौरान ही मेरे भाई का एक्सिडेंट हो गया था और वो कोमा में था. मैं अपने भाई को देख कर आ रही थी और तभी फ़िल्म की शूटिंग करनी थी. ऐसे समय में कॉमिडी करना जब आप मानसिक और भावुक रूप से मुश्किल समय से गुज़र रहे हों...ये आसान नहीं होता.

ऐसे में आपके सह-अभिनेताओं का सहयोग मिले तो बहुत मदद मिलती है. तुषार, श्रेयस और अजय ने मेरा पूरा समर्थन किया. लोगों को हँसाने के पीछे बहुत मेहनत जाती है.

फ़िल्म में आपके किरदार का नाम है मीरा नायर..क्या निर्देशक मीरा नायर से कोई लेना देना है?

नहीं ऐसा कोई संबंध नहीं है. बस नाम का इस्तेमाल किया गया है क्योंकि मीरा नायर काफ़ी लोकप्रीय दक्षिण भारतीय नाम है. हमेशा कॉमेडी फ़िल्मों में कोई न कोई किरदार ऐसा होता है जो लोगों को याद रह जाता है जैसे 'अपना सपना मनी-मनी' में मैने सानिया बदनाम का रोल किया था. मुझे लगता है कि मीरा नायर का किरदार भी लोग ऐसे ही याद करेंगे.

फ़िल्म कलाकारों को लेकर लोगों के मन में एक अलग सी छवि होती है कि वो आम लोगों से अलग होते हैं- पता नहीं क्या खाते हैं, कैसे रहते हैं. आपकी जीवनशैली क्या रहती है?

मुझे लगता है कि अगर कोई सबसे ज़्यादा सामान्य होता है तो वो फ़िल्म कलाकार क्योंकि वे कई तरह के किरदार निभाते हैं. कलाकार में हर तरह के सामान्य इंसान का मिश्रण होता है.

मैं बहुत सिंपल, घरेलू लड़की हूँ. जब मैं सेट पर नहीं होती हूँ तो ज़्यादातर समय घर पर व्यतीत करना पसंद करती हूँ. मैं पार्टियों में कम ही जाती हूँ. मुझे खाना पकाने का शौक़ है, सिलाई-कढ़ाई का शौक है.. छोटी-छोटी साधारण चीज़ों से मुझे ख़ुशी मिलती है.

आप जो छवि बता रही हैं वो उस छवि से बहुत अलग है जो कई बार मीडिया में दिखाई जाती है.

मीडिया में कुछ लोग तो लिखेंगे ही लेकिन मेरे करियर में मीडिया ने मेरी बहुत मदद की है और मैं इसके लिए शुक्रगुज़ार भी हूँ. मैं न तो किसी कैंप का हिस्सा हूँ और न ही मेरी फ़िल्मी पृष्टभूमि है. इस साल मेरी सात बड़ी फ़िल्में रिलीज़ हो रही हैं. गोलमाल रिटर्न्स भी मेरे लिए ख़ास है.

गोलमाल रिटर्न्स में आपके साथ श्रेयस तलपड़े हैं. अभी वेल्कम टू सज्जनपुर रिलीज़ हुई थी, काफ़ी तारीफ़ सुनी है उनकी. तुषार कपूर भी आपके साथ हैं. कैसा था उनके साथ काम करना?

सब लोग हम तीनों को थ्रीसम कहते थे. हमारे बहुत सारे सीन एक साथ थे और काफ़ी समय साथ में बिताया. श्रेयस के साथ ये मेरी तीसरी फ़िल्म थी और तुषार के साथ एक और फ़िल्म कर रही हूँ रन भोला रन. सो दोनों के साथ मेरा रिश्ता बना हुआ है.

गोलमाल रिटर्न्स के गानों के बारे में भी बहुत सुना है कि इसका एक गाना शायद फ़िल्म इंडस्टी का सबसे मंहगा गाना है.

एक गाना है ठा करके.....जिसमें 1300 डांसर है और कई कारों में वाकई विस्फोट किया गया है. फिर मेरे और अजय पर एक गाना फ़िल्माया गया है जो थाईलैंड के यॉच पर फ़िल्माया गया था और दोबारा क्रोमा रूम में उसे रिक्रिएट किया गया.

गोलमाल रिटर्न्स दीवाली के दिनों में रिलीज़ हो रही है. आप अपनी दीवाली कैसे मना रही हैं?

इस बार मेरी दीवाली ख़ास होगी क्योंकि मैं दक्षिण अफ़्रीका में अपने फ़ैन्स के साथ दीवाली मनाने जा रही हूँ. वहाँ अपनी फ़िल्म गोलमाल रिटर्न्स भी देखूँगी. मुझे काफ़ी इंतज़ार रहेगा क्योंकि ये अलग किस्म की दीवाली होगी.

आप मिस्र में पर्यटन विभाग की ब्रैंड एम्बैसेडर भी हैं. कैसे निभा रही हैं ये भूमिका?

मैं कई लोगों से कहती हूँ कि फ़िल्म मिस्र में जाकर शूट करें. सिंह इज़ किंग के गाने भी इस कारण वहाँ शूट किए गए. हिंदुस्तान की तरह मिस्र भी ऐसा देश है जिसकी संस्कृति बड़ी समृद्ध रही है. मैं वहाँ के लोगों की शुक्रगुजा़र हूँ कि उन्होंने मुझे ये मौका दिया. ये एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी है और मैं इसे पूरा करने की कोशिश कर रही हूँ.

अभी तक आपने जितनी फ़िल्में की हैं, सबसे बेहतरीन रोल कौन सा रहा ?

विक्रम भट्ट की फ़िल्म आई थी रेड. जहाँ तक गंभीर किरदारों की बात है तो ये मेरा सबसे बेहतरीन रोल था. मेरे साथ आफ़ताब शिवदासानी थे. अपना सपना मनी-मनी में सानिया बदनाम वाला रोल करने में भी बहुत मज़ा आया था.

फ़ैन्स को दीवाली के मौके पर क्या कहना चाहेंगी?

मैं लोगों को दीपावली की शुभकामनाएँ देना चाहती हूँ. सब लोग ख़ुशहाल और सुरक्षित दीवाली मनाएँ, ख़ासकर बच्चों को कहना चाहूँगी कि वे ध्यान रखें और पटाखे चलाते समय सावधान रहें. और हाँ गोलमाल रिटर्न्स ज़रूर देखें. ये इस बार का बड़ा दीवाली धमाका है.

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