चुनौतीपूर्ण भूमिकाएँ चाहती हैं प्रियंका

प्रियंका चोपड़ा
Image caption प्रियंका चोपड़ा विशाल भारद्वाज की नई फ़िल्म 'कमीने' में शाहिद कपूर के साथ नज़र आएँगी.

प्रियंका चोपड़ा हमेशा से ही अलग-अलग तरह के किरदार निभाती आईं हैं. उनका मानना है कि फ़िल्मी दुनिया का असली ज्ञान उन्हें अब जाकर हुआ है. वे ख़ुश हैं कि उन्हें अच्छी फ़िल्में करने का मौक़ा मिल रहा है.

प्रियंका अपनी नई फ़िल्म 'कमीने' में एक मराठी लड़की की भूमिका में हैं. इसमें उनके हीरो हैं शाहिद कपूर. इसके निर्देशक हैं बहुमुखी प्रतिभा के धनी विशाल भारद्वाज. हाल ही में प्रियंका से लंबी बातचीत हुई, पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश.

प्रियंका, कैसा लगा विशाल भारद्वाज के साथ काम करके...?

विशाल के साथ काम करने में सबसे अच्छी बात ये है कि वे आपको ऐसा किरदार निभाने को देते हैं जिसमें आपको बतौर कलाकार कुछ ज़्यादा कोशिश नहीं करनी पड़ती है. इस फ़िल्म में मेरी भूमिका ज़्यादा बड़ी नहीं है लेकिन इतना ज़रूर कहूँगी कि मैं एक पंजाबी लड़की हूँ और मुझे एक मराठी लड़की का किरदार निभाना था. हालांकि फ़िल्म में हिंदी ही बोलनी थी लेकिन उसमें मराठी भाव पैदा करना था. मुझे लगता है कि वहाँ मुझे थोड़ी मेहनत करनी पड़ी.

हमेशा अलग-अलग तरह के रोल करती आईं हैं आप, जैसे 'फैशन' में बिल्कुल ग्लैमरस भूमिका थी और 'कमीने' में बिल्कुल सीधी-सादी मराठी लड़की. क्या कहना चाहेंगी?

मेरी तरफ से कभी भी जानबूझकर कोई फ़ैसला नहीं लिया जाता कि अरे, मुझे तो ये वाला रोल ही करना है. वह नहीं करना या ऐसा करना है और वैसा नहीं करना. हाँ इतना ज़रूर है कि मैं अलग-अलग तरह के किरदार करना चाहती हूँ. मुझे नहीं लगता कि ग्लैमरस और नॉन-ग्लैमरस दिखने जैसी कोई बात है, जैसे 'फैशन' में मेरा जो किरदार था वह हमेशा तैयार होकर ही बाहर निकलती थी. 'दोस्ताना' में मैं एक फै़शन मैगज़ीन की एडिटर बनी हूँ जो कि एक ग्लैमरस किरदार है. वहीं विशाल जी की 'कमीने' में मैं एक सीधी-सादी मराठी लड़की का किरदार निभा रही हूं जो दो चोटी बनाती है और बाहर निकल जाती है.

अगर 'कमीने' की बात करूं तो फ़िल्म में शाहिद कपूर के साथ काम करना कैसा रहा और उनके अभिनय के बारे में क्या कहना चाहेंगी?

शाहिद के साथ काम करना काफी अच्छा रहा. मैने उनकी ज़्यादा फ़िल्में नहीं देखीं थीं केवल 'जब वी मेट' ही मैने देखी थी लेकिन मैं इतना जरूर कहूँगी कि शाहिद के साथ अच्छी बात ये है कि वे किरदारों के अंतर को बखूबी निभाते हैं. ख़ासतौर से 'कमीने' में उनके अभिनय को देखकर मुझे लगता है कि इस दशक के बेहतरीन कलाकारों की अगर लिस्ट बनाई जाए तो उसमें शाहिद का नाम ज़रूर होगा.

अच्छा अब आप यह बताइए कि किसी किरदार को चुनने से पहले आप किन बातों का ध्यान रखती हैं?

ऐसा कोई भी किरदार जो मुझे चुनौतीपूर्ण लगे. जब मैं सुबह जगूं तो मेरे मन में सेट पर जाने को लेकर जोश हो. यह मेरे लिए हर किरदार को देना बहुत ज़रूरी है.

अगर मैं प्रियंका चोपड़ा से यह पूछूं कि कौन है प्रियंका चोपड़ा तो क्या कहेंगी?

मेरा स्वभाव थोड़ा सा जटिल ज़रूर है लेकिन मुझमें असुरक्षा बिल्कुल नहीं है. मुझे घर में रहना बहुत पसंद है. मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि अपने आपको समझ पाऊं और जैसी हूँ, वैसी रहूँ.

आशुतोष गोवारिकर की अगली फ़िल्म 'व्हाट्स योर राशि' में आपने 12 रोल एक साथ निभाए हैं.यह बताइए कि कैसा रहा इसका अनुभव?

बड़ा ही चुनौतीपूर्ण काम था यह मेरे लिए.यह मेरे करियर की सबसे मुश्किल फ़िल्म रही है. मुझे नहीं लगता कि मैं कभी इसी तरह का किरदार निभा पाऊंगी. हाँ इतना ज़रूर है कि मैं चाहूँगी कि मुझे इससे भी चुनौतीपूर्ण किरदार ऑफर किए जाएँ.

Image caption प्रियंका का शाहिद कपूर के बारे में मानना है कि वे किरदारों के अंतर को बखूबी निभाते हैं.

क्या आपका हॉलीवुड की फ़िल्मों की तरफ़ भी रुझान है?

प्रोजक्ट्स तो आते हैं लेकिन अभी तक कोई ऐसा प्रोजेक्ट नहीं आया है जिसमें मुझे लगे कि मैं इस फिल्म से हॉलीवुड में अपने पारी की शुरुआत कर सकूँ. मैं अभी जहाँ हूँ, वहीं काफ़ी ख़ुश हूँ.

प्रियंका आपको ऑफ़बीट या यूँ कहें कि लीक से हटकर रोल करने का भी मन करता है कभी?

मुझे लगता है कि जब मेरी शुरुआत हुई थी क़रीब छह साल पहले, तब मुझे समझ में नहीं आता था कि एक्टिंग किसे कहते हैं. कैसे किसी किरदार को बखूबी निभाया जाता है. जो भी रोल मुझे दे दिया जाता था और जैसे स्टेप्स मुझे बता दिए जाते थे, मैं कर देती थी. फिर 18-19 साल की उम्र में समझ में भी क्या आएगा. लेकिन अब मैने काम करते हुए काफ़ी कुछ सीखा है. कोशिश है कि कुछ अच्छे रोल किए जाएँ.

पिछले कुछ वर्षों में आपकी ढेर सारी फ़िल्में आईं हैं, जैसे 'फैशन', 'दोस्ताना', 'द्रोण' वगैरह. इनमें से कुछ हिट रही हैं और कुछ फ़्लॉप. ये बताइए कि आप बॉक्स ऑफ़िस के इस हिट और फ्लॉप के चक्कर के साथ कैसे तालमेल बनाती हैं.

हँसते हुए. जब भी मेरी कोई फ़िल्म नहीं चलती है तो मैं बहुत रोती हूँ. मेरा दिल टूट जाता है क्योंकि मेरी हर फ़िल्म मेरे लिए ख़ास है. जब मेरी कोई फ़िल्म हिट होती है तो मुझे इतनी खुशी होती है कि मैं बता नहीं सकती लेकिन ये हमारे व्यवसाय का अभिन्न हिस्सा है और इसका कुछ नहीं कर सकते.

संबंधित समाचार