क्विक गन मुरुगन के अंदाज़

राजेंद्र प्रसाद

क्विक गन मुरुगन जल्द ही आपको गुदगुदाने आ रहे हैं...तमिल और अंग्रेज़ी में बना ये हंसी का पिटारा खुलेगा 28 अगस्त को. इसे हिंदी में डब किया गया है.

माइंड इट के तकिया कलाम वाले क्विक गन मुरुगन का किरदार निभाया है राजेंद्र प्रसाद ने और उनके साथ हैं दक्षिण की मशहूर अभिनेत्री रम्भा.

दरअसल ये फ़िल्म हॉलीवुड की वेस्टर्न फ़िल्मों की तर्ज पर है, जिनमें अमेरिका के वाइल्ड वेस्ट के काउबॉयज़ की कहानियां होतीं हैं.

क्विक गन मुरुगन के हीरो राजेंद्र प्रसाद 150 से ज़्यादा तेलुगू फ़िल्मों में काम कर चुके हैं. उनकी कॉमेडी की तेलुगू सिनेमा में ख़ास पहचान है.

राजेंद्र प्रसाद वास्तविक जीवन में भी ख़ूब मज़ाकिया हैं. फिल्म के प्रसार के लिए आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा – ‘कोई मुझसे मेरी उम्र ना पूछे तो मैं कहना चाहता हूं कि इस फ़िल्म का प्रोड्यूसर मुझे देखते देखते बड़ा हुआ है और मेरी फ़िल्मों का बड़ा फ़ैन है.’

राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि इस फ़िल्म की शूटिंग के दौरान भी उन्हें ख़ूब मज़ा आया. उन्होंने कहा, "एक अंग्रेज़ी फ़िल्म में, तेलुगू एक्टर, एक तमिल किरदार निभा रहा है, जिसे हिंदी में डब किया जा रहा है औऱ इस फ़िल्म का निर्देशक एक बंगाली है….ये अपने आप में ही काफ़ी मज़ेदार है".

ओम शांति ओम में भी शाहरुख़ ऐसे ही एक किरदार में नज़र आए हैं. भारतीय टीम के कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी को भी आपने एक विज्ञापन में माइंड इट कहते सुना होगा.

इस पर क्विक गन मुरुगन का रोल करने वाले राजेंद्र प्रसाद मुस्कराते हुए कहते हैं "ओम शांति ओम हमारे लिए ही एक विज्ञापन है और धोनी के एक विज्ञापन में मुरुगन बनना मुझे भी पसंद है लेकिन ये सब ऑरिजिनल मुरुगन के लिए विज्ञापन हैं".

ये पूछे जाने पर कि उनका किरदार किन कलाकारों से प्रभावित है, उन्होंने कहा कि इस फ़िल्म में उन्होंने एनटी रामाराव और एमजी रामाचंद्रन के जैसे व्यवहार करने की कोशिश की है.

क्विक गन मुरुगन के निर्देशक शशांक घोष ने बीबीसी को बताया कि जितना उन्होंने सोचा था मुरुगन के किरदार के लिए उन्हें उससे ज़्यादा मेहनत करनी पड़ी है. उम्मीद है कि लोगों को ये फ़िल्म पसंद आएगी.

घोष ने बीबीसी को बताया कि वो तेरह साल से इस फ़िल्म के लिए सही पार्टनर ढूंढने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कहा, "हर नये विचार को हक़ीक़त में बदलने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन ये सब इतना आसान नहीं था जितना मैंने सोचा था".

निर्देशक शशांक घोष ने कहा कि क्विक गन मुरुगन के रोल के लिए वो काफ़ी लोगों से मिले लेकिन राजेंद्र प्रसाद से मिलते ही वो समझ गए कि यही उनका मुरुगन है.

और आख़िर में क्विक गन मुरुगन का ये डॉयलॉग.

'कर्मभूमि मेरा आंगन, छत ये मेरा नील गगन, ये पूरा दुनिया मेरा वतन और मेरा नाम मुरुगन...क्विक गन मुरुगन.'

ज़ाहिर है मुरुगन की रुचि ‘गन’ में है, व्याकरण में नहीं.

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