पेट्रोनॉस टॉवर पर चढ़ा 'स्पाइडरमैन'

Image caption एलेन रॉबर्ट को फ्रेंच स्पाइडरमैन नाम से जाना जाता है

अपनी अदभुत चढ़ने की क्षमता की वजह से स्पाइडरमैन के नाम से विख्यात फ्रांसीसी व्यक्ति एलेन रॉबर्ट मलेशिया स्थित पेट्रोनॉस टावर पर दीवारों के सहारे चढ़ गए.

दुनिया के सबसे ऊंचे भवनों में गिनी जाने वाली इस बिल्डिंग पर सफलतापूर्वक चढ़ने के लिए उन्हें तीन बार प्रयास करना पड़ा.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 47 वर्षीय एलेन रॉबर्ट ने कुआलालंपुर की 88 मंज़िला और 452 मीटर ऊंची इस बिल्डिंग पर चढ़ने में मात्र दो घंटे का समय का लिया.

एलेन रॉबर्ट इससे पहले भी कई ऊंची मीनारों पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चढ़ाई कर चुके हैं.

पेट्रोनॉस टॉवर दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची इमारत है.

हालांकि रॉबर्ट को इस मीनार पर अनधिकृत तरीक़े से चढ़ने के लिए गिरफ़्तार कर लिया गया है.

ख़तरों का शौक

मीनार पर चढ़ने के बाद रॉबर्ट ने खुशी जताने के लिए मलेशिया का झंडा लहराया और अपना हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया.

इस घटना की फ़िल्म बनाने वाले कैमरामैन ई वी क्यात ने कहा, ''वो खाली हाथ मीनार के शिखर पर इतनी तेज़ी से चढ़ गए कि किसी सुरक्षाकर्मी का उन पर न तो ध्यान गया और न ही किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश की.''

अपने पहले दो प्रयासों में उन्हें साठवीं मंज़िल पर गिरफ़्तार कर लिया गया था. हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.

खु़द को कुछ जिद्दी बताते हुए रॉबर्ट का कहना था कि पेट्रोनॉस टॉवर पर चढ़ना उसका बहुत बड़ा सपना था.

कुआलालंपुर पुलिस के प्रमुख मुहम्मद सब्तू उस्मान का कहना है कि रॉबर्ट के ऊपर अनधिकृत ढंग से टॉवर पर चढ़ने का अभियोग लगाया जा सकता है..

उन्होंने कहा, ''रॉबर्ट बिल्डिंग प्रबंधन की अनुमति के बिना उस पर चढ़े.''

रॉबर्ट अब तक 70 से ज़्यादा बिल्डिंगों पर बिना किसी रस्सी और अन्य चीज़ की मदद के चढ़ चुके हैं. इनमें पेरिस की एफिल टॉवर और सैन फ्रांसिस्को की गोल्डेन गेट ब्रिज बिल्डिंग भी शामिल है.

इस दौरान वो कई बार गिरे भी हैं और उन्हें गंभीर चोटें भी आ चुकी हैं.

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