भावुक, फ्रेंडली, प्यार करने वाली सुनिधि

सुनिधि चौहान
Image caption सुनिधि ने कम समय में ही अनेक लोकप्रिय गीत गाकर नाम कमाया है

सुनिधि चौहान आज फिल्म जगत की सबसे व्यस्त और लोकप्रिय गायिकाओं में से एक हैं. सुनिधि का विश्वास है कि ईश्वर ही उनके अंदर की चेतना और विश्वास है और उसी की प्रेरणा की बदौलत आज वो इतनी सफल हैं. संगीत ही इनके जीने का उद्देश्य और जीवन है. इतनी छोटी सी उम्र में 2500 से अधिक गीतों को अपनी आवाज़ देने वाली सुनिधि पिछले दिनों अपने प्रोग्राम के सिलसिले में अमरीका प्रवास पर रहीं और इसी दौरान उनसे रूबरू होने और उनकी गायकी को और क़रीब से जानने का मौका मिला-

आप अपने परिवार के बारे में कुछ बताइए.

मेरे परिवार में मेरे पापा हैं, माँ हैं, मेरी छोटी बहन है. हम चारों बहुत ख़ुश हैं, एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं, बस यही छोटी सी दुनिया है हमारी.

आप ने बहुत छोटी सी उम्र में ही गाना शुरू कर दिया था. आप की उम्र के बच्चे जब खेलते थे तो आप रियाज़ कर रही होती थीं. तो आप को क्या कभी लगा कि आप कुछ मिस कर रही हैं?

मुझे ऐसा कभी नहीं लगा क्योंकि मुझे गाना गाना बहुत अच्छा लगता था. जिस तरह से बच्चे खेलने में आनंद लेते थे, मुझे गाने में वही आनंद आता था तो मुझे कभी नहीं लगा कि मैं कुछ मिस कर रही हूँ, पर हाँ मैंने भी और बच्चों की तरह एक सामान्य जीवन जिया है.

आप को तबस्सुम जी ने खोजा था. ये हुआ कैसे?

एक समारोह में उन्होंने मुझे गाते हुए सुना और कहा कि तुम जब भी मुंबई आना तो मुझसे ज़रूर मिलना. उसके बाद पापा के साथ छुट्टियों का प्लान बना कर हम को मुंबई ले गए. वहाँ जा कर बस यूँ ही हाय हैलो करने के लिए तब्बसुम जी को फ़ोन किया तो उन्होंने हमें घर पर बुला लिया, बहुत से गाने सुने और लोगों को सुनाए, बस यहीं से सफ़र शुरू हो गया.

तो हम सब को तब्बसुम जी का शुक्रगुज़ार होना चाहिए नई पीढ़ी की आशा भोंसले को हम सब से मिलाने का. फिर आप दिल्ली से मुंबई के कैसे हो गए?

तब्बसुम जी ने मुझे उसके बाद कल्याण जी से मुझे मिलाया, उनको मेरा गाना बहुत पसंद आया. उस के बाद हम कई बार 15-15 दिनों के लिए मुंबई आए उस के बाद तो हम बस यहीं के हो गए.

आप ने पहली बार शस्त्र फिल्म के लिए पार्श्व गायन किया. कैसे मिला ये मौक़ा?

मै फिल्म फेयर अवार्ड्स में परफॉर्म कर रही थी जब आदेश जी ने मुझे सुना. उनको अच्छा लगा और उन्होंने मुझे ब्रेक दे दिया. इस तरह मुझे शस्त्र मिली थी.

मस्त मूवी का गाना "रुकी रुकी सी ज़िंदगी" आप का पहला हिट गाना था? कैसा रहा उस गाने का अनुभव?

मेरे जीवन का वो बहुत ख़ूबसूरत पल था. वो राम गोपाल जी की मूवी का गाना था. मैं बहुत ख़ुश थी. मुझे उस को गाने में बहुत ही आनंद आया था.

'बीड़ी जलाई ले' गाना जब आप ने गाया तो कैसा लगा था?

मुझे ये गाना बहुत कमाल लगा था. विशाल जी ने मुझे बुलाया और ये गाना दिया. जब मै सीख रही थी तभी मैंने कहा था कि ये गाना बहुत हिट होने वाला है. गाना बहुत अच्छा चला और मेरे कैरियर का सबसे अच्छा गाना बन गया.

आप जब रिकार्डिंग पर जाती हैं तो कुछ न कुछ ऐसी घटनाएँ ज़रूर घटी होंगी जो आप को याद होंगी.

हाँ, हर गाने के पीछे कोई न कोई कहानी ज़रूर होती है पर एक बात जो मुझे हमेशा याद आती है. धूम फिल्म का गाना, धूम मचाले जब हम गा रहे थे तो प्रीतम ने मुझसे पूछा था की इस गाने के बारे मैं क्या सोचती हूँ. मैंने कहा ये एक साधारण गाना है पर हिट हो जाएगा. हम सभी जानते थे कि गाना अच्छा बना है पर सुपर हिट होगा ये किसी ने नहीं सोचा था.

कुछ गानों में आप स्क्रीन पर दिखाई दी हैं. आप बहुत अच्छी दिखती हैं तो क्या आप ने कभी फिल्मों में अभिनय करने के बारे में सोचा है?

अभी तो ऐसा कुछ नहीं सोचा है. आगे देखते हैं क्या होता है. कभी मन किया तो ये भी सोच लेंगे.

आप रेडियो सिटी एफ़ एम पर रेडियो जौकी भी रही हैं. गायन से जौकी ये मोड़ कैसे आया?

मुझे इस काम का निमंत्रण मिला तो सोचा कि चलो किया जाए. कुछ अलग तरह का काम था तो कर लिया और सच मानिए बहुत मज़ा आया.

आप का साक्षात्कार सभी लेते हैं पर रेडियो पर आप ने बहुत से लोगों का साक्षात्कार लिया होगा. सवाल पूछते हुए कैसा लग रहा था? लग रहा था कि जो भी पूछूँ, इन को बताना ही होगा. तो बहुत मज़ा आया.

क्या आप ने संगीत की विधिवत शिक्षा ग्रहण की है?

दुर्भाग्य से मैं सीख तो नहीं पाई. मैंने गौतम मुखर्जी से सीखना शुरू किया था पर उनके पास कुछ कक्षाएँ लेने के बाद मैं सीखने का क्रम जारी नहीं रख सकी. जो भी सीखा है, लोगों को सुन कर ही सीखा है, वैसे मेरा कोई गुरू नहीं रहा है.

अपने गले को इतना सुरीला बनाए रखने के लिए क्या करती हैं?

मै खाने में कोई परहेज़ नहीं करती हूँ. मै सोचती हूँ कि सब कुछ आप के दिमाग़ में होता है. हाँ, यदि गला ख़राब हो तो ख़राब खाना नहीं खाना चाहिए.

आप कितना रियाज़ करती हैं?

मै रास्ते में बहुत गाती हूँ. जब भी मौक़ा मिलता है, थोडा अभ्यास कर लेती हूँ गाड़ी में. रिकॉर्डिंग के लिए जब जाती हूँ रास्ते में गाती जाती हूँ, पर घर में बैठ कर अभी तक अभ्यास नहीं किया जोकि करना चाहिए.

आप व्यक्तिगत रूप से शास्त्रीय गीत, अर्ध-शास्त्रीय या तेज़ गाने पसंद करती हैं?

ये सब मूड और माहौल पर निर्भर करता है. जब स्टेज पर होती हूँ तो तेज़ ध्वनि के गाने गाती हूँ. अकेली बैठी हूँ तो मध्यम सुरों के रोमांटिक गाने गाती हूँ.

आप मिमिकरी भी करती हैं. आप को अपने इस गुण का पता कब चला?

(हँसकर) प्रतिभा हो, ऐसा तो नहीं, हाँ घर में यूँ ही मस्ती करती थी. एक दूसरे की नकल उतारते थे. कुछ लोग तारीफ़ करते थे, कुछ लोग दुखी हो गए थे. सभी मज़ाक को मज़ाक की तरह से नहीं ले पाते हैं और मैं किसी को दुखी नहीं करना चाहती थी. इसलिए दो साल से मैंने ये सब करना बंद कर दिया है.

2006 के एशियन खेलों में आप ने "रीच आउट" गाना गा कर भारत का प्रतिनिधित्व किया था. ये अवसर आप को कैसे मिला और आप को कैसा अनुभव हुआ था?

आयोजक अच्छा गाने वाला ढूंढ रहे थे. पूरी दुनिया के गायकों में से मुझे चुना गया जो मेरे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात थी. मैंने अकेले भारत का प्रतिनिधित्व किया और मुझे बहुत अच्छा लगा.

क्या आप अंग्रेज़ी गानों की कोई अलबम निकलना चाहती हैं?

जी हाँ. मैं बहुत जल्दी इस पर काम शुरू करने वाली हूँ. इस में बहुत प्लानिंग की आवश्यकता होती है.

आप भविष्य में किस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं है?

मै लगभग हर दिन गाने रिकॉर्ड करती हूँ. आने वाली बहुत सी फिल्मों में आप मेरा गाना सुनेंगी, फिल्म हणिप्पा में मेरे तीन गाने हैं.

यदि आप गायिका न होती तो क्या होतीं?

मैं और कुछ भी नहीं होती. मुझे संगीत से बहुत लगाव है अतः दुनिया के किसी भी कोने में मैं गा ही रही होती चाहे जो छोटे स्तर पर ही होता.

स्वयं के गए गानों में आप का पसंदीदा गाना कौन सा है?

माई ब्रदर निखिल का "ले चलें". नए गानों में न्यूयार्क का "मेरे साथ चल ज़रा" मुझे बहुत पसंद है.

दूसरों के गए गाने जो आप को बहुत पसंद हैं?

ओमकारा का गाना रेखा वाधवा जी का गया हुआ, के के का गाया हुआ "तू ही मेरी शब है" और रूप कुमार राठौड़ जी ने "मौला मेरे मौला" बहुत खूब गया है. मुझे "ये इश्क हाय" श्रेया ने जिस तरह गाया है मुझे बहुत पसंद है, साथ ही "बोल न हल्के हल्के" भी मुझे बहुत पसंद है.

अभिनेता और अभिनेत्री- जो आप को बहुत पसंद हैं?

अभिनेता.... मुझे तो कोई भी पसंद नहीं है, हाँ पुराने अभिनेताओं में मुझे बलराज सहनी, सुनील दत्त, धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन और देव साहब पसंद हैं. अभिनेत्रियों में माधुरी दीक्षित मेरी हमेशा ही पसंद रहीं है .

संदीदा फिल्में?

सदमा और भेजा फ्राई. मुझे मस्ती भी बहुत अच्छी लगी थी. कोई फिल्म देखते हुए मैं इतना हँसी की ज़मीन पर गिर पड़ी थी.

ऐसी जगह जहाँ आप बार-बार जाना चाहती हैं?

ऑरलेंडो, ऐसी जगह है जहाँ जाना मुझे बहुत अच्छा लगता है.

खाना जिसे देख कर आपके मुंह में पानी आ जाता है?

मुझे चाइनीज़ और दक्षिण भारतीय खाने बहुत पसंद हैं.

संगीत से अलग ख़ाली पलों में आप क्या करती हैं?

मुझे ड्राइविंग का बहुत शौक है. मैं अक्सर लंबी ड्राइव पर निकल जाती हूँ.

आप के शब्दों में सुनिधि क्या है?

बहुत भावुक, फ्रेंडली, प्यार करने वाली, हिम्मत वाली. बस यही है सुनिधि.

अपने भविष्य के बारे में क्या सोचा है?

अभी तो कुछ नहीं बस संगीत पर ही ध्यान केंद्रित करना चाहती हूँ. जीवन में जो कुछ आता जाएगा उसे वैसे ही अपनाती जाउंगी.

संबंधित समाचार