वैल डन अब्बा लंदन फिल्म फेस्टीवल में

श्याम बेनेगल
Image caption फिल्ममेकर श्याम बेनेगल की फिल्म वैल डन अब्बा इस साल लंदन फिल्म समारोह का हिस्सा है.

विख़्यात फिल्ममेकर श्याम बेनेगल की फिल्म वैल डन अब्बा इस साल लंदन फिल्म समारोह का हिस्सा है. पिछले साल बेनेगल की फिल्म वेलकम टू सज्जनपुर भी इस समारोह में शामिल की गई थी.

कहानी

ग्रामीण परिवेश पर आधारित वैल डन अब्बा एक कॉमेडी फिल्म है जिसमें विकास की सरकारी योजनाओं के क्रियान्वन में कमियों और भ्रष्टाचार को एक हल्के-फुल्के तरीके से दर्शाया गया है.

फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में बमन ईरानी और मिनिशा लांबा हैं. बमन एक अधेड़ उम्र के कार ड्राईवर अरमान अली हैं और मिनिशा उनकी बेटी हैं.

बीबीसी के लिये ललित मोहन जोशी ने श्याम बेनेगल और बमन ईरानी से लंदन में बातचीत की.

श्याम बेनेगल का कहना है कि फिल्म का विषय काफी गम्भीर है और गांव के बारे में है. लेकिन दर्शक ऐसे विषय पर फिल्में देखना पसंद नहीं करते इसलिये उन्होंने कॉमेडी बनाई.

किरदार

बमन इरानी को फिल्म में लेने की वजह श्याम बेनेगल बताते हैं कि बमन एक बेहतरीन ऐक्टर हैं. बेनेगल कहते हैं, “मैं कई वर्षों से बमन को फिल्मों, विज्ञापनों और थियेटर में देख रहा हूँ और चाहता था कि उन्हें अपनी फिल्म में मुख्य किरदार के रुप में लूं.”

श्याम कहते हैं, “बमन बहुर्मुखी ऐक्टर हैं जो किसी भी तरह का रोल बखूबी निभा सकते हैं. हैदराबादी संस्कृति से अपरिचित होते हुए और वो बोली न जानते हुए भी उन्होंने अरमान अली का किरदार बहुत बढ़िया तरीके से किया है.”

अपने किरदार के बारे में बमन इरानी का कहना है कि अरमान अली उर्फ अब्बा थोड़ा बेफकूफ मगर ख़ुदा का आदमी है. वो मासूम तो है साथ ही समझदार भी है जो जब वक्त आता है तो सही फैसले करता है.

फिल्म में हैदारबादी या दखिनी बोली का इस्तेमाल हुआ है जिसे बमन इरानी और मिनिशा लांबा को सिखाने के लिये एक प्रशिक्षक रखा गया था. श्याम बेनेगल कहते हैं कि दोनों ही, ख़ासकर मिनिशा लांबा, उनकी उम्मीद से बेहतर साबित हुए.

Image caption बमन ईरानी ने वैल डन अब्बा में मुख्य भूमिका निभाई है.

बमन ईरानी ने बताया, “हिंदी-उर्दू की मिली जुली बोली जो हैदराबाद और आस-पास बोली जाती है. ये मीठी बोली है और इसके लिये मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी.”

श्याम बेनेगल के साथ काम करने के बारे में बमन ईरानी का कहना था, “हिन्दुस्तान में अगर अपने आपको ऐक्टर मानना है तो कम से कम एक फिल्म तो श्याम बेनेगल के साथ करनी ही चाहिये. ये बतौर ऐक्टर आपके विकास के लिये ज़रुरी है. श्याम बेनेगल को सभी विषयों के बारे में बहुत जानकारी है. ऐसा लगा कि मैं एक दोस्त के साथ घूमने गया हूं. वो काफी सीनियर हैं लेकिन पूरी शूटिंग के दौरान हम दो कॉलेज के लड़कों की तरह मज़ा कर रहे थे, चुटकले छोड़ रहे थे. ये मेरे बेहतरीन अनुभवों में से एक था.”

प्रतिक्रिया

फिल्म की पहली स्क्रीनिंग में श्याम बेनेगल मौजूद थे. उनका कहना है कि पूरा हॉल भरा था और स्क्रीनिंग में दर्शकों की उत्साहपूर्ण और सकारात्मक प्रतिक्रिया थी.

वहीं बमन ईरानी कहते हैं कि कि लंदन फिल्म फेस्टीवल में फिल्म को काफी सराहा गया. “साढ़े पांच सौ सीट वाला थियेटर हाउस फुल था जिसमें लगभग सत्तर प्रतिशत अंग्रेज़ थे. अगर वो लोग दखिनी किरदारों को पसंद कर सवाल पूछते हैं ये बहुत अच्छी बात है.”

14 से 29 अक्तूबर तक चलने वाले लंदन फिल्म समारोह के वर्ल्ड सिनेमा वर्ग में वैल डन अब्बा के अलावा इस साल सुधीर मिश्रा की फिल्म तेरा क्या होगा जॉनी, अनुराग कश्यप की गुलाल, और बुद्धादेब दासगुप्ता की बंगाली फिल्म द विंडो और एजुकेशन इवेंट वर्ग में नवोदित फिल्ममेकर उमेश विनायक कुलकर्णी की मराठी फिल्म द वैल भी दिखाई जा रही हैं.

संबंधित समाचार