बीबीसी टेक वन: चटपटी फ़िल्मी गपशप

कैटरीना क़ैफ़

कैटरीना क़ैफ़

मनोरंजन की दुनिया से सप्ताह भर की चटपटी ख़बरें समेटे बीबीसी हिंदी एफ़एम का विशेष कार्यक्रम 'बीबीसी टेक वन'.

बीबीसी टेक वन के इस अंक में हम बताएँगे भारत में इस सप्ताह रिलीज़ हो रही फ़िल्मों के बारे में और हमारे साथ होंगे 'बीबीसी टेक वन' के फ़िल्म समीक्षक सुभाष के झा.

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सुभाष के झा के साथ आप जान पाएँगे पिछले सप्ताह रिलीज़ हुई फ़िल्मों की बॉक्स आफ़िस रिपोर्ट भी.

इस हफ़्ते बॉक्स ऑफिस पर आई फ़िल्मों में शामिल हैं इस सप्ताह दो फ़िल्में, राज कुमार संतोषी द्वारा निर्देशित अजब प्रेम की गज़ब कहानी और मधुर भंडारकर के निर्देशन तले बनी फ़िल्म जेल.

अजब प्रेम की गज़ब कहानी में मुख्य भूमिका निभाई है रणबीर कपूर और कैटरिना कैफ ने. कैटरिना कैफ कहती हैं की फ़िल्म में उनका किरदार एक ऐसी लड़की का है जिसके बहुत ही कम दोस्त हैं. एक ऐसी लड़की जिसकी आंखें अक्सर प्यार भरे सपने देखती हैं, और उसे एक सही साथी की तलाश है.

वहीँ बीबीसी टेक वन फ़िल्म समीक्षक सुभाष के झा का कहना है की राज कुमार संतोषी बेहतरीन फ़िल्में बनाते हैं. सुभाष ये भी कहते हैं की उन्हें हमेशा ही संतोषी की फ़िल्में पसंद आई हैं. और अजब प्रेम की गज़ब कहानी ज़रूर दर्शकों को पसंद आयेगी.

वहीँ अगर मधुर भंडारकर की फ़िल्म जेल के बारे में सुभाष की राय जाने तो उनका कहना है की इस फ़िल्म में ज़रूर कुछ न कुछ नया और संवेदनशील होगा.

खुद मधुर अपनी फ़िल्म जेल के बारे में कहते हैं की ये एक ऐसे मध्यमवर्गीय नवयुवक की कहानी है जो हालत की चपेट में फसकर जेल की सलाखों के पीछे पहुँच जाता है.

जेल मैं नील नितिन मुकेश, मुग्धा गोडसे और मनोज बाजपाई जैसे कलाकार हैं. फ़िल्म में अपने किरदार के बारे में नील कहते हैं की जब वो ये फ़िल्म कर रहे थे तब उनके मन में केवल यही सवाल था की क्या उनके काम पर उनके माता पिता को गर्व होगा, और आज वो ये कह सकतें हैं की ऐसा है.

बीबीसी टेक वन में इस हफ्ते नज़र डालेंगे भारतीय सिनेमा जगत पर. कहते हैं फ़िल्में समाज का प्रतिबिम्ब होती हैं. भारतीय सिनेमा में अक्सर ये देखा गया है की एक अभिनेता 60 वर्ष की आयु में भी किसी फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभाते हुए अपने से आधी उम्र की अभिनेत्री के साथ जोड़ी बना सकता है.

लेकिन अगर किसी बड़ी उम्र की कलाकारा की जोड़ी किसी कम उम्र के अभिनेता के साथ बड़े परदे पर नज़र आये तो बस ये लोगों को मंज़ूर ही नहीं होता.

फिल्म अभिनेत्री नंदिता दास कहती हैं की ये सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में है. वो कहती है की समाज की भांति सिनेमा भी पुरुष प्रधान है.

निर्माता निर्देशक विशाल भरद्वाज की भी यही राय है. लेकिन वहीँ नयी अभिनेत्री मुग्धा गोडसे कहती हैं की बड़ी उम्र के अभिनेता के साथ काम करने में कोई बुराई नहीं है. इससे तो एक नयी अभिनेत्री को सिनेमा जगत में अपनी पहचान बनाने में मदद मिलती है.

इस हफ्ते 7 तारीख़ को अभिनेता कमल हसन अपना 56 वां जन्मदिन मनाएंगे. कमल ने दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के साथ साथ कई हिंदी फ़िल्मों में भी अभिनय किया है. कमल कहते हैं की उनकी अब तक की पसंदीदा हिंदी फ़िल्मों में सदमा और सागर शामिल है.

कमल ये भी कहते हैं की उनकी पहली हिंदी फ़िल्म एक दूजे के लिए में उनके अभिनय को देख कर ही रमेश सिप्पी ने उन्हें सागर में काम करने का मौका दिया.

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