बेगानी शादी में स्टार्स दीवाने

शाहरुख़ ख़ान
Image caption शाहरुख़ ख़ान ऐसे नाच गानों में पैसे कमाने को उचित मानते हैं

आजकल शादियों का मौसम है और ऐसे में आप अकसर पढ़ते या सुनते होंगे कि किसी उद्योगपति या बड़े सियासतदाँ के यहां फ़िल्मी सितारों ने नाच-गा लोगों का ख़ूब मंनोरंजन किया.

आम धारणा है कि इन शादियों में सितारों को पैसे का आकर्षण खींच लाता है. जाने-माने फ़िल्म समीक्षक राजीव मसंद कहते हैं कि जिन्हें अपनी शादियों फ़िल्मी सितारों का जमावड़ा करना होता है वो शायद सीधे इनसे संपर्क नहीं करते.

राजीव मसंद कहते हैं, “ मुझे लगता है इस व्यवसाय में बिचौलिये होते हैं जिनकी स्टार्स के पास पहुंच होती है. ऐसे लोग शायद ऑफ़र सितारों तक लाते हैं.”

राजीव मसंद इस व्यवसाय का मर्म समझाने के लिए एक दिलचस्प उदाहरण देते हैं.

मसंद कहते हैं कि एक बार उन्होंने शाहरुख़ ख़ान से पूछा कि सितारे दूसरों की शादियों जाकर क्यूं नाचते-गाते हैं. शाहरुख़ ने मसंद को बताया कि वो एक करोड़ के लिए ख़राब फ़िल्म में काम करने के बजाय वो एक शादी में नाचना पसंद करेंगे.

इतना ज़रुर है कि ज़्यादातर सितारे इस बात को नहीं स्वीकारते कि वो ऐसे समारोहों में अपना हुनर दिखलाने के लिए पैसे लेते हैं. आए दिन अख़बारों के तीसरे पन्ने पर ऐसे सितारे देखे जा सकते हैं जो किसी अमीरज़ादे की शादी में दूल्हा-दुल्हन के साथ तस्वीर खिंचवा रहे हों.

मशहूर अभिनेत्री कैटरिना कैफ़ कहती हैं कि अगर वो परिवार को जानती हैं तो इसमें कोई हर्ज़ नहीं है. कैफ़ इस बारे में बात करते हुए बीबीसी को बताया, “अगर परिवार की छबि साफ़-सुथरी है या वो किसी ऐसे ब्रांड से जुड़े हैं जिन्हें मैं एंडोर्स करती हूं, और साथ ही मुझे पता हो वहां सब कुछ सभ्य तरीके से होने वाला है तो क्यूं नहीं?”

राजीव मसंद भी कहते हैं कि सितारे ऐसी शादियों में अपना कार्यक्रम करने से पहले कुछ बातों का ज़रुर ध्यान रखते हैं, ख़ासतौर से परिवार की पृष्ठभूमि का पड़ताल तो होती ही है.

सुभाष के झा हिंदी फ़िल्मों के जाने-माने समीक्षक और पत्रकार हैं. उन्होंने बीबीसी को बताया कि ऐसी शादियों में फ़िल्मी सितारों पर ख़ूब पैसा बहाया जाता है. झा कहते हैं कि ये आंकड़ा कई बार एक करोड़ तक भी जा सकता है.

लेकिन झा इस ट्रैंड को सही नहीं मानते. वो कहते हैं, "मेरे ख़याल में ये सही नहीं है. फ़िल्मी सितारों की आसान उपलब्धता से उन्हीं नुकसान होगा. उनके ईर्द-गिर्द जो ग्लैमर का दायरा है उसमें कमी आ सकती है. लोग सिर्फ़ नाचने-गाने के लिए ही नहीं सिर्फ़ शादी अटैंड करने के लिए भी पैसे लेते हैं. "

वैसे यह सिर्फ़ शादी विवाह तक सीमित नहीं है शो रूम के उदघाटन में भी ऐसा होता है और यह सिर्फ़ अभिनेता-अभिनेत्री नहीं करते आजकल क्रिकेट के खिलाड़ी भी करने लगे हैं.

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