जैक्सन को विदाई, हबीब ने रंगमंच सूना किया

गीत, संगीत, रंगमंच, नृत्य, साहित्य...ये सारी ऐसी कला विधाएँ हैं जो लोगों के रोज़ मर्रा के जीवन में रस घोलती हैं,

फ़नकार अपने हुनर के माध्यम से लोगों तक अपनी कला पहुँचाते हैं.

वर्ष 2009 में ऐसे कई अनमोल नगीने दुनिया को अलविदा कह गए. आइए नज़र डालते हैं कुछ हस्तियों के जीवन पर

माइकल जैक्सन

पिछले करीब 30 बरसों से एक नाम जो विश्व में पॉप संगीत की दुनिया का बेताज बादशाह बन कर रहा वो अचानक 50 साल की उम्र में सबको छोड़ कर चला गया. जैक्सन की ज़िंदगी जैसी रहस्यमई थी और विवादों से घिरी हुई रही, मौत भी वैसी ही थी. 25 जून 2009 में एक रात ख़बर आई कि दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई.

लेकिन मौत जिन हालातों में हुई उसे लेकर विवाद बना हुआ है. माइकल जैक्सन की मृत्यु की जाँच कर रहे अधिकारी ने कहा है कि उनकी मौत हत्या है. ( जैक्सन का पूरा जीवन परिचय पढ़ने के लिए क्लिक करें)

उनके करियर की शुरुआत हुई वर्ष 1964 में जब वे अपने भाई के पॉप ग्रुप में शामिल हुए जिसका नाम था जैक्सन फ़ाइव. देखते ही देखते वे पॉप दुनिया पर छा गए और पूरी दुनिया में उनके एल्बम बिकने लगे. और साथ ही शुरु हो गया विवादों का सिलसिला.वर्ष 2009 में उन्होंने अपने कमबैक टूयर की योजना बनाई थी-दिस इज़ इट लेकिन किस्मत ने उन्हें ये मौका ही नहीं दिया.

हबीब तनवीर

आगरा बाज़ार, चरनदास चोर...रंगमंच की दुनिया को ऐसे कई नायाब नाटक देने वाले हबीब तनवीर जून 2009 में सबको अलविदा कह गए. फ़िल्मों और साहित्य की दुनिया में भी उन्होंने नाम बनाया. पूरी कहानी पढ़िए

तैयब मेहता

आधुनिक भारत में चित्रकला की दिग्गज हस्ती तैयब मेहता भी 2009 में सबका साथ छोड़ चले गए.सेलीब्रेशन नाम की उनकी पेंटिंग 2002 में तीन लाख 12 हज़ार पाँच सौ डॉलर में बिकी थी. किसी भी अंतरराष्ट्रीय नीलामी में ये उस समय भारतीय पेंटिंग के लिए सबसे महंगी बोली थी. तीन साल बाद उनकी पेंटिंग जेस्चर इससे भी दोगुने दाम पर बिकी. पूरी कहानी पढ़िए

प्रभाष जोशी

वर्ष 2009 में हिंदी पत्रकारिता का एक दिग्गज सिपाही संसार को छोड़ कर चला गया. प्रभाष जोशी का पाँच नवंबर को निधन हो गया. राजनीतिक और सामाजिक मुद्दें हों या उनका प्रिय खेल क्रिकेट सब विषयों पर उनकी कलम ख़ूब चली. बेबाक लेखनी के कारण उन्होंने अपनी ख़ास पहचना बनाई. पूरी कहानी

गुलशन बावरा

मेरे देश की धरती सोना उगले..60 के दशक में फ़िल्म उपकार का ये गीत शायद बहुत से भारतीयों की ज़ुबां पर होगा. ऐसे ही कई अनमोल गीत देने वाले गीतकार गुलशन बावरा का अगस्त 2009 में निधन हो गया. यारी है ईमान मेरा, कसमें वादे निभाएँगे हम.. कई हिट गीत उनकी कलम से निकले. पूरी कहानी पढ़िए

गंगूबाई हंगल

भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुप्रसिद्ध गायिका गंगूबाई हंगल का जुलाई 2009 में निधन हो गया. पिछले 50 सालों में अपनी मेहनत और हुनर के बाल पर उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई ऊँचाई दी. उन्हें पद्म भूषण, तानसेन पुरस्कार और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों से नवाज़ा जा चुका है. उन्होंने संगीत की शिक्षा 'किराना घराने' के गुरू सवाई गंधर्व से ली थी. पूरी कहानी पढ़िए

जॉन अपडाइक

दो बार पुलित्ज़र पुरस्कार जीतने वाले लेखक जॉन अपडाइन ने जनवरी 2009 में अपनी अंतिम साँस ली. वे सबसे ज़्यादा अपनी रैबिट ट्रॉयलॉजी से जुड़े किताबों के लिए जाने जाते हैं. साहित्य जगत में उनका नाम बड़े अदब से लिया जाता है. उन्होंने कविताएं, आलोचना, उपन्यास और छोटी कहानियां भी लिखी हैं.

आलोचना उनकी आत्मकथा 'माइ स्टोरी' को लेकर हुई जिसका प्रकाशन वर्ष 1976 में हुआ. उन पर विवाहेतर संबंधों को सही ठहराने के आरोप लगे. पूरी कहानी पढ़िए

कमला सुरैया

अंग्रेज़ी और मलयालम की जानी मानी लेखिका का मई 2009 में निधन हो गया.उनकी छवि कांतिकारी कवयित्री के रुप में बनीं.उनकी रचनाओं में रुढिवादी समाज में महिलाओं पर लगी बंदिशों का चित्रण होता था.वर्ष 1999 में उन्होंने इस्लाम अपना लिया और इसको लेकर काफी विवाद हुआ.उन्होंने वर्ष 1984 में साहित्य के नोबल पुरस्कार के दावेदारों की सूची में भी जगह बनाई. उनकी आत्मकथा 'माइ स्टोरी' को लेकर हुई काफ़ी आलोचना हुई. उन पर विवाहेतर संबंधों को सही ठहराने के आरोप लगे. पूरी कहानी पढ़िए

विष्णु प्रभाकर

जाने-माने हिंदी साहित्यकार पद्म भूषण विष्णु प्रभाकर का अप्रैल में निधन हो गया. उन्हें उनके उपन्यास अर्धनारीश्वर के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था. उनका लेखन देशभक्ति, राष्ट्रीयता और समाज के उत्थान के लिए जाना जाता था.उनकी प्रमुख कृतियों में 'ढलती रात', 'स्वप्नमयी', 'संघर्ष के बाद' और 'आवारा मसीहा' शामिल हैं.

अशीम चक्रवर्ती

2009 का अंत होते-होते एक और बुरी ख़बर आई. मशहूर बैंड इंडियन ओशन ने अपने मुख्य सदस्य और परकरशनिस्ट असीम चक्रवर्ती का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. इसी साल अक्तूबर में दौरा पड़ने के बाद वे कोमा में चले गए थे लेकिन उनकी तबीयत में सुधार हो रहा था. इंडियन ओशन भारत के अग्रणी संगीत बैंड में से एक है.

स्टीफ़न गेटली

नब्बे के दशक में धूम मचाने वाले बैंड बॉयज़ोन के गायक स्टीफ़न गेटल की अक्तूबर 2009 में अचानक मौत हो गई. इस बैंड ने ‘वेन यू से नथिंग ऐट ऑल’ समेत कई हिट गाने दिए. पूरी कहानी.

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