कुछ खट्टी कुछ मीठी यादें

Image caption जैक्सन की मौत के बाद उनके बच्चों की ज़िम्मेदारी माइकल की माँ को दी गई है.

फ़िल्म,फ़ैशन,मनोरंजन की दुनिया जहाँ चकाचौंध और ग्लैमर के लिए सुर्खियों में रहती है तो वाद-विवाद, झगड़े, क़ानूनी पचड़े,रूठना, मनाना...ये सब भी साथ-साथ चलता रहा है.

हाई-प्रोफ़ाइल डिज़ाइनर शादियाँ, सालगिरह पर शानदार जश्न,कभी कोर्ट कचहरी के चक्कर...मनोरंजन की दुनिया अपने आप में अलग ही दुनिया है.कुछ खट्टी, कुछ मीठी तो कुछ कड़वी और मन को उदास कर जाने वाली यादें वर्ष 2009 भी पीछे छोड़ गया है.

जिस एक घटनाक्रम ने पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया वो थी पॉप के किंग माइकल जैक्सन की रहमस्यमई मौत जिसे अब जाँचकर्ताओं ने हत्या करार दे दिया है. 'हत्या' के बाद भी शायद जैक्सन की आत्मा को शांति न मिली हो. उनके बच्चों की देखरेख को लेकर क़ानूनी लड़ाई चली जिसके बाद तीनों बच्चों को जैक्सन की माँ के सुपुर्द कर दिया गया. इसके लिए उन्हें हर साल दस लाख डॉलर मिलेंगे.

जब 'हत्या' के बाद जैक्सन के आरामगाह या रैंच पर टीवी कार्यक्रम शूट हुआ तो लोगों ने कहा कि वीडियो में एक परछाई है जो जैक्सन का भूत है.कई लोगों के लिए शायद जैक्सन मरकर भी नहीं मरे.

ग़रीबी का महिमामंडन?- 2009 में आठ ऑस्कर जीतने वाली फ़िल्म स्लमडॉग मिलियनेयर ने भले ही दुनिया में रिकॉर्ड कमाई की हो और वाहवाही लूटी हो लेकिन भारत में इसने फ़िल्मकारों और दर्शकों में अच्छी ख़ासी बहस छेड़ दी. क्या ये फ़िल्म भारत, उसकी संस्कृति और उसके सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले आई या फिर ये भारत की झुग्गियों में बसी ग़रीबी को सिनेमा के ज़रिए बेचने की कोशिश थी. क्या वाकई ये ज़रुरी था कि झुग्गी के एक बच्चे को गंदे मैले में लोट-पोट होते दिखाया जाए?

Image caption शाइनी आहूजा को बलात्कार के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था

हिरासत में पोलसंकी- उधर ऑस्कर पुरस्कार विजेता हॉलीवुड निर्देशक रोमन पोलंस्की को 2009 में जेल की हवा खानी पड़ी. 1977 में उन्होंने अमरीका में ये आरोप स्वीकार किया था उन्होंने एक नाबालिग़ बच्ची के साथ यौन संबंध बनाए. लेकिन सज़ा सुनाए जाने से पहले ही वो देश छोड़कर भाग गए. उसके बाद वे अमरीका नहीं गए. लेकिन 2009 में जब वे स्विट्ज़रलैंड में एक समारोह में आए तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

फ़ीकी पड़ी शाइनी की चमक-बॉलीवुड को उसको सबसे सनसनीखेज़ ख़बर तब मिली जब अभिनेता शाइनी आहूजा पर उनकी घरेलू नौकरानी ने आरोप लगाया कि शाइनी ने उनके साथ बलात्कार किया है. पुलिसवालों का सहारा लेकर चलते कमज़ोर और शिथिल पड़े शाइनी की तस्वीर हर अख़बार और टेबलॉइड में थी. कई महीनों बाद जाकर उन्हें ज़मानत मिली है.

नेता बने अभिनेता- फ़िल्मी सितारे इस साल न सिर्फ़ बॉक्स ऑफ़िस पर किस्मत आज़माते नज़र आए बल्कि लोकसभा चुनावों में उन्होंने अपनी किस्मत आज़माई. विनोद खन्ना और शेखर सुमन जैसे कई सितारों को हार नसीब हुई तो शत्रुघ्न सिन्हा, चिरंजीवी की किस्मत चमकी. मुन्नाभाई संजय दत्त भी नेतागिरी करते नज़र आए.

राज के जौहर.....राजनीति से दो-चार होने का ‘सौभाग्य’ फ़िल्मकार करण जौहर को भी मिला. उनकी फ़िल्म वेक अप सिड में बॉम्बे की जगह मुंबई शब्द का प्रयोग राज ठाकरे को रास नहीं आया. धमकी आई कि फ़िल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित नहीं होंगे देंगे. फिर क्या था करण जौहर ने तुरंत राज के दरबार में माफ़ीनामा दे डाला. करण के जौहर ने राज के आगे घुटने टेक दिए.

फ़ैशन की दुनिया में सबसे चर्चित रहे भारतीय मूल के डिज़ाइनर आनंद जॉन. उन्हें लॉस एंजेलेस की एक अदालत ने फ़ैशन मॉडल बनने की इच्छुक लड़कियों के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न का दोषी पाए जाने पर 59 साल की सज़ा सुनाई.

डिज़ाइनर शादियाँ

ब्रितानी शो बिग ब्रदर ने शिल्पा शेट्टी को न सिर्फ़ भारत के बाहर मशहूर बनाया बल्कि उन्हें अपने भावी दूल्हे से भी मिलाया. ब्रिटेन में शिल्पा की मुलाकात बिज़नेसमैन राज कुंद्रा से हुई थी.2009 तक आते-आते राज वाकई शिल्पा के दिल पर राज करने लगे. नवंबर में राज कुंद्रा शिल्पा को दुल्हन बना अपने संग ले गए. उनकी रिशेप्न पार्टी में पूरा बॉलीवुड मौजूद था.

अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने भी टिमी नारंग के साथ नवंबर में ब्याह रचाया. अमृता अरोड़ा और आयशा टाकिया ने भी दुल्हन के जोड़े पहने.

'चालीस' के हुए अमिताभ- हिंदी सिनेमा के शहंशाह या कहें कि टेलीविज़न के बिग बॉस अमिताभ बच्चन ने फ़िल्म दुनिया में अपने चालीस साल पूरे किए. 1969 में सात हिंदुस्तानी से फ़िल्मों में क़दम रखने वाला दुबला पतला सा नौजवान आज फ़िल्म जगत का शहंशाह बन चुका है.

अस्सी की हुईं लता - भारत में पाशर्वगायन का पर्याय बन चुकी लता मंगेशकर ने 2009 में अपने जीवन के 80 साल पूरे किए. उन्हें फ़्रांस का सम्मान भी दिया गया.

नवकेतन के 60 साल- साठ बरसे पहले जब भारत खुली हवा में साँस लेना सीख रहा था, उसी दौरान 1949 में देव आनंद ने अपने भाइयों के साथ नवकेतन फ़िल्म बैनर की नींव रखी. इस बैनर ने गाइड, हरे कृष्णा हरे राम जैसी फ़िल्में दी जिन्होंने फ़िल्मों और समाज से जुड़ी कई रूढ़ीवादी रिवायतों की चुनौती दी.

पदमश्री अक्षय कुमार- फ़िल्मी पुरस्कार तो अक्षय कुमार और ऐश्वर्या राय को कई मिले होंगे लेकिन 2009 में दोनों का मिला पद्मश्री पुरस्कार. ऐश्वर्या की हॉलीवुड फ़िल्म द पिंक पेंथर-2 भी 2009 में रिलीज़ हुई. ये बात और है कि फ़िल्म में कब नज़र आईं ठीक से पता भी नहीं चला.

जिन नवोदित फ़िल्मी सितारों ने हिंदी फ़िल्मों में क़दम रखा उनमें प्रमुख रही श्रुति हसन, माही गिल, कालकी, जैकी भगनानी, जैक्लीन फ़र्नेंडिस.

इसके अलावा आमिर-सलमान-शाहरुख़ यानी तीनों खान अभिनेताओं की आपसी प्यार-तकरार भी मीडिया के ज़रिए चलता रहा.

'फ़ाहिद' कपूर के सिक्स पैक, दिल बोले हड़िप्पा में रानी का नया हॉट लुक, पा में अमिताभ का मेकओवर,थ्री इडियट्स के बहरुपिए आमिर के कारनामे, हॉलीवुड में मल्लिका शेक,शाहरुख़ के कंधे की चोट, प्रीति और नेस वाडिया की रुसवाई...ऐसी ही कुछ खट्टी मीठी यादों के साथ ली 2009 ने विदाई.

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