रानी और प्रकाशराज को वी शांताराम अवार्ड

रानी मुखर्जी
Image caption रानी मुखर्जी को 2009 का वी शांताराम सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार मिला है

हिंदी फ़िल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी, तमिल अभिनेता प्रकाशराज और निर्देशक प्रियदर्शन को विभिन्न वर्गों में 2009 के वी शांताराम वार्षिक फ़िल्म पुरस्कार दिए गए हैं.

रानी मुखर्जी को ‘दिल बोले हड़िप्पा’ में उनके रोल के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया. रानी का कहना है कि वी शांताराम अवार्ड मिलना उनके लिए बहुत बड़ी बात है.

वो कहती हैं, “ दिल बोले हड़िप्पा मेरे दिल के बहुत करीब है और इसके लिए मैंने बहुत मेहनत की थी. इसलिए मैं ख़ुश हूं कि मुझे इस फ़िल्म के लिए अवार्ड मिला.”

वी शांताराम अवार्ड्स हर साल भारतीय सिनेमा में सर्वश्रेष्ठ टैलेंट के लिए दिए जाते हैं. राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली तमिल फ़िल्म कांचीवरम को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए गोल्ड अवार्ड मिला. इसी फ़िल्म के लिए प्रकाशराज को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और प्रियदर्शन सर्वश्रेष्ठ निर्देशक चुने गए.

प्रकाशराज भी इस सम्मान को पाने से बहुत ख़ुश थे. प्रकाश ने कहा, “लग रहा है कि अभी सपना देख रहा हूं. दक्षिण में ये बहुत ही सम्मानित और ख़ास पुरस्कार है और इसे पाकर मैं गर्व महसूस कर रहा हूं.”

रेशम के बुनकरों पर बनी फ़िल्म कांचीवरम के लिए प्रकाशराज को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है. उनका कहना है, “ मैं बहुत ही भाग्यशाली हूँ कि मुझे ऐसा रोल मिला. इस रोल के लिए मुझे लगातार सराहना मिल रही है.”

Image caption अपने ज़माने की मशहूर अभिनेत्री संध्या को वी शांताराम पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

फ़िल्म के निर्देशक प्रियदर्शन के लिए ये पुरस्कार कुछ ख़ास है. उनका कहना था, “ये मेरे जीवन का सबसे बेहतरीन क्षण हैं. मैं सत्ताइस सालों से निर्देशन कर रहा हूं लेकिन बतौर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का ये मेरा पहला पुरस्कार है. कांचीवरम के लिए भी मुझे राष्ट्रीय पुरस्कार तो मिला मगर वो सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार था.”

अभिनेत्री नंदिता दास को फ़िल्म फिराक़ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार मिला है. इस मौके पर नंदिता ने कहा, “ मुझे पहले अभिनेत्री के तौर पर वी शांताराम अवार्ड मिला है लेकिन बतौर निर्देशक अपनी पहली फ़िल्म के लिए पुरस्कार मिलना अपनी जगह काफ़ी अहमियत रखता है.”

नंदिता ये भी कहती हैं, “ इस फ़िल्म को दस अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं लेकिन अपने देश, अपने लोगों और ख़ासकर अपनी फ़िल्म इंडस्ट्री से सम्मान मिलने की अहमियत ज़्यादा हो जाती है.”

निर्देशक इम्तियाज़ अली को उनकी इस साल आई फ़िल्म ‘लव आजकल’ के लिए कांस्य पदक मिला.श्यामक डावर को फ़िल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफ़र चुना गया.

इसके अलावा इस मौके पर अपने ज़माने की मशहूर अभिनेत्री संध्या को भी सम्मानित किया गया. वी शांताराम की नवरंग, दो आंखे बारह हाथ, और झनक झनक पायल बाजे जैसी कई फ़िल्मों में संध्या ने मुख्य भूमिका निभाई थी.

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