जैक्सन के डॉक्टर को ज़मानत

माइकल जैक्सन
Image caption जून में माइकल जैक्सन की मौत हो गई थी

माइकल जैक्सन के पूर्व डॉक्टर को अदालत ने ज़मानत पर रिहा कर दिया है, उनके ऊपर जैक्सन की गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है.

डॉक्टर कॉनरैड मरे को 75 हज़ार डॉलर की ज़मानत पर रिहा किया गया, लॉस एंजेलिस की अदालत में उन्होंने ख़ुद को बेकसूर बताया है.

अगर उन्हें दोषी पाया गया तो चार वर्ष तक की सज़ा हो सकती है, इस मामले में उन्हें अप्रैल में दोबारा अदालत में हाज़िर होना है.

डॉक्टर मरे के वकील ने बताया कि वे हमेशा की तरह चिकित्सा के पेशे से जुड़े रहेंगे और लोगों का इलाज करते रहेंगे.

डॉक्टर मरे की एक प्रवक्ता ने बताया कि वे नेवादा में लास वेगास में एक अन्य डॉक्टर की क्लिनिक से काम शुरू करने जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने अपनी क्लिनिक को बंद कर दिया है.

डॉक्टर मरे अपनी ज़मानत की शर्तों के हिसाब से डॉक्टरी पेशे में बने रह सकते हैं लेकिन उन्हें कई दवाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी.

जज ने उन्हें जमानत देते हुए कहा कि "आप किसी भी स्थिति में बेहोश करने वाली दवाएँ लोगों को नहीं देंगे, ख़ास तौर पर प्रोपोफ़ोल. "

डॉक्टर मरे ने माइकल जैक्सन को प्रोपोफोल की सुई दी थी जिसके बाद उनकी मौत हो गई, प्रोपोफोल वह दवा है जो ऑपरेशन से पहले मरीज़ को बेहोश करने के लिए दी जाती है.

डॉक्टर मरे के पास अमरीका के कई प्रांतों में लोगों का इलाज करने का लाइसेंस था, अब कैलिफ़ोर्निया प्रांत के अधिकारी उनके लाइसेंस को रद्द कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं.

पिछले साल 25 जून को पचास वर्षीय माइकल जैक्सन की मौत हो गई थी. माइकल जैक्सन ने कुछ ही महीने पहले डॉक्टर मरे को अपना निजी चिकित्सक नियुक्त किया था.

माइकल जैक्सन लंदन में एक ज़ोरदार शो करने की तैयारी कर रहे थे और थकान की शिकायत होने पर डॉक्टर मरे ने 'अच्छी नींद' के लिए उन्हें प्रोपोफ़ोल का इंजेक्शन दिया था.

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