शाहरुख़ से बहुत कुछ सीखा है:दीपिका

Image caption दीपिका और फ़रहान 'कार्तिक कॉलिक कार्तिक' में एक साथ काम कर रहे हैं.

दीपिका पादुकोण ने पिछले साल हिट फ़िल्म लव आजकल के रूप में सफलता का स्वाद चखा तो 2009 की शुरुआत में आई चांदनी चौक टू चाइना ने उन्हें मायूस किया था. नए साल में उनकी पहली फ़िल्म कार्तिक कॉलिंग कार्तिक रिलीज़ हो रही है.

दीपिका ने शाहरुख़ खान की फ़िल्म ओम शांति ओम से हिंदी फ़िल्मों में क़दम रखा था. अपने पहले कोस्टार से दीपिका ख़ासी प्रभावित हैं.

नई फ़िल्मों, पसंदीदा अभिनेता और बतौर सेलीब्रिटी अपनी ज़िम्मेदारियों के बारे में दीपिका ने बीबीसी से बात की.

नए साल की शुरुआत किन फ़िल्मों के साथ कर रही हैं.

कार्तिक कॉलिंग कार्तिक कुछ ही दिनों बाद रिलीज़ होगी. इसमें मेरे हीरो फ़रहान अख़्तर है. ये रॉमांटिक थ्रिलर है. इसके अलावा हाउज़फुल आएगी जो एक कॉमेडी फ़िल्म है. इसमें मैं अक्षय कुमार के साथ हूँ और इसे साजिद खान निर्देशित कर रहे हैं. मुझे कॉमिक रोल करने का मौका मिला है.

अक्षय कुमार, शाहरुख़ खान, रणबीर कपूर, सैफ़ अली....आपको बड़े नामों के साथ काम करने का मौका मिला है. अगर एक अच्छा एक्टर आपके साथ काम कर रहा है तो कितना फ़र्क पड़ता है आपके काम पर.

किसी जोड़ी को देखकर अगर लोग कहते हैं कि ये हिट जोड़ी है तो मैं इसमें विश्वास नहीं रखती. असली कसौटी तो स्क्रिप्ट ही होती है. अगर कहानी अच्छी है तो सब कुछ अपने आप फिट हो जाता है.

हाँ अलग-अलग अभिनेताओं के साथ काम करना अच्छा अनुभव रहता है. अभी तो बहुत सारे अभिनेताओं के साथ करना बाकी है.

जैसे आमिर, सलमान.....?

हाँ लिस्ट बहुत लंबी है. शाहरुख़ अपने पहले कोस्टार हैं, अभी उनकी फ़िल्म माई नेम इज़ खान रिलीज़ हुई है. उनके बारे में क्या कहेंगी ?

शाहरुख़ से बहुत कुछ सीखा है मैने. जैसे आप उनको टीवी पर या किसी कार्यक्रम पर देखते हैं, असल ज़िंदगी में भी वे ऐसे ही हैं-उर्जावान, ख़ूब मनोरंजन करने वाले, अपने काम के प्रति जुनूनी.

आप सेलीब्रिटी हैं, लोगों के दिमाग़ में अलग छवि होती है एक्टर्स को लेकर. लोगों को लगता है कि आप आम लोगों जैसे नहीं होते. क्या लोगों की ये सोच सही है?

हाँ लोग ऐसा सोचते हैं. पर पहले के ज़माने में शायद ऐसा ज़्यादा होता था. आजकल के सितारे ऐसे नहीं है. हम भी आम लोगों के जैसे ही होते हैं और सामान्य सा जीवन बिताते हैं.

बहुत सारे बच्चे, युवा आपको यूथ आइकन मानते हैं. आप क्या पहनती है, क्या कहती हैं सब पर नज़र रखते हैं. क्या इससे एक अलग तरह की ज़िम्मेदारी का एहसास भी होता है.

सेलीब्रिटी होना अपने में एक ज़िम्मेदारी का काम है क्योंकि जैसे आपने कहा युवा आपका अनुसरण करते हैं. हमें ज़िम्मेदारी से हर काम करना चाहिए.

लेकिन लोगों को ये भी समझना चाहिए कि हम भी इंसान हैं, हमारी भी निजी ज़िंदगी है. कभी-कभी हमें वो काम करने की आज़ादी होनी चाहिए जो हमें पसंद है.

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