फ़िल्ममेकर्स ने सराही 'थैंक्स मां'

बाबा आज़मी, तन्वी आज़मी, इरफ़ान कमल, सतीश कौशिक
Image caption कई फ़िल्ममेकर्स के अलावा सिनेमेटोग्राफर बाबा आज़मी और उनकी पत्नी और अभिनेत्री तन्वी आज़मी भी इस विशेष स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे.

निर्देशक इरफ़ान कमल की पहली फ़िल्म 'थैंक्स मां' की विशेष स्क्रीनिंग के लिए बॉलीवुड के कई दिग्गज फ़िल्ममेकर्स पहुंचे.

ये कहानी 12 साल के एक बेघरबार बच्चे की है जिसे रास्ते में दो साल का एक बच्चा मिलता है. फिर वो कई मुश्किलों का सामना करते हुए इस बच्चे को अपनी मां तक पहुँचाता है.

इरफ़ान कमल इस विषय पर फ़िल्म बनाने के बारे में काफी समय से सोच रहे थे. उन्होंने बीबीसी को बताया, "मैं हमेशा से ही सोचता था कि अगर किसी का बच्चा बिछड़ जाए और वो किसी बेघरबार बच्चे के हाथ लग जाए तो वो उसे उसके मां-बाप तक कैसे पहुंचाएगा. फिर मैंने एक लेख पढ़ा जिसमे मुझे पता चला कि हिंदुस्तान की सड़कों पर करोड़ों बच्चे रहते हैं. तो इस फ़िल्म को बनाने के लिए मैंने और खोज की और इसे एक व्यावसायिक जामा पहनाया." इस फ़िल्म में मुख्य किरदार में दिखेंगे बाल कलाकार शम्स पटेल और साथ ही होंगे आलोक नाथ, रघुबीर यादव, संजय मिश्रा, रणवीर शोरी और थियेटर की जानी-मानी हस्ती बैरी जॉन.

'थैंक्स मां' दुनिया भर में सात फ़िल्म महोत्सवों में दिखाई जा चुकी है और हाल ही में घोषित किये गए 56वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरूस्कार में शम्स पटेल को इसी फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरूस्कार भी मिला है. इस फ़िल्म को देखने कई निर्देशक पहुंचे जिनमें से एक डेविड धवन तो सबको ये फ़िल्म देखने की सलाह देते हैं.

उन्होंने कहा, "थैंक्स मां बहुत ही बेहतरीन फ़िल्म है और सभी कलाकारों ने ख़ासकर बाल कलाकारों ने बख़ूबी अपना किरदार निभाया है. ये फ़िल्म बहुत ही यथार्थवादी और विश्वसनीय है. मैं कहूँगा कि सभी को ये फ़िल्म देखनी चाहिए."

इससे पहले इस विषय पर मीरा नायर की 'सलाम बॉम्बे' और डैनी बॉयल की 'स्लमडॉग मिलियनेयर' भी बन चुकी हैं. लेकिन निर्देशक और अभिनेता सतीश कौशिक मानते हैं कि इस तरह के सामाजिक मुद्दे पर अब तक इससे बेहतर कोई भी फ़िल्म नहीं बनी है.

उन्होंने कहा, "मैं इरफ़ान कमल के निर्देशन को देख कर आश्चर्यचकित हो गया. इरफ़ान ने इस फ़िल्म को बड़े दिल से बनाया है और सही मायनों में भारत को दर्शाया है." 'ख़ूबसूरत', 'क्या दिल ने कहा' और 'मान गए मुग़ल-ए-आज़म' जैसी फ़िल्मों का निर्देशन कर चुके संजय छैल का कहना है कि हर तरह से ये फ़िल्म बहुत ही बेहतरीन है. वो कहते हैं, "मैंने पिछले कई सालों में इस तरह की फ़िल्म नहीं देखी है. फ़िल्म की स्क्रिप्ट, कलाकारों का अभिनय, सिनेमेटोग्राफ़ी और जिस तरह से इस सामाजिक मुद्दे को दर्शाया है वो लाजवाब है."

'थैंक्स मां' मार्च 2010 में रिलीज़ होगी.

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