होली पर अमरीका में रंगों की बौछार

वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में होली
Image caption भारतीय छात्र होली मनाने की तैयारी तीन महीने पहले ही शुरू कर देते हैं.

होली को मौज-मस्ती और उल्लास का त्योहार है. रंगों के त्योहार होली का अमरीका में अपना एक अलग ही रंग है.

भारतीय-अमरीकी छात्र या अमरीका में पढ़ रहे भारतीय मूल के छात्रों ने भारत में अपने शिक्षण संस्थानों में भले ही होली न खेली हो, लेकिन अमरीका के वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्र हर साल होली खेलते हैं.

भारतीय छात्रों का संगठन इस अवसर पर न सिर्फ़ भारतीय बल्कि अमरीकी और अन्य देशों के विद्यार्थियों को भी इसके लिए आमंत्रित करता है.

होली को लेकर छात्रों में उत्साह का पता इससे ही चल जाता है कि छात्र क़रीब 22 हज़ार गुब्बारों में रंग भरते हैं और इस काम में क़रीब तीन महीने का समय लगता है.

यही वहज है कि अमरीकी छात्रों के लिए आज रंग, अबीर, गुलाल जैसे शब्द अपरिचित नहीं रह गए हैं.

सामाजिक संदेश

होली के दिन छात्र जब एक बड़े मैदान में जमा होते हैं तो ऐसा लगता है कि हम किसी भारतीय सामाजिक समारोह में पहुँच गए हैं. जिस तरह सबके कपड़ों पर लाल, गुलाबी, नीला, और पीले दिखाई देते हैं, उसी तरह यहाँ कि होली में गोरे, काले और भूरे का भेद भी मिट जाता है.

अमरीकी होली के आयोजन से एक और चीज़ जुड़ी है, वह है संगीत. इसके बिना अमरीकी होली की कल्पना भी नहीं की जा सकती.

होली के दिन हर तरफ़ आप को फ़िल्म 'शोले' का गीत 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं' या फ़िल्म 'सिलसिला' का गाना 'रंग बरसे भीगे चुनर वाली रंग बरसे' हो या फिर 'बागबान' के 'होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा' की धुनों पर देसी-विदेशी छात्रों एक साथ थिरकते नज़र आते हैं.

होली की तैयारी छात्र जनवरी से ही शुरू कर देते हैं. इसकी शुरुआत होती है, ग़ुब्बारों में रंग भरने से. यह सिलसिला होली के दिन तक चलता रहता है.

बुरा न मानो होली है

सभी छात्र कुछ समय निकाल कर रोज़ ग़ुब्बारों में रंग भरते हैं.

होली खेलने से पहले कई हज़ार गुब्बारों में पानी और रंग भर कर उन्हें टबों में भर दिया जाता है.

इसके बाद होली की पृष्ठभूमि की संक्षिप्त जानकारी देकर छात्र एक-दूसरे पर रंग भरे ग़ुब्बारे फेंक कर होली खेलना शुरू कर दते हैं.

ग़ुब्बारे के लिए छात्र-छात्राएँ एक-दूसरे के टब की ओर भागते हैं. रंगीन पानी से भरे गुब्बारे एक-दूसरे पर फेंकने के साथ होली की मस्ती शुरू होती है जो बाद में एक दूसरे को गीली-मिट्टी में पटकने तक चलती है.

विश्वविद्यालय के एक अमेरिकी छात्र लौरेन का मानना है कि इस तरह सामाजिक और सांस्कृतिक त्योहारों के उत्साहपूर्वक आयोजन से यहाँ के लोगों ख़ासकर छात्रों को दक्षिण एशियाई लोगों के साथ ज़्यादा मेल-मिलाप का मौक़ा मिलता है.

भारत की साख

लोगों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख से भी अमरीका में भारतीय भाषा और संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है.

उनका कहना है कि भारत लगातार एक आर्थिक शक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है. ऐसे में कोई भी देश उसकी अनदेखी नहीं कर सकता.

जहाँ भारतीय मूल के छात्र इस मौक़े का इस्तेमाल आपसी परिचय को मज़बूत करने के लिए करते हैं, वहीं अन्य देशों के छात्रों को इस भारतीय त्योहार से रूबरू होने का मौक़ा मिलता है.

वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में पढ़ रहे भारतीय मूल के छात्र इस बात से ख़ुश रहते हैं कि अमरीका में होने के बाद भी उन्हें होली खेलने के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति और परंपरा को दूसरों तक सफलतापूर्वक पहुंचाने का मौक़ा भी मिलता है.

जोएल नाम के एक अमरीकी छात्र ने उत्साह के साथ अपने दोस्त के गाल पर रंग लगाते हुए कहा कि "बुरा न मानो आज होली है", छात्र मुस्कुराते हुए "नो प्रॉब्लम" कहते हुए आगे बढ़ गए.

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