बालिका वधू बाल विवाह के सख़्त ख़िलाफ़

Image caption बालिका वधू धारावाहिक में बाल विवाह का मुद्दा उठाया गया है

महिलाओं से जुड़े ऐसे कई मुद्दें हैं जिन्हें लेकर समाज में रूढ़ीवादी सोच आज भी बनी हुई है. क़ानून के बावजूद भारत में कई जगह बाल विवाह की प्रथा है.

टेलीविज़न पर आने वाले मशहूर धारावाहिक बालिका वधू में इसी मुद्दे को उजागर किया गया है. इसमें 12 साल की अविका गौर एक ऐसी बच्ची की भूमिका में है जिसका बाल विवाह हो जाता है.

बीबीसी ने अविका से विशेष बातचीत की जिसमें उन्होंने बाल विवाह, एक्टिंग के अपने जुनून और ब्लॉगिंग जैसे मुद्दों पर बात की.

आपने बहुत कम उम्र से काम करना शुरु कर दिया है. जब आपको पता चला कि बालिका वधू में बाल विवाह का मुद्दा है तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी. आपको पता था कि बाल विवाह क्या है?

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

थोड़ा बहुत अंदाज़ा था. जब हमने कहानी सुनी थी तो दरअसल हम समझ नहीं पा रहे था कि लोग इस तरह के धारावाहिक को सकारात्मक तौर पर लेंगे या लोगों की प्रतिक्रिया नकारात्मक होगी. लेकिन मुझे खुशी है कि लोगों ने इसे पॉज़िटिव तरीके से लिया.

आप मुंबई में रहती हैं. शहरों मे तो आमतौर पर बाल विवाह जैसी समस्या नहीं होती लेकिन बालिका वधू धारावाहिक करने के दौरान आपको मौका मिला ये जानने क्या कि जिन बच्चों का बाल विवाह हो जाता है, वो किन मुशकिलों से गुज़रते हैं?

हाँ. धारावाहिक में आनंदी नौ साल की थी जब उसका ब्याह हो गया. इसके बाद आनंदी की पढ़ाई छूट गई जो मेरे हिसाब से बहुत ज़रूरी होती है. उसे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा. उसे घर पर बिठा दिया गया. बहुत कुछ हुआ आनंदी के साथ.

ये अगर किसी के साथ हो रहा है तो ये बहुत बुरी बात है. मुझे लगता है कि बाल विवाह नहीं होना चाहिए. वैसे इस धारावाहिक के ज़रिए मुझे अपना हुनर दिखाने का मौका ज़रुर मिला. बहुत गहराई है इस रोल में.

आपने बहुत अच्छी बात कही कि पढ़ाई बहुत ज़रूरी होती है. आप तो रोज़ सिरीयल की शूटिंग करती हैं, स्कूल भी जाती हैं. इंटरव्यू के लिए भी वक़्त निकालना पड़ता है. कैसे करती हैं ये सब?

मैं सुबह पहले स्कूल जाती हूँ और फिर शूटिंग के लिए. शूटिंग के बाद मैं ट्यूशन पढ़ने जाती हूँ

स्कूल में तो सब जानते होंगे आपको. बच्चों का और शिक्षकों का ख़ूब प्यार मिलता होगा?

हाँ बिल्कुल. सब बच्चे मुझे अलग-अलग नामों से बुलाते हैं-चूहिया, लाडो, बिंदनी..वो सब नाम जो सिरीयल में मेरे हैं. सब टीचर मुझे पूछते रहे हैं कि क्या होगा आगे..

तो सबको उत्सुकता रहती है. अच्छा एक्टिंग करने का शौक क्या से आया आपको?

दरअसल मुझे डांस बहुत पसंद है. मैं डांस की वजह से ही एक्टिंग में आई. मैने ऑडिशन दिए और मुझे चुन लिया गया.

आपको लगता है कि बालिका वधू जैसे सिरीयल से लोगों में कुछ जागरुकता आएगी कि बाल विवाह ग़लत है?

मैने सुना है कि राजस्थान के जोधपुर में एक बच्ची का बाल विवाह हो रहा था और उसने मना कर दिया था वो शादी नहीं करेगी. उसने अपने शिक्षकों को बता दिया था कि उसकी शादी कराने की कोशिश की जा रही है. अगर ऐसा हो रहा है तो बहुत अच्छा है.

वहाँ पर एक कार्यक्रम होता है अक्खा तीज जहाँ कई सारे बाल विवाह होते हैं. मैं पिछले साल वहाँ गई थी- कार्यक्रम से एक हफ्ते पहले. बहुत से लोगों ने मुझसे वादा किया था कि वे बाल विवाह नहीं करेंगे और होने भी नहीं देंगे.

अच्छा शूटिंग और पढ़ाई के अलावा आप ब्लॉग भी लिखती हैं. मैने पढ़ा आपका ब्लॉग और अच्छा भी लगा. तो ये बात दिमाग़ में कैसे आई?

मैने देखा कि आमिर खान से लेकर अमिताभ बच्चन तक सब लोगों का ब्लॉग है. मैं रोज़ देखती थी कि ये लोग अपने ब्लॉग में क्या-क्या लिखते हैं. मेरी रुचि देखकर पापा ने पूछा कि क्या मुझे भी ब्लॉग बनाना है तो मैंने कहा क्यों नहीं. मैने सोचा बहुत मज़ा आएगा. इस तरह मैने ब्लॉग बना लिया और बहुत सारी दिलचस्प चीज़ें लिखीं. इनमें से कुछ चीज़ें ऐसी हैं जो मेरे बारे में लोगों को पता भी नहीं थी. बहुत अच्छी प्रतिक्रिया आई और लोगों ने कहा कि अच्छा लिखा है- जैसे आपने कहा.

कितना समय बिताती हैं इंटरनेट पर- ब्लॉगिंग में. बहुत सारे बच्चे आजकल फ़ेसबुक वगैरह पर जाते हैं.

मैं केवल 20 मिनट रोज़ बिताती हूँ.

आप तो बहुत अच्छी बच्ची है वरना स्कूल जाने वाले बच्चे आजकल घंटों बिताते हैं इंटरनेट पर और डाँट भी पड़ती है.

हाँ हाँ आई एम ए गुड गर्ल, मैं बहुत अच्छी बच्ची हूँ.

छोटी सी अविका जब बड़ी हो जाएँगी तो क्या बनना चाहती हैं?

मेरा एक ही लक्ष्य है- मैं मिस यूनिवर्स बनना चाहती हूँ.

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