क्या दर्शकों को रोक पाएगी 'रोक'

तनुश्री दत्ता
Image caption तनुश्री दत्ता और उदिता गोस्वामी हॉरर फ़िल्म रोक में एक साथ काम कर रही हैं.

हाल ही में रिलीज़ हुई ‘क्लिक’ के बाद दर्शकों को डराने के लिए एक और हॉरर फ़िल्म ‘रोक’पांच मार्च को सिनेमाघरों में पहुंच रही है.

फ़िल्म में मुख्य भूमिकाओं में तनुश्री दत्ता, उदिता गोस्वामी, सचिन खेडेकर, शाद रंधावा और निशिगंधा वाड हैं और इसका निर्देशन किया है राजेश रनशिंगे ने.

अपने किरदार के बारे में तनुश्री कहती हैं, “मैं एक ऐसी लड़की का रोल कर रही हूं जो अपने परिवार के विरोध के बावजूद एक बड़ी उम्र के विधुर के साथ शादी करती है. शुरु में मेरा किरदार किसी भी और नवविवाहित लड़की की ही तरह है. लेकिन धीरे-धीरे उसकी ज़िंदगी में और उसके साथ अजीब सी बातें होने लगती हैं जिसकी वजह से उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगती है.”

तनुश्री की छोटी बहन के रोल में उदिता गोस्वामी हैं.

उदिता कहती हैं, “मेरे किरदार का नाम अहाना है जो दिल्ली में एमबीए कर रही है. मुझे एक दिन फ़ोन आता है कि मेरी बड़ी बहन ग़ायब हो गई है. मैं अपनी मां से वादा करती हूं कि मैं उसे ज़रुर ढूंढूगी. तो ये फ़िल्म अहाना के सफ़र के बारे में है कि कैसे वो इस रहस्य को सुलझाती है.”

उदिता कहती हैं, “मैं पहली बार बहुत सादे, कम से कम या कहें कि बिना मेकअप लुक में हूं.”

पहली बार हॉरर फ़िल्म में काम कर रहीं तनुश्री दत्ता कहती हैं, “मैं हमेशा ही हॉरर फ़िल्म करना चाहती थी. फ़िल्म में मेरे अंदर एक आत्मा आ जाती है."

तनुश्री आगे कहती हैं, "शूटिंग के दौरान मुझे समझ आया कि ये इतना आसान नहीं है क्योंकि असली ज़िंदगी में तो ऐसा कोई अनुभव नहीं था. मैं कैसे डरने की एक्टिंग करुं, ये मेरे लिए मुश्किल था. लेकिन मुझमें बचपन से ही सुपरनैचुरल के प्रति उत्सुक्ता रही है और मैंने ऐसी कई चाइनीज़, कोरियन और जापानी, हिंदी और इंग्लिश फ़िल्में देखी हैं. इससे मुझे ‘रोक’ करने में मदद भी मिली.”

उदिता गोस्वामी कहती हैं कि हालांकि वो भूतों में विश्वास नहीं करती लेकिन भूतों से डरती हैं.

उदिता कहती हैं, “शूटिंग के दौरान डर नहीं लगा क्योंकि पता था कि हम क्या कर रहे हैं. मैं चोर-डाकू से लड़ सकती हूं लेकिन भूतों से डरती हूं.”

ज़्यादातर हॉरर फ़िल्में दर्शकों को डरा नहीं पातीं लेकिन उदिता गोस्वामी और तनुश्री दत्ता को यकीन है कि इस फ़िल्म में लोगों को डर लगेगा.

तनुश्री का कहना है, “जब मैं इस फ़िल्म का ट्रायल शो देख रही थी तो हॉल में कुछ ऐसे भी लोग थे जो फ़िल्म से जुड़े नहीं थे, उनकी प्रतिक्रिया से साफ़ लग रहा था कि उन्हें डर लग रहा है. तो मैं तो दर्शकों को यही सलाह दूंगी कि जब पिक्चर देखने जाएं तो किसी को अपने साथ लेकर जाएं.”

तो ये देखना दिलचस्प होगा कि फ़िल्म ‘रोक’ दर्शकों को सिनेमाघरों में कितना रोक पाती है.

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