नए निर्माता अरशद को आईपीएल का डर

मुन्नाभाई के सर्किट से लेकर इश्कियाँ के बब्बन तक अरशद वारसी के करियर में कई मोड़ आए हैं. अब अभिनेता अरशद निर्माता भी बन गए हैं. उनके निर्माण तले फ़िल्म 'हम तुम और घोस्ट' रिलीज़ होने जा रही है.

अरशद ख़ुद को दिलदार निर्माता मानते हैं. आईपीएल के दौरान रिलीज़ होने वाली अपनी फिल्म को लेकर वे थोड़े आशंकित ज़रूर हैं. बीबीसी ने उनसे विशेष बातचीत की.

इस साल की शुरुआत आपने फ़िल्म इश्कियाँ से की और काफ़ी तारीफ़ हुई है आपकी. अब तक के करियर के उतार-चढ़ाव को किस तरह से देखते हैं.

उतार-चढ़ाव तो होना ही चाहिए. ज़िंदगी में अगर पूरी तरह स्थायित्व आ जाए तो मज़ा ही क्या, थोड़ा ऊपर-नीचे होना चाहिए. हर तरह के हालात से इंसान सीखता है और मैं भी वैसा ही हूँ. कभी हारने से डरना नहीं चाहिए.

अगर इंसान हारने से डर जाए तो वो कोशिश करना छोड़ देता है. जैसे अब मैं पहली बार निर्माता बना हूँ. मेरी फ़िल्म लोगों को पसंद आए तो बहुत अच्छी बात है और नहीं भी आई तो फिर कोशिश करेंगे.

अभिनय से आप निर्माण के क्षेत्र में उतरे हैं. आपने फ़िल्म ‘हम तुम और घोस्ट’ का निर्माण किया है.पर्दे के पीछे का अनुभव कैसा रहा?

अरे मत पूछिए. मेरी फ़िल्म की हीरोइन दिया मिर्ज़ा मुझसे अकसर कहती हैं कि अगर मैं ऐसे ही फ़िल्मों का निर्माण करता रहा तो जल्द ही मुझे लोटा लेकर बाहर भीख माँगनी पड़ेगी क्योंकि मैं पैसे बहुत ख़र्च करता हूँ. मैं कहूँगा कि मैं बहुत ही बुरा बिज़नेसमैन हूँ लेकिन अच्छा प्रोड्यूसर हूँ.

मुझे लगता है कि प्रोड्यूसर को दिलदार होना ही चाहिए- ऐसा जो अपनी फ़िल्म पर ख़र्चा करे, जो कलाकारों का पूरा ख़्याल रखे. बिज़नेस के नज़रिए से शायद ये ठीक नहीं है. पर मेरा मानना है कि इंसान पैसे कमा सकता है लेकिन दोस्त और इज़्ज़त कमाने में वक़्त लगता है, वो नहीं गंवाना चाहिए. पैसों का भले ही नुकसान हो जाए फ़र्क नहीं पड़ता, फिर कमा लेंगे.

मुश्किल है निर्माता का रोल निभाना?

बहुत मुश्किल काम है ये. ऐसे-ऐसे लोगों को झेलना पड़ता है जिन्हें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आप आस-पास भी फटकने नहीं देंगे. पर क्या करें, करना पड़ता है.

आईपीएल का बुख़ार चल रहा है. ऐसे में आप आशंकित है अपनी फ़िल्म के रिलीज़ को लेकर.

कुछ कहा नहीं जा सकता. स्टूडियो-18 ने फ़ैसला किया है कि फ़िल्म मार्च में ही रिलीज़ होगी. कुछ सोच समझकर ही ऐसा किया होगा उन्होंने. पर मुझे तो डर लग रहा है. कहीं न कहीं असर तो पड़ता ही है.

आपकी फ़िल्म में बोमन ईरानी हैं. उनके साथ मुन्नाभाई सिरीज़ में काफ़ी अच्छा तालमेल रहा है आपका.

इस बार कुछ अलग कैमिस्ट्री बनी है हम दोनों के बीच. उनके साथ काम करने में मज़ा आता है. अजीब-अजीब किस्से होते रहते हैं. जैसे फ़िल्म की शूटिंग से पहले बाहर लाउडस्पीकर के ज़रिए घोषणा करवानी पड़ती थी कि लोग बोमन ईरानी की ओर न देखें, उन्हें नज़रअंदाज़ कर दें क्योंकि फ़िल्म में वे भूत बने हैं.

अभिनेता और निर्माता अरशद निर्देशन भी करना चाहेंगे?

क्यों नहीं. ख़्याल तो है मन में. अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल या उससे अगले साल निर्देशन करूँगा.

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