कन्या भ्रूण हत्याओं के ख़िलाफ़ प्रियंका

Image caption प्रियंका चोपड़ा कन्या भ्रूण हत्या के ख़िलाफ़ मुहिम से जुड़ गई हैं

हिंदी फ़िल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रियंका चोपड़ा कहती हैं कि ये एक भ्रांति है कि कन्या भ्रूण की हत्या सिर्फ़ ग्रामीण इलाकों में होती है.

प्रियंका कहती हैं, "मुझे ये जानकर हैरानी हुई थी कि ये शहरों में भी बहुत प्रचलित है.”

ये बातें प्रियंका ने हाल ही में अपने पिता अशोक चोपड़ा की पहली म्यूज़िकल एलबम के लॉच के मौके पर कहीं. ये लॉंच, लड़कियों की स्थिति में सुधार के लिए काम कर रही एक चैरिटेबल संस्था सन फ़ाउंडेशन, के सहयोग से हुआ.

प्रियंका अब कन्या भ्रूण की हत्याओं के ख़िलाफ़ मुहिम से जुड़ गई हैं.

वो कहती हैं, ''हम ये बात सुनते हैं कि लड़की भी लड़के जितनी ही अनमोल होती है. लेकिन भारत में जैसे ही डॉक्टर कन्या के जन्म की ख़बर देते हैं, उस बच्चे का भविष्य तय हो जाता है. लड़कियों के पालन-पोषण के बारे में लोगों की अलग तरह की धारणा होती है, कुछ लोग सोचते हैं कि लड़कियों को लड़कों की तरह पढ़ाने-लिखाने की ज़रुरत नहीं है.''

प्रियंका कहती हैं,''मां-बाप को विश्वास होना चाहिए कि लड़की लड़के के बराबर है बल्कि उससे बेहतर हो सकती है. ये सोच ग़लत है कि लड़की तो आपकी दुनिया छोड़ कर दूसरे घर जाना है, तो उसे पैदा करने का क्या फ़ायदा.''

प्रियंका कहती हैं, “मैं सोचती हूं कि क्या होता अगर मेरे मां-बाप मुझे पैदा करना नहीं चाहते, आज मैं यहां नहीं होती, मैं वो सब नहीं होती जो आज हूं. लेकिन मेरे मां-बाप को यकीन था कि मैं जो भी करना चाहूंगी, कर सकूंगी. इसके लिए मैं अपने मां-बाप को धन्यवाद देना चाहती हूं.”

अपने पिता की इस उपलब्धि पर प्रियंका ने कहा, "मैंने जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है, उस दौरान मेरे पिता ने मुझे बढ़ावा दिया, उन्होंने मेरे लिए ताली बजाई है या रोए हैं और आज मैं ऐसा महसूस कर रही हूं. मेरे पिता की एलबम का लॉंच मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण है.''

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