तन और मन दोनों की सुंदरता ज़रुरी

सुष्मिता सेन
Image caption सुष्मिता सेन इन दिनों आगामी मिस युनिवर्स प्रतियोगिता के लिए भारतीय प्रतिनिधि चुन रही हैं.

पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन का मानना है कि इंसान के लिए तन और मन दोनों की सुंदरता ज़रुरी है. दोनों के सही संतुलन से ही कोई सफल हो सकता है.

सुष्मिता मानती हैं कि इंसान को दिल इसलिए दिया गया है कि वो महसूस कर सके और दिमाग़ इसलिए मिला है ताकि वो सही सोच सके. जब दिल की महसूस हो, बात को दिमाग़ ठीक से सोच पाए और इन दोनों का संतुलन हो, तभी बात बनती है.

मगर सुष्मिता ये भी कहती हैं कि जब भी आपकी ज़िंदगी में ऐसा क्षण आए तो अपने दिल की बात पर भरोसा करके आगे बढ़ना चाहिए.

सुष्मिता इन दिनों आगामी मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत की तरफ़ से हिस्सा लेने वाली लड़कियों को चुनने और उन्हें उस मंच तक पहुंचने के लायक बनाने के लिए कमर कस चुकी हैं. उन्होंने 'आई एम शी' फ़ाउन्डेशन के तहत ऐसी लड़कियों की तलाश का काम भी शुरु कर दिया है.

जिन लड़कियों को सुष्मिता इस विश्वस्तरीय प्रतियोगिता के लिए तैयार करने वाली हैं उनमें किन गुणों का होना जरुरी है.

इस बारे में वो कहती हैं, " इस प्लेटफ़ॉर्म के द्वारा मुझे ऐसी प्रतियोगी की तलाश है जो इक्कीसवीं सदी का प्रतिनिधित्व करे और जिसकी पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि हो. जो भी इस प्रतियोगिता की विजेता होगी उसे ढेर सारे ग्लैमरस उपहारों के अलावा पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप भी दी जाएगी ताकि वो अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर सके. ये पढ़ाई मेरागोनिक फैशन इंस्टीट्यूट, मिलान और न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी में कर सकती हैं."

सुष्मिता आगे बताती हैं, "ये पहली बार है जब कि ऐसे स्कॉलरशिप किसी दूसरे देश,इटली, द्वारा दी जा रही हैं और उनका पढ़ना लिखना और उनका रहना,खाना पीना सब वो ही करेगा जो कि अपने आप में बेमिसाल है. कैरिअर के लिहाज़ से अगर बात करें तो ये प्रतियोगिता जीतने के बाद वो तमाम क्षेत्रों में जा सकती हैं जैसे कि बॉलीवुड,पोलिटिकल एनॉलिस्ट,डाक्टर,वकील वगैरह."

सुष्मिता सेन की इस कोशिश में अब उनके साथ फिल्म अभिनेता विवेक ओबरॉय भी जुड़ चुके हैं और वो बहुत जल्द ही वो एक आश्रम वृंदावन जिससे विवेक जुड़े हैं, उस का दौरा करने वाली हैं जहां वो इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की इच्छुक कई लड़कियों का साक्षात्कार करेंगी.

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