सलमान की कहानी पर फ़िल्म

सलमान पर दुर्लभ प्रजाति के हिरणों के शिकार का मामला चल रहा है.

मुंबई के एक फ़िल्म निर्माता को बॉलीवुड स्टार सलमान ख़ान के जोधपुर जेल में बिताए लम्हों पर फ़िल्म बनाने का विचार बहुत भाया.

वो इसे क़ैदी नंबर-210 शीर्षक के नाम से दर्शकों के सामने रखना चाहते हैं.

फ़िल्म बनाने वाले समूह ने इसके लिए जोधपुर जेल का दौरा किया और अधिकारिओ से संपर्क साधा है.

सलमान वन्य प्राणियों के कथित शिकार के सिलसिले में दो बार जोधपुर जेल में बतौर बंदी वक्त काट चुके है.

शिकार के आरोप में जब उन्हें सजा सुनाई गई और जेल में रखा गया, तो उन्हें कैदी के बतौर जेल नियमो में '210' नंबर का पहचान अंक मिला.

जोधपुर जेल के एक अधिकारी ने बीबीसी से बातचीत में पुष्टि की है कि फ़िल्म निर्माण से जुड़े लोगों ने जेल आकर उनसे मुलाकत की और फ़िल्म के लिए जगह पर विचार किया.

इनमे क्रिकेट खिलाडी रहे संदीप पाटिल के बेटे चिराग पाटिल भी थे. चिराग इस क़ैदी नंबर 210 में एक अहम किरदार अदा करना चाहते है.

सलमान के अनुभव

ये फिल्म सलमान के उन खट्टे- मीठे अनुभवों पर आधारित होगी जो जेल की सलाखों के भीतर बिताए गए हैं.

सलमान के साथ उस बैरक में एक क़ैदी महेश को रखा गया था.

फ़िल्म बनाने के इच्छुक दल के लोग महेश से मिल चुके है ताकि फ़िल्म वास्तविकता के क़रीब लगे.

सलमान पर दुर्लभ प्रजाति के हिरणों के शिकार का आरोप है.वे इन आरोपों को ग़लत बताते रहे है.

अभियोजन पक्ष ने सलमान पर 1998 में हिंदी फिल्म हम साथ साथ है की शूटिंग के दौरान जोधपुर में वन्य प्राणियों के शिकार का आरोप लगया है.

जानकारी मिली है की ये फिल्म निर्माता जोधपुर में उन स्थानों का दौरा कर रहे है जो फ़िल्म निर्माण के लिए बेहतर साबित हो सके.

सलमान ने अब तक प्यार, मोहब्बत, इतिहास और ऐसे कितने ही किरदारों को अभिनीत किया होगा पर अब कोई उनके किरदार पर ही फ़िल्म बना रहा है.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.