फिर जलवा बिखेरेंगे दर्शील सफारी

ज़िया वस्तानी और दर्शील सफ़ारी
Image caption 'तारे ज़मीं पर' के बाद बाल कलाकार दर्शील सफ़ारी की अगली फ़िल्म निर्देशक प्रियदर्शन की 'बम बम बोले' है.

अपनी पहली फ़िल्म 'तारे ज़मीं पर' में डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चे का किरदार निभाकर लोगों के दिलों में जगह बना चुके बाल कलाकार दर्शील सफ़ारी जल्द ही अपनी दूसरी फ़िल्म ‘बम बम बोले’ के साथ आ रहे हैं. इस फिल्म का निर्देशन किया है जाने माने निर्देशक प्रियदर्शन ने.

ये फ़िल्म जाने माने निर्देशक मजीद मजीदी की ईरानी फिल्म ‘चिल्ड्रन ऑफ हेवन’ का भारतीय संस्करण है.’चिल्ड्रन ऑफ हेवन’ ऑस्कर पुरस्कारों की विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म की श्रेणी में नामांकित हो चुकी है.

प्रियदर्शन निर्देशित फ़िल्म 'बम बम बोले' में अतुल कुलकर्णी, ऋतुपर्णा सेनगुप्ता और बाल कलाकार ज़िया वस्तानी ने भी अभिनय किया है.

दर्शील ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "मुझे इस फ़िल्म में काम करके काफ़ी मज़ा आया. मैने प्रियदर्शन सर की पहले कई फिल्में देखी हैं और मुझे उनमें से 'दे दना दन' बहुत ज्यादा पसंद है."

फ़िल्म

'बम बम बोले' भाई-बहन के रिश्ते की एक अनूठी कहानी है. ये फ़िल्म दोनों बच्चों के जीवन में आई एक दुविधा से निकलने के लिए की गई जद्दोजहद दर्शाती है.

दर्शील अपनी पहली फ़िल्म 'तारे ज़मीं पर' के किरदार को अब ज़्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं मानते. वो कहते हैं, " 'तारे ज़मीन पर' का किरदार मेरे लिए उतना चुनौतीपूर्ण नहीं था. बल्कि मैं आम जीवन में भी वैसा ही हूं इसलिए वो किरदार निभाना मेरे लिए आसान था. हां, 'बम बम बोले' में मुझे थोड़ी मेहनत ज़रुर करनी पड़ी."

ये पूछे जाने पर कि इस नई फ़िल्म में लोगों को क्या पसंद आएगा, दर्शील कहते हैं, "मेरे जितने प्रसंशक हैं जिन्होंने 'तारे ज़मीन पर' में मेरे अभिनय को सराहा है, उन्हें इस फ़िल्म को भी देखने में बड़ा मज़ा आएगा."

वैसे ऐक्टिंग के अलावा दर्शील को नृत्य करना,फ़ुटबॉल खेलना और अच्छा संगीत सुनना भी बहुत भाता है.

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