कान महोत्सव में छाई थाई फ़िल्म

अपीचातपॉन्ग वीरासेताकुल
Image caption अपिचातपॉन्ग वीरासेताकुल पहले भी कान्स में पुरस्कार पा चुके हैं, हांलाकि सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए ये उनका पहला पुरस्कार है.

कान फ़िल्म समारोह में थाइलैंड की फ़िल्म ‘अंकल बोनमी हू कैन रिकॉल हिज़ पास्ट लाइव्स’ को ‘पाम ड’ओर’ से सम्मानित किया गया है. ‘पाम ड’ओर’ कान समारोह का सबसे बड़ा पुरस्कार होता है.

इस फ़िल्म के निर्देशक अपिचातपॉन्ग वीरासेताकुल हैं. अमरीकी निर्देशक टिम बर्टन की अध्यक्षता में कान फ़िल्म समारोह की ज्यूरी ने 19 फ़िल्में में से थाइलैंड की फ़िल्म ‘अंकल बोनमी’ को चुना.

निर्देशक वीरासेताकुल ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए कहा, “इस फ़िल्म को बनाने में ढाई से तीन साल लगे. मेरे लिए यहां आना एक नई दुनिया में आने जैसा है क्योंकि फ़िल्म के निर्माण के दौरान मैंने ज़्यादातर समय फ़िल्म के घने जंगलों में स्थित सेट पर ही बिताया है.”

‘अंकल बोनमी’ की कहानी एक बौद्ध भिक्षु ने लिखी है.

अन्य पुरस्कार

इरानी निर्देशक अब्बास कियारोस्तामी की फ़िल्म ‘सर्टीफ़ाइड कॉपी’ में अभिनय करने वाली फ़्रांसिसी अभिनेत्री जुलिए बिनोशे को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला.

कियारोस्तामी को 1997 में फ़िल्म ‘टेस्ट ऑफ़ चैरी’ के लिए कान समारोह को सर्वोच्च पुरस्कार मिल चुका है.

सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए दो अभिनेताओं के सम्मानित किया गया. ये पुरस्कार संयुक्त रुप से स्पेन के जेवियर बार्देम और इटली के एलियो जर्मानो के नाम रहा.

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सम्मान मैथ्यू अमालरिक को ‘टुअरनी’ नामक फ़िल्म के लिए मिला.

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