नंदी ‘अगेन‘ के साथ फिर कविता जगत में

Image caption प्रितिश नंदी अगेन के साथ फिर बने कवि

जाने-माने लेखक, पत्रकार और फ़िल्म निर्माता प्रितिश नंदी ने अपने बरसों पुराने कविता के शौक को एक बार फिर ताज़ा किया है और अपनी कविताओं की एक पुस्तक बाज़ार में लाए हैं जिसका नाम है - 'अगेन.'

प्रितिश कहते हैं की कविताओं का शौक उन्हें बचपन से रहा है, बल्कि अपनी कविताओं की पहली पुस्तक तो उन्होने 16 साल की उम्र में ही लिख डाली थी. लेकिन युवा अवस्था में ही वो पत्रकारिता से जुड़ गए. फिर फिल्में और दूसरी चीज़ों ने उन्हें व्यस्त रखा. इतने साल बाद दोबारा कविताएँ लिखने कि वजह से ही उन्होंने इस किताब का नाम 'अगेन' रखा है, जिसका हिन्दी में मतलब है दोबारा.

बुक लौंच के मौक़े पर मौजूद थे कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जाने-माने लेखक चेतन भगत और फ़िल्मी जगत की कुछ जानी-मानी हस्तियाँ जैसे ऐश्वर्या राय बच्चन, अनुपम खेर, और गुलज़ार.

प्रितिश नंदी ने ये भी बताया कि ये किताब उन्होंने सिर्फ़ 20 दिनों में लिखी है.

प्रितिश ने बीबीसी को बताया - "अपनी कविताओं या अपनी लेखनी से मैं कभी किसी को किसी प्रकार का संदेश नहीं देना चाहता हूँ क्योंकि मैं केवल अपना जीवन लोगों के साथ बांटने में विश्वास रखता हूँ. हो सकता है कि जो मैं लिखता हूँ उससे पढने वाले को उसके जीवन में कसी तरह कि मदद मिल सके."

प्रितिश मानते हैं कि वो पत्रकारिता, पेंटिंग, टीवी और फ़िल्मों से जुड़े रहे हैं पर इस सब के पीछे उनका खा़स मक़सद जीवन को पूरी तरह से जीना है.

गुलज़ार ने प्रेरित किया

प्रितिश ने बताया कि उन्हें दोबारा कविता लिखने के लिए उनके मित्र और जाने-माने कवि गुलज़ार ने प्रेरित किया. प्रितिश की इस किताब के विमोचन के मौक़े पर मौजूद गुलज़ार ने कहा कि उन्होंने सबसे पहले प्रितिश की कविताओं की एक किताब 70 के दशक में कोलकाता में देखी थी जिसे पढ़कर वो प्रितिश से काफ़ी प्रभावित हुए थे. प्रितिश से जान पहचान बढ़ने पर उन्होंने हमेशा उन्हें दोबारा कविताएं लिखने के लिए कहा.

प्रितिश ने कहा कि उन्हें कई बार उनकी आत्मकथा लिखने के प्रस्ताव भी मिले पर वो ख़ुद को कभी इसके लिए तैयार नहीं कर पाए. हो सकता है कि वो भविष्य में आत्मकथा लिखें भी पर वो चाहेंगे कि वो उनके जीवित रहते न छपे.

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