बॉक्सिंग हीरो विजेन्दर अब फ़िल्मी हीरो

विजेन्दर सिंह
Image caption ओलम्पिक पदक विजेता बॉक्सर विजेन्दर सिंह ने हाल ही में एक फ़िल्म साइन की है.

बॉक्सिंग रिंग में मुक्के बरसाने वाले ओलंपिक पदक विजेता विजेन्दर सिंह अब रुपहले पर्दे पर अपना दम दिखाने के लिए तैयार हैं.

फ़िल्म का नाम ‘पटियाला एक्सप्रैस’ है और इसे पर्सेप्ट लिमिटिड कंपनी बना रही है.

विजेन्दर सिंह से बीबीसी संवाददाता शाश्वती सान्याल ने बात की.

फ़िल्मी पारी

अपनी फ़िल्मी पारी के बारे में विजेन्दर कहते हैं, “मैं ये फ़िल्म बॉक्सिंग को बढ़ावा देने के लिए कर रहा हूं और ये मैं 2011 में करुंगा.”

फ़िल्म की कहानी के बारे में विजेन्दर ने कहा, “फ़िल्म में एक्शन, रोमांस, थोड़ा ड्रामा और मिर्च मसाला होगा. ये पूरी तरह एक बॉक्सर की ज़िंदगी के बारे में होगी.”

इसके अलावा विजेन्दर फ़िल्म के बारे में फ़िलहाल ज़्यादा कुछ बताने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा, “बाकी कास्ट के बारे में आपको कॉमनवैल्थ गेम्स के बाद में बताउंगा.”

फ़िल्मों में काम करने के लिए अपनी तैयारियों के बारे में विजेन्दर कहते हैं, “मैं एक ऑलराउंडर हूं और सभी काम अच्छी तरह से कर लेता हूं. ऐक्टिंग थोड़ी अलग ज़रुर है. मुश्किल तो हर काम होता है चाहे बॉक्सिंग हो या ऐक्टिंग लेकिन उसे करने में मज़ा आना चाहिए. तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है और बॉक्सिंग को बढ़ावा देने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं.”

लेकिन क्या फ़िल्में करने से उनका ध्यान बॉक्सिंग से हट नहीं जाएगा? इस बारे में विजेन्दर कहते हैं, “अगर ध्यान बंटना होता तो शायद बीजिंग ओल्मपिक्स के बाद ही हो जाता क्योंकि उसके बाद मैंने कई नई चीज़े की हैं. मैंने मॉडलिंग की है, शो और कई गेस्ट अपीयरेन्स भी किए हैं.”

वो कहते हैं, “मैं कोई हीरो नहीं हूं और सुपरस्टार नहीं बनना चाहता. मेरा जो काम है मैं उसे कर रहा हूं. फ़िल्म के बाद भी मेरा मुक्केबाज़ी में करियर चालू रहेगा और उसे मैं साथ लेकर चलूंगा. लेकिन फ़िलहाल मेरा पूरा ध्यान और प्राथमिकता कॉमनवैल्थ गेम्स ही है.”

राष्ट्रमंडल खेल

अक्तूबर में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेल होने वाले हैं. इन खेलों के लिए विजेन्दर की तैयारी ज़ोरो-शोरों से चल रही है. विजेन्दर कहते हैं, “अगले महीने मैं ट्रेनिंग और एक प्रतियोगिता के लिए ब्रिटेन जा रहा हूं जिसके बाद रुस में भी एक टूर्नामेंट में भी हिस्सा लूंगा.”

वो आगे कहते हैं, “पिछली बार मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में मुझे रजत पदक मिला था और इस बार मैं स्वर्ण पदक के लिए पूरी कोशिश करुंगा. इस बार खेल देश में हैं और मुझ पर थोड़ा सा ज़्यादा दबाव है क्योंकि लोगों को मुझसे बहुत उम्मीदें हैं. इसलिए मैं ज़्यादा मेहनत कर रहा हूं. मैं अच्छा प्रर्दशन करके लोगों का हीरो बनना चाहता हूं.”

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