शुरु में सिर्फ़ हीरोइन के पीछे भागा हूँ: ऋषि कपूर

ऋषि कपूर
Image caption ऋषि कपूर कहते हैं कि आज उन्हें तरह-तरह के रोल मिल रहे हैं

जाने-माने अभिनेता ऋषि कपूर कहते हैं कि अपने करियर की शुरुआत में वो सिर्फ़ हीरोइन के पीछे ही भागते थे लेकिन आज उन्हें तरह-तरह के रोल मिल रहे हैं.

ऋषि कपूर कहते हैं, “अपने करियर के पहले 25 साल मैंने सिर्फ़ हीरोइनों के पीछे भागने में गुज़ारी और उनके साथ गाने गाए. कभी ऐक्टिंग का मौक़ा नहीं मिला, कभी ऐसे रोल नहीं मिले क्योंकि तब फ़िल्में ऐसी ही होती थीं. लेकिन आज ऐसा नहीं है. पहले मेरी उम्र के अभिनेता रिटायर हो चुके होते थे लेकिन अब मेरी उम्र के अभिनेताओं के लिए रोल लिखे जा रहे हैं जो बहुत अच्छी बात है. आज मुझे काम मिलता है. आज मैं कैरेक्टर ऐक्टर हूं और मैं अपने काम को इन्जॉय कर रहा हूं.”

ऋषि कपूर पिछले दिनों अपनी नई फ़िल्म ‘पटियाला हाउस’ की शूटिंग के लिए लंदन में थे जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की.

ऋषि कपूर ने अपने करियर की शुरुआत फ़िल्म ‘मेरा नाम जोकर’ में बतौर बाल कलाकार की थी. हीरो के तौर पर उनकी पहली फ़िल्म ‘बॉबी’ 1973 में रिलीज़ हुई और एक लंबे समय तक उनकी छवि रोमांटिक हीरो की रही.

ऋषि कहते हैं, “मैंने अपनी शुरुआत मेरा नाम जोकर में बतौर बाल कलाकार की थी, फिर हीरो बन कर रोमांटिक रोल्स किए और आज सिर्फ़ पिता के ही नहीं बल्कि और भी कई तरह के रोल कर रहा हूं. मैं कह सकता हूं कि मेरा ये ऐक्टिंग का सफ़र बहुत ख़ास रहा है.”

वो कहते हैं, “मैं अपने काम पर बहुत गर्व महसूस करता हूँ. किसी भी कलाकार की पहचान एक या दो फ़िल्म से नहीं बल्कि पूरे करियर से होती है. मैं पिछले सैंतीस-अड़तीस साल से काम कर रहा हूं. मैं अपने दर्शकों का शुक्रगुज़ार हूं कि उन्होंने मेरे काम को सराहा है, चाहे वो अच्छा हो या बुरा. और मैं आज भी काम कर रहा हूं.”

इतने सालों के करियर में ऋषि कपूर ने फ़िल्मों में कई बदलाव देखे हैं. लेकिन वो पुरानी और आज की फ़िल्मों की तुलना नहीं करना चाहते.

ऋषि कहते हैं, “फ़िल्में एक आर्ट फ़ॉर्म है इसलिए आप उनका विश्लेषण साधारण तरीके से नहीं कर सकते. हर फ़िल्म की अपनी ख़ासियत और अपनी कमी होती है. पचास के दशक में कहानी प्रधान होती थी. आज शायद हमारे पास कोई कहानी या विषय नहीं है. हम फ़िल्मों को बढ़िया ऐक्टिंग और लोकेशन्स आदि से ऊपरी तौर पर सजाने-संवारने की कोशिश करते हैं.”

ऋषि कपूर और उनकी पत्नी नीतू कपूर सत्तर के दशक में में बेहद लोकप्रिय जोड़ी थी. पिछले साल ये दोनों एक लंबे समय बाद इम्तियाज़ अली की फ़िल्म ‘लव आजकल’ में एक साथ दिखे.

अब ये एक और फ़िल्म 'दो दूनी चार' में भी इकट्ठे नज़र आएंगे. इस बारे में ऋषि कपूर कहते हैं, “नीतू ने 30 साल बाद फ़िल्म में काम किया है. फ़िल्म कम वेतन पाने वाले शिक्षकों के बारे में है. ये दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी है. फ़िल्म इस साल जुलाई या अगस्त में रिलीज़ होगी.”

ऋषि कपूर बॉलीवुड के जाने-माने कपूर खानदान से हैं. ऋषि और नीतू कपूर के बेटे रणबीर कपूर की गिनती आज बॉलीवुड के सफल अभिनेताओं में होती है.

क्या ऋषि ने रणबीर को ऐक्टिंग के बारे में कुछ सिखाया है, इस बारे में ऋषि कहते हैं, “किसी नाम के साथ सिर्फ़ एक सरनेम जुड़ जाने से ही कुछ नहीं होता. हर एक्टर की अपनी विशिष्टता होती है. अगर आज रणबीर की तारीफ़ हो रही है, इसमें मेरा कोई योगदान नहीं है, सब कुछ उसकी क़ाबिलियत की वजह से है.”

तो क्या पत्नी के बाद अब ऋषि बेटे रणबीर के साथ फ़िल्म करेंगे, ऋषि कहते हैं, “हम ज़रुर एक साथ काम करेंगे. लेकिन अब तक जो ऑफ़र मिले हैं वो ऐसे नहीं थे जो हम दोनों को पसंद आएं.”

ऋषि कपूर ने 1999 में आरके बैनर में 'आ अब लौट चलें' नाम की फ़िल्म का निर्देशन किया था. लेकिन फ़िलहाल उनका निर्देशन का इरादा नहीं है.

वो कहते हैं, “मैं ऐसी फ़िल्में नहीं बना सकता जिन पर मुझे यक़ीन नहीं है. वैसे भी पिछले वर्षों में बतौर ऐक्टर बहुत व्यस्त रहा हूं. इसलिए मुझे निर्देशन के लिए समय भी नहीं मिला है. मुझे यक़ीन है कि भविष्य में आरके बैनर के तले फ़िल्म बनेगी लेकिन ये कब होगा इस बारे में मैं अभी नहीं बता सकता.”

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