'स्लमडॉग' के बाद अब 'स्लमब्वॉय'

मोहम्मद अज़हरुद्दीन इस्माइल
Image caption 'स्लमडॉग' में काम कर चुके अज़हरुद्दीन की ज़िंदगी पर किताब

ऑस्कर और गोल्डन ग्लोब पुरस्कार जीत चुकी फ़िल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' में काम कर चुके बाल कलाकार मोहम्मद अज़हरुद्दीन इस्माइल की ज़िंदगी पर लिखी एक किताब जल्द ही भारत में आएगी.

ये किताब फ़्रांसीसी पत्रकार मूसिन इनाईमी ने लिखी है.

पिछले साल 'स्लमब्वॉय' नाम की इस किताब का फ्रेंच संस्करण जारी किया गया था और अब अक्टूबर में इस किताब का अंग्रेजी संस्करण भारत में आएगा.

मूसिन इनाईमी पिछले तीन साल से भारत में हैं. वो कहते हैं ' अज़हरुद्दीन यानि अज़हर की कहानी में अंतरराष्ट्रीय अपील है. ये कहानी बताती है कि लोग कैसे झुग्गियों में अपनी ज़िंदगी बिताते हैं.

साथ ही वो कहते हैं कि 'जब स्लमडॉग मिलियनेयर को गोल्डन ग्लोब मिला, तब मुझे लगा कि मुझे इस फिल्म के बाल कलाकार अज़हरुद्दीन से मिलना चाहिए, मैं उससे मिला, उससे बात की और फिर उस पर एक स्टोरी की.'

जब मूसिन की स्टोरी फ़िल्म के प्रोड्यूसर ने पढ़ी, तो उन्हें वो काफ़ी पसंद आई, और उन्होंने मूसिन से अज़हरुद्दीन की ज़िंदगी पर किताब लिखने को कहा.'

अज़हरुद्दीन की जीवन

'स्लमडॉग मिलियनेयर' में काम करने से पहले मोहम्मद अज़हरुद्दीन मुंबई की एक बेहद ग़रीब झुग्गी बस्ती में अपने परिवार के साथ जीवन बिता रहे थे.

फ़िलहाल वो सांताक्रूज़ इलाके के एक फ्लैट में रहते हैं. वो अपनी ज़िंदगी पर किताब लिखे जाने से बहुत खुश हैं.

अज़हरुद्दीन कहते हैं,'' किताब तो बड़े-बड़े लोगों पर लिखी जाती है, जब मुझे पता चला कि मेरी ज़िंदगी पर किताब लिखी जा रही है, तो मुझे बहुत अच्छा लगा. मैं मीडिया को अपने बारे में ज़्यादा बता नहीं पाया, अब इस किताब को पढ़कर लोग मेरे बारे में जान सकते हैं.''

मूसिन कहते हैं कि ‘अज़हरुद्दीन बहुत ही प्यारा बच्चा है. वो 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के बाद से बड़ा सितारा बन गया है, लेकिन उसे अपनी शिक्षा पर ध्यान देने की ज़रूरत है. वैसे मुझे ये जानकर खुशी हुई कि वो स्कूल जा रहा है.’

किताब में मूसिन ने बताया है कि कैसे लोग झुग्गियों में अपनी ज़िंदगी बिताते हैं.

वो कहते हैं,''झोपड़-पट्टी में रहनेवालों की ज़िंदगी बहुत मुश्किल होती है. ये जानना बहुत दिलचस्प है कि जब बारिश होती है और पूरे घर में पानी टपकता है, तो ऐसे हालातों में ये लोग कैसे रहते हैं. और इन सब मुश्किलों के बावजूद ये लोग कैसे अपने आपको खुश रख पाते हैं.''

संबंधित समाचार